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27 हजार महिलाएं लाड़ली बहना योजना से वंचित! सरकार को लिखा पत्र
Harda, MP
हरदा में सैकड़ों आदिवासी महिलाओं ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव. लाड़ली बहना योजना में नाम जोड़ने की मांग. जिले की 27 हजार महिलाएं वंचित.
आदिवासी समाज की सैकड़ों महिलाओं ने गुरुवार को हरदा कलेक्ट्रेट का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की. महिलाओं का आरोप है कि उन्हें लाड़ली बहना योजना सहित कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है. इस विरोध प्रदर्शन में जयस आदिवासी युवा संगठन के कार्यवाहक अध्यक्ष सत्यनारायण सुचार ने भी हिस्सा लिया और उन्होंने सरकार पर महिलाओं के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया.
'हरदा में 27 हजार महिलाएं लाड़ली बहना योजना से वंचित'
कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंची आदिवासी महिलाओं की बात रखते हुए सत्यनारायण सुचार ने कहा, "प्रदेश सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लाड़ली बहना योजना चला रही है, लेकिन अकेले हरदा जिले में 27 हजार महिलाएं इस योजना से वंचित हैं. इसमें से 60 फीसदी महिलाएं आदिवासी समाज की हैं.
जबकि सरकार कहती है कि इस योजना से महिलाएं सशक्त बनी हैं." सुचार ने कहा, "आदिवासी स्कूलों की हालत भी दयनीय है. स्कूलों में शिक्षकों की कमी है. इसके अलावा स्कूलों में शौचालय और बाउंड्री वॉल भी नहीं है. वनांचल के युवाओं को रोजगार के लिए बैंक लोन भी नहीं मिलता."
सरकार को पत्र लिखकर दी गई जानकारी
सत्यनारायण सुचार के नेतृत्व में महिलाओं ने हरदा के संयुक्त कलेक्टर संजीव कुमार नागू को एक ज्ञापन भी सौंपा. संजीव कुमार नागू ने बताया कि "सरकार को पत्र लिखकर जानकारी दी गई है और मांग कि गई है. जिले की जो भी महिलाएं लाड़ली बहना योजना से वंचित रह गई है. उन्हें भी इस योजना से जोड़ जाए. इसके अलावा सभी विभागों के अधिकारियों को बैठक ली गई. जल्द ही इनकी बाकी की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा."
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27 हजार महिलाएं लाड़ली बहना योजना से वंचित! सरकार को लिखा पत्र
Harda, MP
आदिवासी समाज की सैकड़ों महिलाओं ने गुरुवार को हरदा कलेक्ट्रेट का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की. महिलाओं का आरोप है कि उन्हें लाड़ली बहना योजना सहित कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है. इस विरोध प्रदर्शन में जयस आदिवासी युवा संगठन के कार्यवाहक अध्यक्ष सत्यनारायण सुचार ने भी हिस्सा लिया और उन्होंने सरकार पर महिलाओं के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया.
'हरदा में 27 हजार महिलाएं लाड़ली बहना योजना से वंचित'
कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंची आदिवासी महिलाओं की बात रखते हुए सत्यनारायण सुचार ने कहा, "प्रदेश सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लाड़ली बहना योजना चला रही है, लेकिन अकेले हरदा जिले में 27 हजार महिलाएं इस योजना से वंचित हैं. इसमें से 60 फीसदी महिलाएं आदिवासी समाज की हैं.
जबकि सरकार कहती है कि इस योजना से महिलाएं सशक्त बनी हैं." सुचार ने कहा, "आदिवासी स्कूलों की हालत भी दयनीय है. स्कूलों में शिक्षकों की कमी है. इसके अलावा स्कूलों में शौचालय और बाउंड्री वॉल भी नहीं है. वनांचल के युवाओं को रोजगार के लिए बैंक लोन भी नहीं मिलता."
सरकार को पत्र लिखकर दी गई जानकारी
सत्यनारायण सुचार के नेतृत्व में महिलाओं ने हरदा के संयुक्त कलेक्टर संजीव कुमार नागू को एक ज्ञापन भी सौंपा. संजीव कुमार नागू ने बताया कि "सरकार को पत्र लिखकर जानकारी दी गई है और मांग कि गई है. जिले की जो भी महिलाएं लाड़ली बहना योजना से वंचित रह गई है. उन्हें भी इस योजना से जोड़ जाए. इसके अलावा सभी विभागों के अधिकारियों को बैठक ली गई. जल्द ही इनकी बाकी की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा."
