- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- 19 अगस्त महाकाल भस्म आरती : दिव्य श्रृंगार में राजा स्वरूप दर्शन, गूंजे बाबा के जयकारे
19 अगस्त महाकाल भस्म आरती : दिव्य श्रृंगार में राजा स्वरूप दर्शन, गूंजे बाबा के जयकारे
UJJAIN, MP
भाद्रपद माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर मंगलवार तड़के विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का अलौकिक दृश्य देखने को मिला। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही सबसे पहले भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके उपरांत दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विधिविधानपूर्वक पूजा संपन्न की गई।
इस विशेष अवसर पर बाबा महाकाल को त्रिपुंड चंद्र और बेलपत्र अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया। रजत के शेषनाग मुकुट, मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला से भगवान का अद्भुत अलंकरण हुआ। भस्म चढ़ाने के बाद उन्हें सुगंधित पुष्पमालाएं और ड्रायफ्रूट से बना आकर्षक श्रृंगार पहनाया गया। भक्तों ने फल और मिष्ठान का भोग अर्पित कर बाबा से आशीर्वाद मांगा।
सुबह की भस्म आरती में शामिल सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस दौरान पूरे मंदिर प्रांगण में “जय श्री महाकाल” के जयकारे गूंजते रहे और वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो उठा।

-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
19 अगस्त महाकाल भस्म आरती : दिव्य श्रृंगार में राजा स्वरूप दर्शन, गूंजे बाबा के जयकारे
UJJAIN, MP
भाद्रपद माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर मंगलवार तड़के विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का अलौकिक दृश्य देखने को मिला। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही सबसे पहले भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके उपरांत दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विधिविधानपूर्वक पूजा संपन्न की गई।
इस विशेष अवसर पर बाबा महाकाल को त्रिपुंड चंद्र और बेलपत्र अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया। रजत के शेषनाग मुकुट, मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला से भगवान का अद्भुत अलंकरण हुआ। भस्म चढ़ाने के बाद उन्हें सुगंधित पुष्पमालाएं और ड्रायफ्रूट से बना आकर्षक श्रृंगार पहनाया गया। भक्तों ने फल और मिष्ठान का भोग अर्पित कर बाबा से आशीर्वाद मांगा।
सुबह की भस्म आरती में शामिल सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस दौरान पूरे मंदिर प्रांगण में “जय श्री महाकाल” के जयकारे गूंजते रहे और वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो उठा।

