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उज्जैन में शिप्रा नदी पर बनने जा रहे हैं 29 किलोमीटर लंबे घाट, आज सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे भूमि पूजन
Ujjain, MP
उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे 864 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना के तहत करीब 29 किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट कॉरिडोर जैसे आधुनिक घाट बनाए जाएंगे। इन घाटों के निर्माण का भूमि पूजन आज दोपहर चार बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अंगारेश्वर मंदिर के सामने किया जाएगा। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेट और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी उपस्थित रहेंगे।
इस महत्त्वपूर्ण आयोजन के लिए अंगारेश्वर मंदिर परिसर में 150 फीट लंबा और 60 फीट चौड़ा वाटरप्रूफ डोम तैयार किया गया है, जहाँ यह कार्यक्रम होगा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल में देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित महिला सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
शिप्रा घाटों का होगा भव्य विकास
शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर शनि मंदिर से लेकर नागदा बायपास तक आधुनिक घाटों का निर्माण किया जाएगा। इनमें सिद्धवट मंदिर, भर्तहरि गुफा, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, रामघाट, दत्त अखाड़ा, नृसिंह घाट, गुरुद्वारा घाट, भूखी माता घाट, गौ घाट, प्रशांति धाम घाट, त्रिवेणी संगम घाट, शनि मंदिर और कान्हा नदी के किनारे शामिल हैं।
घाटों का निर्माण रेड स्टोन से होगा, और हर 500 मीटर पर 15 मीटर चौड़ा प्रवेश मार्ग भी विकसित किया जाएगा। पूजा स्थल के लिए कोणीय चबूतरे, आकर्षक लाइटिंग, चेंजिंग रूम, पीने के पानी की सुविधाएं और दिव्यांगों के लिए रैम्प जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हर घाट के प्रवेश द्वार पर 5 मीटर चौड़ा अपर लैंडिंग प्लेटफॉर्म, उसके बाद लगभग 3.5 मीटर चौड़ी सीढ़ियां और 6 मीटर चौड़ा लोअर लैंडिंग प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जिससे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुगम पहुँच सुनिश्चित हो सके।
शिप्रा घाटों का सौंदर्य और महत्व
यह परियोजना न केवल उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के लिहाज से भी एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। घाटों के सौंदर्यीकरण से शिप्रा नदी का प्राकृतिक और ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ेगा, जो आने वाले वर्षों में स्थानीय आर्थिक विकास में मददगार होगा।
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उज्जैन में शिप्रा नदी पर बनने जा रहे हैं 29 किलोमीटर लंबे घाट, आज सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे भूमि पूजन
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इस महत्त्वपूर्ण आयोजन के लिए अंगारेश्वर मंदिर परिसर में 150 फीट लंबा और 60 फीट चौड़ा वाटरप्रूफ डोम तैयार किया गया है, जहाँ यह कार्यक्रम होगा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल में देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित महिला सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
शिप्रा घाटों का होगा भव्य विकास
शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर शनि मंदिर से लेकर नागदा बायपास तक आधुनिक घाटों का निर्माण किया जाएगा। इनमें सिद्धवट मंदिर, भर्तहरि गुफा, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, रामघाट, दत्त अखाड़ा, नृसिंह घाट, गुरुद्वारा घाट, भूखी माता घाट, गौ घाट, प्रशांति धाम घाट, त्रिवेणी संगम घाट, शनि मंदिर और कान्हा नदी के किनारे शामिल हैं।
घाटों का निर्माण रेड स्टोन से होगा, और हर 500 मीटर पर 15 मीटर चौड़ा प्रवेश मार्ग भी विकसित किया जाएगा। पूजा स्थल के लिए कोणीय चबूतरे, आकर्षक लाइटिंग, चेंजिंग रूम, पीने के पानी की सुविधाएं और दिव्यांगों के लिए रैम्प जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हर घाट के प्रवेश द्वार पर 5 मीटर चौड़ा अपर लैंडिंग प्लेटफॉर्म, उसके बाद लगभग 3.5 मीटर चौड़ी सीढ़ियां और 6 मीटर चौड़ा लोअर लैंडिंग प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जिससे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुगम पहुँच सुनिश्चित हो सके।
शिप्रा घाटों का सौंदर्य और महत्व
यह परियोजना न केवल उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के लिहाज से भी एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। घाटों के सौंदर्यीकरण से शिप्रा नदी का प्राकृतिक और ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ेगा, जो आने वाले वर्षों में स्थानीय आर्थिक विकास में मददगार होगा।
