- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- कौन हैं वो दो जवान जो लड़ते हुए शहीद हो गए, सुरक्षाबलों के सबसे बड़े ऑपरेशन में थे शामिल, 33 साल थी
कौन हैं वो दो जवान जो लड़ते हुए शहीद हो गए, सुरक्षाबलों के सबसे बड़े ऑपरेशन में थे शामिल, 33 साल थी एक की उम्र
CG
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में रविवार सुबह एनकाउंटर हुआ। इसमें सुरक्षाबल के दो जवान शहीद हो गए हैं। वहीं, सुरक्षाबल के जवानों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए जवानों में एक प्रधान आरक्षक थे तो एक आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। दो जवान घायल भी हुए हैं।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों और सुरक्षाबल के जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में 31 माओवादी मारे गए हैं। मारे गए नक्सलियों की अभी पहचान नहीं हुई है। वहीं, इस मुठभेड़ में छत्तीसगढ़ पुलिस के दो जवान भी शहीद हो गए हैं। हमले में दो जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। शहीद हुए जवानों में एक प्रधान आरक्षक थे वहीं, दूसरे आरक्षक के पद पर पदस्थ थे।
कौन हैं मुठभेड़ में शहीद हुए जवान
नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में नरेश कुमार ध्रुव शहीद हो गए हैं। उनके पिता का नाम नेतराम ध्रुव है। वह प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। नरेश कुमार का जन्म 19 सितंबर 1982 को बलोदाबाजर के गुर्रा में हुआ था। वह 23 मई 2007 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। नक्सलियों के खिलाफ अभियान में वह शहीद हो गए।
आरक्षक थे वासित कुमार रावटे
वहीं, दूसरे जवान जो मुठभेड़ में शहीद हुए हैं उनका नाम वासित कुमार रावटे है। वासित कुमार रावटे बालोद जिले के रहने वाले थे। उनका जन्म बालोद जिले के फागुनदाह में हुआ था। वसित का जन्म 10 अक्टूबर 1991 में मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम कल्याण सिंह रावटे है। वह 2016 में पुलिस में भर्ती हुए थे। नक्सलियों से लोहा लेते हुए वह 9 फरवरी 2025 को शहीद हो गए। वह आरक्षक के पद पर पदस्थ थे।
नक्सलियों के खिलाफ बड़ा एक्शन
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। जवानों ने नक्सलियों के गढ़ में घुसकर 31 नक्सलियों का मार गिराया है। माना जा रहा है कि जवानों की इस कार्रवाई से नक्सली संगठनों को बड़ा झटका लगा है। नक्सलियों के खिलाफ इस अभियान में डीआरजी, एसटीएफ और बस्तर फाइटर की 650 जवानों की संयुक्त टीम थी। इनपुट मिलने के बाद सुरक्षाबल के जवानों ने कार्रवाई की थी।
आधुनिक हथियार बरामद
मुठभेड़ स्थल में सुरक्षाबलों के जवानों को बड़ी मात्रा में नक्सलियों के पास से आधुनिक हथियार बरामद हुए हैं। जवानों को सर्चिंग के दौरान एके-47, एसएलआर, इंसास राइफल, बीजीएल लांचर, हथियार और अन्य गोला-बारूद बरामद हुआ है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस साल 81 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। इसमें से 65 बस्तर रेंज में मारे गए हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
कौन हैं वो दो जवान जो लड़ते हुए शहीद हो गए, सुरक्षाबलों के सबसे बड़े ऑपरेशन में थे शामिल, 33 साल थी एक की उम्र
CG
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों और सुरक्षाबल के जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में 31 माओवादी मारे गए हैं। मारे गए नक्सलियों की अभी पहचान नहीं हुई है। वहीं, इस मुठभेड़ में छत्तीसगढ़ पुलिस के दो जवान भी शहीद हो गए हैं। हमले में दो जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। शहीद हुए जवानों में एक प्रधान आरक्षक थे वहीं, दूसरे आरक्षक के पद पर पदस्थ थे।
कौन हैं मुठभेड़ में शहीद हुए जवान
नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में नरेश कुमार ध्रुव शहीद हो गए हैं। उनके पिता का नाम नेतराम ध्रुव है। वह प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। नरेश कुमार का जन्म 19 सितंबर 1982 को बलोदाबाजर के गुर्रा में हुआ था। वह 23 मई 2007 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। नक्सलियों के खिलाफ अभियान में वह शहीद हो गए।
आरक्षक थे वासित कुमार रावटे
वहीं, दूसरे जवान जो मुठभेड़ में शहीद हुए हैं उनका नाम वासित कुमार रावटे है। वासित कुमार रावटे बालोद जिले के रहने वाले थे। उनका जन्म बालोद जिले के फागुनदाह में हुआ था। वसित का जन्म 10 अक्टूबर 1991 में मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम कल्याण सिंह रावटे है। वह 2016 में पुलिस में भर्ती हुए थे। नक्सलियों से लोहा लेते हुए वह 9 फरवरी 2025 को शहीद हो गए। वह आरक्षक के पद पर पदस्थ थे।
नक्सलियों के खिलाफ बड़ा एक्शन
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। जवानों ने नक्सलियों के गढ़ में घुसकर 31 नक्सलियों का मार गिराया है। माना जा रहा है कि जवानों की इस कार्रवाई से नक्सली संगठनों को बड़ा झटका लगा है। नक्सलियों के खिलाफ इस अभियान में डीआरजी, एसटीएफ और बस्तर फाइटर की 650 जवानों की संयुक्त टीम थी। इनपुट मिलने के बाद सुरक्षाबल के जवानों ने कार्रवाई की थी।
आधुनिक हथियार बरामद
मुठभेड़ स्थल में सुरक्षाबलों के जवानों को बड़ी मात्रा में नक्सलियों के पास से आधुनिक हथियार बरामद हुए हैं। जवानों को सर्चिंग के दौरान एके-47, एसएलआर, इंसास राइफल, बीजीएल लांचर, हथियार और अन्य गोला-बारूद बरामद हुआ है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस साल 81 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। इसमें से 65 बस्तर रेंज में मारे गए हैं।
