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3 नवंबर महाकाल भस्म आरती: त्रिपुंड और रजतमुकुट से सजे महाकाल, सुबह-सुबह भक्तों ने किए दिव्य दर्शन
Ujjain, MP
कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर सोमवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त में जैसे ही मंदिर के कपाट खोले गए, पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। हजारों भक्तों ने तड़के भगवान महाकाल के वैभवशाली स्वरूप के दर्शन किए।
पूजन की शुरुआत गर्भगृह में स्थित सभी देवी-देवताओं के अभिषेक से हुई। इसके पश्चात महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक और पंचामृत स्नान संपन्न कराया गया। मंत्र ध्वनि और घंटों की गूंज के बीच प्रथम घंटाल बजा कर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को आच्छादित कर पवित्र भस्म अर्पित की गई।
इसके उपरांत भगवान महाकाल को त्रिपुंड का लेप लगाकर रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुण्डमाला, रुद्राक्ष माला और पुष्पमालाओं से भव्य रूप से सजाया गया। दिव्य श्रृंगार के चलते गर्भगृह का वातावरण अलौकिक हो उठा और भक्तों को दर्शन करते ही आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ।

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3 नवंबर महाकाल भस्म आरती: त्रिपुंड और रजतमुकुट से सजे महाकाल, सुबह-सुबह भक्तों ने किए दिव्य दर्शन
Ujjain, MP
कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर सोमवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त में जैसे ही मंदिर के कपाट खोले गए, पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। हजारों भक्तों ने तड़के भगवान महाकाल के वैभवशाली स्वरूप के दर्शन किए।
पूजन की शुरुआत गर्भगृह में स्थित सभी देवी-देवताओं के अभिषेक से हुई। इसके पश्चात महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक और पंचामृत स्नान संपन्न कराया गया। मंत्र ध्वनि और घंटों की गूंज के बीच प्रथम घंटाल बजा कर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को आच्छादित कर पवित्र भस्म अर्पित की गई।
इसके उपरांत भगवान महाकाल को त्रिपुंड का लेप लगाकर रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुण्डमाला, रुद्राक्ष माला और पुष्पमालाओं से भव्य रूप से सजाया गया। दिव्य श्रृंगार के चलते गर्भगृह का वातावरण अलौकिक हो उठा और भक्तों को दर्शन करते ही आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ।

