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मध्य प्रदेश में लगा 3 महीने का एस्मा, मोहन सरकार इन कर्मचारियों को नहीं देगी छुट्टी
BHOPAL, MP
एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट यानि एस्मा लागू कर दिया है. अगले 3 महीने शिक्षकों की हड़ताल और छुट्टी पर रोक.
मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट यानि एस्मा लागू कर दिया है. इसके तहत तय की गई समयसीमा में विभाग के अधिकारी- कर्मचारी न तो किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे और न ही अवकाश मिलेगा. हालांकि विशेष परिस्थियों में अवकाश की छूट रहेगी. इस संबंध में राज्यपाल के अवसर सचिव ने आदेश जारी कर दिया है.
3 महीने तक नहीं मिलेगा अवकाश
बता दें कि एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हो रही हैं. इन परीक्षाओं को व्यवधानरहित और पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए इस आदेश को लागू किया गया है. मध्य प्रदेश में एस्मा की अवधि 15 फरवरी से 15 मई तक रहेगी. इस दौरान शिक्षकों के अवकाश के साथ ही सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने पर भी रोक रहेगी. मतलब मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा को सरकार ने अति आवश्यक सेवा घोषित किया है.
राज्यपाल के सचिव के जारी किया आदेश
मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा को देखते हुए राजपत्र में प्रकाशन के बाद राज्यपाल के सचिव गौरव राजपूत ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के बेहतर संचालन और इसकी तैयारियों को लेकर प्रदेश के सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों की वीडियो कांफ्रेंसिग 5 फरवरी को आयोजित होगी. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव ने विभाग के अधिकारियों को पत्र जारी किया है.
डीपीआई की आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने बताया "माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस बार दसवीं-बारहवीं की परीक्षाओं के लिए 3 हजार 887 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं. इनमें सघन निगरानी की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है. इनमें करीब पांच सौ से अधिक संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्र हैं."
परीक्षा केंद्रों पर भी होगी सघन निगरानी
उन्होंने आगे कहा "मुरैना में सबसे अधिक 44 केंद्र अतिसंवेदनशील और 10 सेंटर संवेदनशील हैं. हालांकि इस बार भिंड में अतिसंवेदन स्थिति में कमी आई है. यहां मात्र चार परीक्षा केंद्र अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं लेकिन मंडल के पास जो रिपोर्ट है उसके अनुसार पिछले एक दशक में सबसे अधिक सामूहिक नकल के प्रकरण भी इन्हीं जिलों से आए हैं."
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मध्य प्रदेश में लगा 3 महीने का एस्मा, मोहन सरकार इन कर्मचारियों को नहीं देगी छुट्टी
BHOPAL, MP
मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट यानि एस्मा लागू कर दिया है. इसके तहत तय की गई समयसीमा में विभाग के अधिकारी- कर्मचारी न तो किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे और न ही अवकाश मिलेगा. हालांकि विशेष परिस्थियों में अवकाश की छूट रहेगी. इस संबंध में राज्यपाल के अवसर सचिव ने आदेश जारी कर दिया है.
3 महीने तक नहीं मिलेगा अवकाश
बता दें कि एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हो रही हैं. इन परीक्षाओं को व्यवधानरहित और पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए इस आदेश को लागू किया गया है. मध्य प्रदेश में एस्मा की अवधि 15 फरवरी से 15 मई तक रहेगी. इस दौरान शिक्षकों के अवकाश के साथ ही सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने पर भी रोक रहेगी. मतलब मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा को सरकार ने अति आवश्यक सेवा घोषित किया है.
राज्यपाल के सचिव के जारी किया आदेश
मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा को देखते हुए राजपत्र में प्रकाशन के बाद राज्यपाल के सचिव गौरव राजपूत ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के बेहतर संचालन और इसकी तैयारियों को लेकर प्रदेश के सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों की वीडियो कांफ्रेंसिग 5 फरवरी को आयोजित होगी. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव ने विभाग के अधिकारियों को पत्र जारी किया है.
डीपीआई की आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने बताया "माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस बार दसवीं-बारहवीं की परीक्षाओं के लिए 3 हजार 887 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं. इनमें सघन निगरानी की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है. इनमें करीब पांच सौ से अधिक संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्र हैं."
परीक्षा केंद्रों पर भी होगी सघन निगरानी
उन्होंने आगे कहा "मुरैना में सबसे अधिक 44 केंद्र अतिसंवेदनशील और 10 सेंटर संवेदनशील हैं. हालांकि इस बार भिंड में अतिसंवेदन स्थिति में कमी आई है. यहां मात्र चार परीक्षा केंद्र अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं लेकिन मंडल के पास जो रिपोर्ट है उसके अनुसार पिछले एक दशक में सबसे अधिक सामूहिक नकल के प्रकरण भी इन्हीं जिलों से आए हैं."
