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छत्तीसगढ़ में करंट से चार की दर्दनाक मौत, टीआई और डॉक्टर दंपती भी चपेट में
Korba, CG
छत्तीसगढ़ के सरगुजा, कोरबा और बिलासपुर जिलों में बिजली करंट से जुड़ी चार अलग-अलग घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया।
इन घटनाओं में एक थाना प्रभारी, एक डॉक्टर, एक महिला डॉक्टर और दो आम नागरिकों की जान चली गई। एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। इन हादसों ने न केवल लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासन और बिजली विभाग की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है।
सरगुजा: टीआई की करंट से मौत
सीतापुर थाना क्षेत्र के पैकरा गांव में थाना प्रभारी राम साय (55) छुट्टी पर अपने घर आए थे। पुराने मकान में जरूरी सामान ढूंढते वक्त वे एक नग्न बिजली तार के संपर्क में आ गए। अंधेरे में उन्हें तार नजर नहीं आया और करंट की चपेट में आकर जमीन पर गिर पड़े। उनकी पत्नी ने झाड़ू से तार हटाकर बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कोरबा: डॉक्टर की मौत, पत्नी गंभीर
कोरबा के मानिकपुर में डॉक्टर कलीम रिजवी (45) और उनकी पत्नी डॉक्टर फिरदोस रिजवी (39) घर की छत की सफाई कर रहे थे। लोहे का पाइप उठाते वक्त वह 11,000 वोल्ट के बिजली तार से टकरा गया और कलीम करंट की चपेट में आ गए। पत्नी फिरदोस उन्हें बचाने पहुंचीं तो वह भी करंट से झुलस गईं। अस्पताल में डॉक्टर कलीम को मृत घोषित किया गया, वहीं फिरदोस की हालत नाजुक है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाया है।
बिलासपुर: लोहे की सीढ़ी से करंट लगा, कर्मचारी की मौत
तिफरा क्षेत्र में केबल मरम्मत के दौरान श्यामू डाहिरे (30) नामक युवक नीचे लोहे की सीढ़ी पकड़े खड़ा था। अचानक सीढ़ी में करंट आ गया और वह झुलसकर गिर पड़ा। निजी अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
बिलासपुर: बिजली पोल पर काम करते ठेका कर्मचारी की मौत
मंगला बस्ती में सीएसईबी के ठेका कर्मचारी ईश्वर पटेल (43) बिजली के खंभे पर काम कर रहे थे, तभी करंट की चपेट में आकर नीचे गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत की पुष्टि हुई।
चारों घटनाओं की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और संबंधित संस्थाओं की लापरवाही की भी समीक्षा की जा रही है। यह दुखद घटनाएं छत्तीसगढ़ में बिजली सुरक्षा मानकों की तत्काल समीक्षा और सख्त क्रियान्वयन की मांग करती हैं।
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छत्तीसगढ़ में करंट से चार की दर्दनाक मौत, टीआई और डॉक्टर दंपती भी चपेट में
Korba, CG
इन घटनाओं में एक थाना प्रभारी, एक डॉक्टर, एक महिला डॉक्टर और दो आम नागरिकों की जान चली गई। एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। इन हादसों ने न केवल लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासन और बिजली विभाग की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है।
सरगुजा: टीआई की करंट से मौत
सीतापुर थाना क्षेत्र के पैकरा गांव में थाना प्रभारी राम साय (55) छुट्टी पर अपने घर आए थे। पुराने मकान में जरूरी सामान ढूंढते वक्त वे एक नग्न बिजली तार के संपर्क में आ गए। अंधेरे में उन्हें तार नजर नहीं आया और करंट की चपेट में आकर जमीन पर गिर पड़े। उनकी पत्नी ने झाड़ू से तार हटाकर बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कोरबा: डॉक्टर की मौत, पत्नी गंभीर
कोरबा के मानिकपुर में डॉक्टर कलीम रिजवी (45) और उनकी पत्नी डॉक्टर फिरदोस रिजवी (39) घर की छत की सफाई कर रहे थे। लोहे का पाइप उठाते वक्त वह 11,000 वोल्ट के बिजली तार से टकरा गया और कलीम करंट की चपेट में आ गए। पत्नी फिरदोस उन्हें बचाने पहुंचीं तो वह भी करंट से झुलस गईं। अस्पताल में डॉक्टर कलीम को मृत घोषित किया गया, वहीं फिरदोस की हालत नाजुक है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाया है।
बिलासपुर: लोहे की सीढ़ी से करंट लगा, कर्मचारी की मौत
तिफरा क्षेत्र में केबल मरम्मत के दौरान श्यामू डाहिरे (30) नामक युवक नीचे लोहे की सीढ़ी पकड़े खड़ा था। अचानक सीढ़ी में करंट आ गया और वह झुलसकर गिर पड़ा। निजी अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
बिलासपुर: बिजली पोल पर काम करते ठेका कर्मचारी की मौत
मंगला बस्ती में सीएसईबी के ठेका कर्मचारी ईश्वर पटेल (43) बिजली के खंभे पर काम कर रहे थे, तभी करंट की चपेट में आकर नीचे गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत की पुष्टि हुई।
चारों घटनाओं की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और संबंधित संस्थाओं की लापरवाही की भी समीक्षा की जा रही है। यह दुखद घटनाएं छत्तीसगढ़ में बिजली सुरक्षा मानकों की तत्काल समीक्षा और सख्त क्रियान्वयन की मांग करती हैं।
