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रायपुर पुलिस की अनोखी कार्रवाई: कांवड़ियों का वेश धरकर करोड़ों की ठगी करने वाले शातिरों को दबोचा
Raipur,C.G
छत्तीसगढ़ पुलिस ने सावन के महीने में अपराधियों को उन्हीं की चाल में फंसा दिया। रायपुर की क्राइम ब्रांच टीम ने कांवड़ यात्रा के वेश में झारखंड और कोलकाता में छिपे मोबाइल चोर गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इन शातिरों ने रायपुर समेत देश के कई राज्यों में सब्जी बाजारों से 80 से ज्यादा मोबाइल चुराकर, पासवर्ड क्रैक कर, UPI और बैंक खातों के जरिए करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया।
ऐसे सामने आया मामला
रायपुर के गुढ़ियारी और तेलीबांधा इलाकों में लगातार मोबाइल चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। पीड़ितों के बैंक खातों से मोबाइल चोरी के बाद बड़ी रकम ट्रांसफर हो रही थी। एक मामले में एक युवक के खाते से 99 हजार रुपये उड़ाए गए थे। पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और मोबाइल के ट्रांजैक्शन ट्रेस कर पश्चिम बंगाल और झारखंड तक गिरोह के तार पाए।
पुलिस बनी कांवड़िया, ऐसे दबोचे आरोपी
जांच में पता चला कि गिरोह झारखंड के साहेबगंज और कोलकाता से ऑपरेट कर रहा था। सावन के चलते पुलिस ने वेश बदलकर कांवड़ियों की तरह वहां पहुंचकर चारों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी हैं:
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देवा उर्फ देव कुमार महतो (28) - गिरोह का मास्टरमाइंड
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कन्हैया कुमार मंडल (22)
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विष्णु कुमार मंडल (22) – तीनों झारखंड के साहेबगंज से
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ओम प्रकाश ठाकुर (31) – कोलकाता, पश्चिम बंगाल
टेक एक्सपर्ट की मदद से मोबाइल अनलॉक
आरोपी मोबाइल फोन चुराकर उसे तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से अनलॉक करते थे। फिर मोबाइल में मौजूद UPI ऐप्स जैसे फोन-पे और पेटीएम का इस्तेमाल कर पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे। इन पैसों को वे कोलकाता स्थित सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर कर ATM से कैश निकालते थे।
करोड़ों के ट्रांजैक्शन और QR कोड
SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन में 40 से ज्यादा क्यूआर कोड, 3 मोबाइल और 2 सिम कार्ड मिले हैं। जब्त फोन और ऐप डेटा से करोड़ों के ट्रांजैक्शन का पता चला है। पुलिस अब अन्य राज्यों में भी इस गिरोह के कनेक्शन तलाश रही है।
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रायपुर पुलिस की अनोखी कार्रवाई: कांवड़ियों का वेश धरकर करोड़ों की ठगी करने वाले शातिरों को दबोचा
Raipur,C.G
इन शातिरों ने रायपुर समेत देश के कई राज्यों में सब्जी बाजारों से 80 से ज्यादा मोबाइल चुराकर, पासवर्ड क्रैक कर, UPI और बैंक खातों के जरिए करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया।
ऐसे सामने आया मामला
रायपुर के गुढ़ियारी और तेलीबांधा इलाकों में लगातार मोबाइल चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। पीड़ितों के बैंक खातों से मोबाइल चोरी के बाद बड़ी रकम ट्रांसफर हो रही थी। एक मामले में एक युवक के खाते से 99 हजार रुपये उड़ाए गए थे। पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और मोबाइल के ट्रांजैक्शन ट्रेस कर पश्चिम बंगाल और झारखंड तक गिरोह के तार पाए।
पुलिस बनी कांवड़िया, ऐसे दबोचे आरोपी
जांच में पता चला कि गिरोह झारखंड के साहेबगंज और कोलकाता से ऑपरेट कर रहा था। सावन के चलते पुलिस ने वेश बदलकर कांवड़ियों की तरह वहां पहुंचकर चारों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी हैं:
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देवा उर्फ देव कुमार महतो (28) - गिरोह का मास्टरमाइंड
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कन्हैया कुमार मंडल (22)
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विष्णु कुमार मंडल (22) – तीनों झारखंड के साहेबगंज से
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ओम प्रकाश ठाकुर (31) – कोलकाता, पश्चिम बंगाल
टेक एक्सपर्ट की मदद से मोबाइल अनलॉक
आरोपी मोबाइल फोन चुराकर उसे तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से अनलॉक करते थे। फिर मोबाइल में मौजूद UPI ऐप्स जैसे फोन-पे और पेटीएम का इस्तेमाल कर पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे। इन पैसों को वे कोलकाता स्थित सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर कर ATM से कैश निकालते थे।
करोड़ों के ट्रांजैक्शन और QR कोड
SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन में 40 से ज्यादा क्यूआर कोड, 3 मोबाइल और 2 सिम कार्ड मिले हैं। जब्त फोन और ऐप डेटा से करोड़ों के ट्रांजैक्शन का पता चला है। पुलिस अब अन्य राज्यों में भी इस गिरोह के कनेक्शन तलाश रही है।
