- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- उद्घाटन के 4 दिन बाद ही 154 करोड़ का फ्लाईओवर उखड़ा, दो इंजीनियर सस्पेंड
उद्घाटन के 4 दिन बाद ही 154 करोड़ का फ्लाईओवर उखड़ा, दो इंजीनियर सस्पेंड
BHOPAL, MP
भोपाल में बने सबसे लंबे फ्लाईओवर की गिट्टियां उखड़ने लगी हैं. जिस पर पीडब्ल्यूडी विभाग के सब इंजीनियर और असिस्टेंड इंजीनियर सस्पेंड कर दिया.
राजधानी भोपाल में बीते 23 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 154 करोड़ रुपए की लागत से गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक बनाए गए जीजी फ्लाईओवर का शुभारंभ किया था. करीब पौने 3 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर को शुरु हुए अभी एक सप्ताह ही हुआ है, लेकिन इसकी गिट्टियां उखड़ने लगी हैं.
शनिवार को लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने एनएचएआई और विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया, तो इसमें कई खामियां सामने आई. जिसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस प्रोजेक्ट के सब इंजीनियर और असिस्टेंड इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है.

दो निलंबित, दो को कारण बताओ नोटिस
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलाई ने बताया कि, ''फ्लाईओवर की गुणवत्ता में खामियों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने सेतु संभाग के सब इंजीनियर उमाकांत मिश्रा और प्रभारी असिस्टेंड इंजीनियर रवि शुक्ला को सस्पेंड कर दिया है. ये दोनों अधिकारी परियोजना के प्रभारी थे और इनकी तकनीकी निरीक्षण में लापरवाही सामने आई है. इनके साथ ही कार्यपालन यंत्री जावेद शकील और सीई ब्रिज को कारण बताओ नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है.''

निरीक्षण दल को ओवर ब्रिज में मिली खामियां
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक नवनिर्मित ब्रिज की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवालों को देखते हुए निरीक्षण किया. इस दौरान निरीक्षण दल ने पाया कि एलिवेटेड कॉरिडोर के दोनों ओर क्रैश बैरियर और मुख्य केरिज-वे के बीच की लगभग 18 इंच चौड़ी पटरी की गुणवत्ता अपेक्षित स्तर की नहीं है.
इस पटरी को मुख्य स्लैब से जोड़ने के कार्य में कमी देखी गई, जिसके कारण कई स्थानों पर मुख्य स्लैब और पटरी के जोड़ों में क्षरण (झड़ना) के चिन्ह दिखाई दिए. वहीं राइडिंग सरफेस की गुणवत्ता और फिनिशिंग संतोषजनक नहीं पाई गई. विशेष रूप से दो स्थानों पर जहां एक्सपेंशन जॉइंट लगाए गए हैं, वहां अधिक क्षरण पाया गया.

ठेकेदार पर भी अनुबंध अनुसार लगेगी पेनाल्टी
अपर मुख्य सचिव मंडलोई ने ब्रिज के निरीक्षण के बाद ठेकेदार और कंसल्टेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इसमें निर्माण कंपनी पर अनुबंधानुसार अर्थदंड लगाने तथा सभी सुधारात्मक कार्य अपने व्यय पर कराने का आदेश दिया है. निरीक्षण में मिली खामियों के सुधार के लिए एनएचएआई के रीजनल ऑफीसर श्रवण कुमार सिंह ने ब्रिज में मौजूद डिजाइन गैप्स में सीलेंट लगाने और राइडिंग सरफेस को उच्च गुणवत्ता का बनाए जाने के निर्देश दिए हैं.
लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने इस पूरी कार्रवाई की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि विभाग के कार्यों की गुणवत्ता सर्वाेच्च प्राथमिकता पर है. उन्होंने कहा कि, ''भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.''
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
उद्घाटन के 4 दिन बाद ही 154 करोड़ का फ्लाईओवर उखड़ा, दो इंजीनियर सस्पेंड
BHOPAL, MP
राजधानी भोपाल में बीते 23 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 154 करोड़ रुपए की लागत से गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक बनाए गए जीजी फ्लाईओवर का शुभारंभ किया था. करीब पौने 3 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर को शुरु हुए अभी एक सप्ताह ही हुआ है, लेकिन इसकी गिट्टियां उखड़ने लगी हैं.
शनिवार को लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने एनएचएआई और विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया, तो इसमें कई खामियां सामने आई. जिसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस प्रोजेक्ट के सब इंजीनियर और असिस्टेंड इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है.

दो निलंबित, दो को कारण बताओ नोटिस
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलाई ने बताया कि, ''फ्लाईओवर की गुणवत्ता में खामियों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने सेतु संभाग के सब इंजीनियर उमाकांत मिश्रा और प्रभारी असिस्टेंड इंजीनियर रवि शुक्ला को सस्पेंड कर दिया है. ये दोनों अधिकारी परियोजना के प्रभारी थे और इनकी तकनीकी निरीक्षण में लापरवाही सामने आई है. इनके साथ ही कार्यपालन यंत्री जावेद शकील और सीई ब्रिज को कारण बताओ नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है.''

निरीक्षण दल को ओवर ब्रिज में मिली खामियां
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक नवनिर्मित ब्रिज की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवालों को देखते हुए निरीक्षण किया. इस दौरान निरीक्षण दल ने पाया कि एलिवेटेड कॉरिडोर के दोनों ओर क्रैश बैरियर और मुख्य केरिज-वे के बीच की लगभग 18 इंच चौड़ी पटरी की गुणवत्ता अपेक्षित स्तर की नहीं है.
इस पटरी को मुख्य स्लैब से जोड़ने के कार्य में कमी देखी गई, जिसके कारण कई स्थानों पर मुख्य स्लैब और पटरी के जोड़ों में क्षरण (झड़ना) के चिन्ह दिखाई दिए. वहीं राइडिंग सरफेस की गुणवत्ता और फिनिशिंग संतोषजनक नहीं पाई गई. विशेष रूप से दो स्थानों पर जहां एक्सपेंशन जॉइंट लगाए गए हैं, वहां अधिक क्षरण पाया गया.

ठेकेदार पर भी अनुबंध अनुसार लगेगी पेनाल्टी
अपर मुख्य सचिव मंडलोई ने ब्रिज के निरीक्षण के बाद ठेकेदार और कंसल्टेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इसमें निर्माण कंपनी पर अनुबंधानुसार अर्थदंड लगाने तथा सभी सुधारात्मक कार्य अपने व्यय पर कराने का आदेश दिया है. निरीक्षण में मिली खामियों के सुधार के लिए एनएचएआई के रीजनल ऑफीसर श्रवण कुमार सिंह ने ब्रिज में मौजूद डिजाइन गैप्स में सीलेंट लगाने और राइडिंग सरफेस को उच्च गुणवत्ता का बनाए जाने के निर्देश दिए हैं.
लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने इस पूरी कार्रवाई की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि विभाग के कार्यों की गुणवत्ता सर्वाेच्च प्राथमिकता पर है. उन्होंने कहा कि, ''भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.''
