- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- गरियाबंद में पानी को लेकर हाहाकार: बीच सड़क पर बर्तन रखकर ग्रामीणों ने जताया विरोध
गरियाबंद में पानी को लेकर हाहाकार: बीच सड़क पर बर्तन रखकर ग्रामीणों ने जताया विरोध
Gariyaband, cg
भीषण गर्मी और जल संकट की मार झेल रहे गरियाबंद जिले के ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार शनिवार को फूट पड़ा। देवभोग ब्लॉक के माहुलकोट के आश्रित ग्राम बोईरपारा के दर्जनों ग्रामीणों ने पेयजल संकट को लेकर नेशनल हाईवे 130सी पर सड़क पर बर्तन रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
करीब 50 परिवारों के 250 से अधिक लोग बीते कई सप्ताह से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे थे। गांव में मौजूद दो हैंडपंप लंबे समय से खराब हैं, और पानी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को तालाब का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ा।
बारिश भी नहीं रोक सकी प्रदर्शनकारियों को
लगातार बारिश के बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर अडिग रहे। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान भी हैंडपंप मरम्मत व नए बोर की खुदाई के लिए कई बार आवेदन दिए गए, मगर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम तुलसीदास मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप ने स्वयं के मद से एक नए बोर खनन की मंजूरी दी है। वहीं पीएचई विभाग को खराब हैंडपंपों की मरम्मत के निर्देश भी दिए गए हैं।
ग्रामीणों ने मानी बात, खत्म किया धरना
प्रशासन की ओर से मिली आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया, लेकिन चेतावनी भी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पुनः प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
गरियाबंद में पानी को लेकर हाहाकार: बीच सड़क पर बर्तन रखकर ग्रामीणों ने जताया विरोध
Gariyaband, cg
करीब 50 परिवारों के 250 से अधिक लोग बीते कई सप्ताह से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे थे। गांव में मौजूद दो हैंडपंप लंबे समय से खराब हैं, और पानी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को तालाब का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ा।
बारिश भी नहीं रोक सकी प्रदर्शनकारियों को
लगातार बारिश के बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर अडिग रहे। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान भी हैंडपंप मरम्मत व नए बोर की खुदाई के लिए कई बार आवेदन दिए गए, मगर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम तुलसीदास मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप ने स्वयं के मद से एक नए बोर खनन की मंजूरी दी है। वहीं पीएचई विभाग को खराब हैंडपंपों की मरम्मत के निर्देश भी दिए गए हैं।
ग्रामीणों ने मानी बात, खत्म किया धरना
प्रशासन की ओर से मिली आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया, लेकिन चेतावनी भी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पुनः प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
