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बिलासपुर निगम की सामान्य सभा में हंगामा, 15 प्रस्ताव पारित
बिलासपुर (छ.ग.)
लिंगियाडीह अतिक्रमण और पेयजल संकट पर तीखी बहस, कांग्रेस पार्षद धरने पर बैठे
नगर पालिक निगम बिलासपुर की तीसरी सामान्य सभा मंगलवार को लखीराम ऑडिटोरियम में हंगामेदार रही। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई, लेकिन पेयजल संकट और लिंगियाडीह में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विरोध के बीच सदन ने 15 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।
सभा में सबसे प्रमुख मुद्दा शहर में पेयजल आपूर्ति की समस्या रहा। विपक्षी पार्षदों ने कई वार्डों में पानी नहीं पहुंचने और टैंकर व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने कहा कि जल संकट से केवल विपक्ष नहीं, बल्कि सत्तापक्ष के पार्षद भी परेशान हैं। इस मुद्दे पर सदन में तीखी बहस हुई और कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित करनी पड़ी।
लिंगियाडीह क्षेत्र में 175 से अधिक बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई को लेकर भी विवाद गहराया। आंदोलनकारी बड़ी संख्या में सभा स्थल के बाहर पहुंच गए। कांग्रेस पार्षद उनके समर्थन में सड़क पर धरने पर बैठ गए, जिससे मिशन अस्पताल रोड पर जाम की स्थिति बन गई। जिला कांग्रेस कमेटी और एनएसयूआई के पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। हालात को देखते हुए महापौर पूजा विधानी को सदन छोड़कर आंदोलनकारियों से चर्चा के लिए बाहर जाना पड़ा।
सामान्य सभा के दौरान वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने अतिक्रमण और पुनर्वास का मुद्दा उठाया, जिस पर सत्तापक्ष के पार्षदों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि सामान्य सभा को राजनीतिक मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। इस पर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक बढ़ गई और सदन में शोर-शराबा हुआ।
हंगामे के बीच जिन 15 प्रस्तावों को मंजूरी मिली, उनमें जाति प्रमाण पत्रों का अनुमोदन, लिंगियाडीह अतिक्रमण और पुनर्वास पर चर्चा, तोरखा रेलवे ओवरब्रिज का नाम शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर रखने का प्रस्ताव, भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना, बृहस्पति बाजार निर्माण, प्रमुख सड़कों के डामरीकरण, जर्जर स्ट्रीट लाइट पोल बदलने और नए पोल लगाने की स्वीकृति शामिल है।
इसके अलावा पेयजल आपूर्ति सुधार, नाली और जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने, सफाई कर्मियों की समयावधि वृद्धि, तीन करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की मंजूरी तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत लगभग 70 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। विभिन्न वार्डों में सामुदायिक भवन निर्माण और शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रस्ताव भी पारित हुए।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी, जबकि विपक्ष ने पेयजल संकट और पुनर्वास नीति पर ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई है।
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