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12 नवंबर महाकाल भस्म आरती: त्रिपुंड और भांग से हुआ महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गूंजे जय श्री महाकाल के नारे
Ujjain, MP
उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर बुधवार तड़के विशेष भस्म आरती का आयोजन हुआ। अलसुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही गर्भगृह में मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के साथ भगवान महाकाल का दिव्य अभिषेक और अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ।
पंचामृत, भांग और भस्म से हुआ पूजन
पूजारी आचार्यों ने सर्वप्रथम भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया।
इसके बाद हरिओम जल अर्पित कर मंत्रोच्चार के बीच भांग से त्रिपुंड लगाया गया और भस्म अर्पण की परंपरा निभाई गई।
भगवान को रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पमालाओं से सजाया गया। भांग और भस्म से सजे भगवान महाकाल का रूप भक्तों के हृदय में भक्ति की लहर भर गया।
पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री महाकाल” और “हर हर महादेव” के गगनभेदी नारे गूंज उठे। शंखनाद और ढोल नगाड़ों की गूंज के बीच भक्ति का ऐसा अद्भुत वातावरण बना कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।
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12 नवंबर महाकाल भस्म आरती: त्रिपुंड और भांग से हुआ महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गूंजे जय श्री महाकाल के नारे
Ujjain, MP
उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर बुधवार तड़के विशेष भस्म आरती का आयोजन हुआ। अलसुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही गर्भगृह में मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के साथ भगवान महाकाल का दिव्य अभिषेक और अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ।
पंचामृत, भांग और भस्म से हुआ पूजन
पूजारी आचार्यों ने सर्वप्रथम भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया।
इसके बाद हरिओम जल अर्पित कर मंत्रोच्चार के बीच भांग से त्रिपुंड लगाया गया और भस्म अर्पण की परंपरा निभाई गई।
भगवान को रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पमालाओं से सजाया गया। भांग और भस्म से सजे भगवान महाकाल का रूप भक्तों के हृदय में भक्ति की लहर भर गया।
पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री महाकाल” और “हर हर महादेव” के गगनभेदी नारे गूंज उठे। शंखनाद और ढोल नगाड़ों की गूंज के बीच भक्ति का ऐसा अद्भुत वातावरण बना कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।
