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पति-जेठ ने मिलकर बहू की निर्मम हत्या, कोरबा में फंदे से लटकाया शव, दहेज की मांग बनी मौत की वजह
Korba, CG
कोरबा जिले के तरदा गांव में दहेज के लालच में पति और जेठ ने मिलकर अपनी बहू की बेरहमी से हत्या कर दी। यह दर्दनाक घटना लगभग एक साल पहले, 10 मई 2024 की है। जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय सुनीता कुर्रे की हत्या उसके पति राजू कुर्रे और जेठ मनोज कुर्रे ने मिलकर की। आरोपियों ने सुनीता को गला दबाकर मार डाला और बाद में उसकी लाश फांसी के फंदे से लटका दी।
पुलिस जांच में पता चला कि शादी के 10 सालों में सुनीता और उसके परिवार को लगातार दहेज के लिए दबाव बनाया जा रहा था। मृतका के पिता ने कई बार अपनी मुश्किल से कमाए पैसे और धान बेचकर ससुराल वालों की मांग पूरी की, लेकिन जब आर्थिक मदद बंद हुई तो सुनीता को मौत के घाट उतारने की साजिश रची गई।
सुनीता बिलासपुर के पचपेड़ी गांव की रहने वाली थी। उसकी शादी हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और शुरुआत में सब ठीक था, दो बच्चे भी थे। लेकिन धीरे-धीरे ससुराल वालों की लालच ने रिश्ते को विषैला कर दिया। राजू और उसके परिवार ने लगातार पैसों और सामान की मांग की। आखिरकार 10 मई 2024 को जब घर में कोई मौजूद नहीं था, तब पति-जेठ ने मिलकर सुनीता की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी भाग निकले, लेकिन बाद में उन्होंने थाने जाकर घटना की सूचना दी। पुलिस ने फांसी के फंदे की हाइट कम होने की वजह से हत्या का शक जताया और मामले की गहन जांच की। तृतीय श्रेणी अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार नंदे की अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर राजू और मनोज कुर्रे को दोषी ठहराते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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पति-जेठ ने मिलकर बहू की निर्मम हत्या, कोरबा में फंदे से लटकाया शव, दहेज की मांग बनी मौत की वजह
Korba, CG
पुलिस जांच में पता चला कि शादी के 10 सालों में सुनीता और उसके परिवार को लगातार दहेज के लिए दबाव बनाया जा रहा था। मृतका के पिता ने कई बार अपनी मुश्किल से कमाए पैसे और धान बेचकर ससुराल वालों की मांग पूरी की, लेकिन जब आर्थिक मदद बंद हुई तो सुनीता को मौत के घाट उतारने की साजिश रची गई।
सुनीता बिलासपुर के पचपेड़ी गांव की रहने वाली थी। उसकी शादी हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और शुरुआत में सब ठीक था, दो बच्चे भी थे। लेकिन धीरे-धीरे ससुराल वालों की लालच ने रिश्ते को विषैला कर दिया। राजू और उसके परिवार ने लगातार पैसों और सामान की मांग की। आखिरकार 10 मई 2024 को जब घर में कोई मौजूद नहीं था, तब पति-जेठ ने मिलकर सुनीता की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी भाग निकले, लेकिन बाद में उन्होंने थाने जाकर घटना की सूचना दी। पुलिस ने फांसी के फंदे की हाइट कम होने की वजह से हत्या का शक जताया और मामले की गहन जांच की। तृतीय श्रेणी अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार नंदे की अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर राजू और मनोज कुर्रे को दोषी ठहराते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
