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70 किलोमीटर दूर मतदान केंद्र, चुनाव से एक दिन पहले रवाना होते हैं बीजापुर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के वोटर
Bijapur, cg
बीजापुर में नक्सल दहशत के कारण पोलिंग बूथ ब्लॉक मुख्यालय में विस्थापित किए गए हैं.
दो दशक बाद बीजापुर के नक्सल प्रभावित इलाके में सरपंच, पंच, जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव हो रहे हैं. इससे पहले सभी जनप्रतिनिधि निर्विरोध चुनकर आते थे. जिससे शासन प्रशासन की किसी भी योजना का लाभ यहां के ग्रामीणों को नहीं मिल पाता था. नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पोलिंग बूथों को ब्लॉक मुख्यालय में विस्थापित कर चुनाव की रस्म पूरी की जाती थी, लेकिन इस बार नक्सल प्रभावित सेंड्रा और उसके आसपास के कई गांवों के ग्रामीण बढ़ चढ़कर चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं.
नक्सल एरिया के पोलिंग बूथ भोपालपटनम शिफ्ट: नक्सल दहशत के कारण प्रशासन ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के पोलिंग बूथों को 70 किलोमीटर दूर ब्लॉक मुख्यालय में विस्थापित कर रखा हैं. सेंड्रा इलाके के 6 पोलिंग बूथों को भी विस्थापित किया गया हैं. सेंड्रा पंचायत के दो पोलिंग बूथों को शासकीय कन्या स्कूल के कक्ष क्रमांक 1 भोपालपटनम में और शासकीय कन्या स्कूल कक्ष क्रमांक 2 भोपालपटनम में विस्थापित किया गया है. बड़ेकाकलेड पंचायत के बड़ेकाकलेड बूथ को कन्या स्कूल भोपालपटनम कक्ष क्रमांक 3 में विस्थापित किया गया हैं. पीलूर के बूथ को कन्या स्कूल कक्ष क्रमांक 4 में विस्थापित किया गया हैं. एडापल्ली पंचायत के एड़ापल्ली बूथ को स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल के कक्ष क्रमांक 1 में विस्थापित किया गया हैं. पालसेगुंडी बूथ को आत्मानंद इंग्लिश स्कूल के कक्ष क्रमांक 2 में विस्थापित किया गया हैं.

ग्राम सरकार चुनने लंबी दूरी का सफर: पोलिंग बूथ शिफ्ट होने के बावजूद धुर नक्सल प्रभावित सेंड्रा इलाके के ग्रामीण मतदान के एक दिन पहले लगभग 70 किलोमीटर पैदल व बाइक से सफर तय कर वोट डालने ब्लॉक मुख्यालय में विस्थापित पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे हैं. सेंड्रा से संतोष गुरला पत्नी प्रियंका गुरला और दो बच्चों के साथ बुधवार सुबह भोपालपट्नम के लिए निकल गए. जो शाम होते तक भोपालपटनम पहुंचे. सेंड्रा बस्ती में ही रहने वाले रमेश गोटा, वेंकटेश तलाड़ी भी बाइक से भोपालपटनम में विस्थापित पोलिंग बूथ के लिए एक दिन पहले निकले.

9 फरवरी को बीजापुर में हुई इतिहास की सबसे बड़ी मुठभेड़: बता दें कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व का सेंड्रा इलाका नक्सलियों का कोर एरिया माना जाता है. हाल ही में 9 फरवरी को टेकमेट्टा की पहाड़ियों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच बड़ा इंकाउंटर हुआ. जिसमें जवानों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया. इस मुठभेड़ में 2 जवान शहीद भी हुए.

बीजापुर पंचायत चुनाव: केरपे, बड़ेकाकलेड, एडापल्ली, सेंड्रा के चार पंचायतों के उम्मीदवार मैदान में हैं. उस इलाके के सरपंच पद के लिए 13 प्रत्याशी हैं. वही 22 पंच भी मैदान में खड़े हैं. 2005 में सलवा जुडूम के दौर के बाद नेशनल पार्क इलाके के ग्रामीण बीजापुर, भोपालपटनम में आकर बस गए. तत्कालीन कलेक्टर आर प्रसन्ना ने 2009 में भोपालपटनम के नाकापारा के पास सेंड्रा बस्ती को बसाया. नेशनल पार्क, सेंड्रा, बड़ेकाकडे और एडापल्ली के सैकड़ों ग्रामीण वहां बसे हुए हैं. यही ग्रामीण उसे इलाके के सरपंच को चुनते हैं.
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70 किलोमीटर दूर मतदान केंद्र, चुनाव से एक दिन पहले रवाना होते हैं बीजापुर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के वोटर
Bijapur, cg
दो दशक बाद बीजापुर के नक्सल प्रभावित इलाके में सरपंच, पंच, जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव हो रहे हैं. इससे पहले सभी जनप्रतिनिधि निर्विरोध चुनकर आते थे. जिससे शासन प्रशासन की किसी भी योजना का लाभ यहां के ग्रामीणों को नहीं मिल पाता था. नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पोलिंग बूथों को ब्लॉक मुख्यालय में विस्थापित कर चुनाव की रस्म पूरी की जाती थी, लेकिन इस बार नक्सल प्रभावित सेंड्रा और उसके आसपास के कई गांवों के ग्रामीण बढ़ चढ़कर चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं.
नक्सल एरिया के पोलिंग बूथ भोपालपटनम शिफ्ट: नक्सल दहशत के कारण प्रशासन ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के पोलिंग बूथों को 70 किलोमीटर दूर ब्लॉक मुख्यालय में विस्थापित कर रखा हैं. सेंड्रा इलाके के 6 पोलिंग बूथों को भी विस्थापित किया गया हैं. सेंड्रा पंचायत के दो पोलिंग बूथों को शासकीय कन्या स्कूल के कक्ष क्रमांक 1 भोपालपटनम में और शासकीय कन्या स्कूल कक्ष क्रमांक 2 भोपालपटनम में विस्थापित किया गया है. बड़ेकाकलेड पंचायत के बड़ेकाकलेड बूथ को कन्या स्कूल भोपालपटनम कक्ष क्रमांक 3 में विस्थापित किया गया हैं. पीलूर के बूथ को कन्या स्कूल कक्ष क्रमांक 4 में विस्थापित किया गया हैं. एडापल्ली पंचायत के एड़ापल्ली बूथ को स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल के कक्ष क्रमांक 1 में विस्थापित किया गया हैं. पालसेगुंडी बूथ को आत्मानंद इंग्लिश स्कूल के कक्ष क्रमांक 2 में विस्थापित किया गया हैं.

ग्राम सरकार चुनने लंबी दूरी का सफर: पोलिंग बूथ शिफ्ट होने के बावजूद धुर नक्सल प्रभावित सेंड्रा इलाके के ग्रामीण मतदान के एक दिन पहले लगभग 70 किलोमीटर पैदल व बाइक से सफर तय कर वोट डालने ब्लॉक मुख्यालय में विस्थापित पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे हैं. सेंड्रा से संतोष गुरला पत्नी प्रियंका गुरला और दो बच्चों के साथ बुधवार सुबह भोपालपट्नम के लिए निकल गए. जो शाम होते तक भोपालपटनम पहुंचे. सेंड्रा बस्ती में ही रहने वाले रमेश गोटा, वेंकटेश तलाड़ी भी बाइक से भोपालपटनम में विस्थापित पोलिंग बूथ के लिए एक दिन पहले निकले.

9 फरवरी को बीजापुर में हुई इतिहास की सबसे बड़ी मुठभेड़: बता दें कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व का सेंड्रा इलाका नक्सलियों का कोर एरिया माना जाता है. हाल ही में 9 फरवरी को टेकमेट्टा की पहाड़ियों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच बड़ा इंकाउंटर हुआ. जिसमें जवानों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया. इस मुठभेड़ में 2 जवान शहीद भी हुए.

बीजापुर पंचायत चुनाव: केरपे, बड़ेकाकलेड, एडापल्ली, सेंड्रा के चार पंचायतों के उम्मीदवार मैदान में हैं. उस इलाके के सरपंच पद के लिए 13 प्रत्याशी हैं. वही 22 पंच भी मैदान में खड़े हैं. 2005 में सलवा जुडूम के दौर के बाद नेशनल पार्क इलाके के ग्रामीण बीजापुर, भोपालपटनम में आकर बस गए. तत्कालीन कलेक्टर आर प्रसन्ना ने 2009 में भोपालपटनम के नाकापारा के पास सेंड्रा बस्ती को बसाया. नेशनल पार्क, सेंड्रा, बड़ेकाकडे और एडापल्ली के सैकड़ों ग्रामीण वहां बसे हुए हैं. यही ग्रामीण उसे इलाके के सरपंच को चुनते हैं.
