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मधुसूदनगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 13 पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप
Guna, MP
गुना जिले की मधुसूदनगढ़ नगर परिषद में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार को 13 पार्षदों ने अध्यक्ष श्यामलाल अहिरवार के खिलाफ कलेक्टर को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा।
तीन साल का कार्यकाल पूरा होते ही यह कदम उठाया गया, जिसमें अध्यक्ष पर मनमानी, विकास कार्यों में लापरवाही और धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
नगर परिषद को 2017 में गजट नोटिफिकेशन के जरिए दर्जा मिला था और 2022 में पहली बार 15 वार्डों में चुनाव हुए। इनमें 6 निर्दलीय, 5 भाजपा और 4 कांग्रेस पार्षद जीते थे। बाद में कुछ निर्दलीय भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी को बहुमत मिला।
पार्षदों का आरोप
पार्षदों का कहना है कि अध्यक्ष वार्डों में विकास कार्य नहीं करा रहे हैं और जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों को धमकी देते हैं। कलेक्टर को सौंपे गए प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि बिना काम कराए ही परिषद से राशि निकाली गई।
2023 में भी हुई थी कोशिश
इससे पहले 2023 में भी अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन उस समय सरकार ने यह सीमा दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी थी। अब अवधि पूरी होने के बाद फिर से प्रस्ताव पेश किया गया है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने पार्षदों से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना।
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मधुसूदनगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 13 पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप
Guna, MP
तीन साल का कार्यकाल पूरा होते ही यह कदम उठाया गया, जिसमें अध्यक्ष पर मनमानी, विकास कार्यों में लापरवाही और धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
नगर परिषद को 2017 में गजट नोटिफिकेशन के जरिए दर्जा मिला था और 2022 में पहली बार 15 वार्डों में चुनाव हुए। इनमें 6 निर्दलीय, 5 भाजपा और 4 कांग्रेस पार्षद जीते थे। बाद में कुछ निर्दलीय भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी को बहुमत मिला।
पार्षदों का आरोप
पार्षदों का कहना है कि अध्यक्ष वार्डों में विकास कार्य नहीं करा रहे हैं और जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों को धमकी देते हैं। कलेक्टर को सौंपे गए प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि बिना काम कराए ही परिषद से राशि निकाली गई।
2023 में भी हुई थी कोशिश
इससे पहले 2023 में भी अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन उस समय सरकार ने यह सीमा दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी थी। अब अवधि पूरी होने के बाद फिर से प्रस्ताव पेश किया गया है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने पार्षदों से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना।
