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MBBS की बढ़ाई गई 400 सीटें, इन जिलों में स्थापित किए जाएंगे 11 नए आयुर्वेद कॉलेज
BHOPAL, MP
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 17 चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए 2 हज़ार 575 सीट्स और स्नातकोत्तर के लिए एक हजार 337 सीट्स हैं. इस वित्तीय वर्ष में नीमच, मंदसौर और सिवनी में नए शासकीय चिकित्सालय कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर शासकीय व निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस की 400 व स्नातकोत्तर की 252 सीट्स बढ़ाई गई हैं. प्रदेश में जन-निजी भागीदारी के आधार पर नए चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है. वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 1 हजार संजीवनी एम्बुलेंस और 1 हजार 59 जननी एम्बुलेंस संचालित हैं. इन एम्बुलेन्स के माध्यम से लगभग 22 लाख नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं. सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्य योजना अंतर्गत आवश्यक उपचार व जन जागरुकता के कार्य किए जा रहे हैं.
11 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की होगी स्थापना
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 11 नए आयुर्वेद महाविद्यालय सह चिकित्सालयों की स्थापना की जानी है. प्रदेश में पन्ना, गुना, भिण्ड, श्योपुर तथा शुजालपुर में 50 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल, बड़वानी में 30 बिस्तरीय अस्पताल, बालाघाट, शहडोल, सागर, नर्मदापुरम एवं मुरैना में आयुष महाविद्यालयों और 4 जिला आयुष कार्यालयों के भवन निर्माण कार्य प्रगति पर है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में संचालित आयुष संस्थाओं एवं शिविरों के माध्यम से एक वर्ष में लगभग 1 करोड़ 40 लाख नागरिकों को उपचार दिया गया है.
प्रदेश में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं की दी जानकारी
अपने बजट भाषण में देवड़ा ने बताया कि प्रदेश के 52 जिला चिकित्सालय, 161 सिविल चिकित्सालय, 348 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 1 हजार 442 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 10 हज़ार 256 उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल 47 हजार 167 बिस्तर उपलब्ध हैं. इनके अलावा 539 शहरी स्वास्थ्य संस्थायें भी कार्यरत हैं. इस वर्ष पचोर, अमझेरा, सिंगरौली एवं महेश्वर में नवीन चिकित्सालय, 34 नए स्थलों पर 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और रीवा जिला चिकित्सालय में 100 बिस्तरीय वार्ड का निर्माण भी प्रारंभ हो चुका है. उन्होंने बताया कि उच्च जोखिम वाले दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले गर्भवती माताओं के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं में 249 बर्थ वेटिंग रूम स्थापित किए गए हैं.
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MBBS की बढ़ाई गई 400 सीटें, इन जिलों में स्थापित किए जाएंगे 11 नए आयुर्वेद कॉलेज
BHOPAL, MP
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 17 चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए 2 हज़ार 575 सीट्स और स्नातकोत्तर के लिए एक हजार 337 सीट्स हैं. इस वित्तीय वर्ष में नीमच, मंदसौर और सिवनी में नए शासकीय चिकित्सालय कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर शासकीय व निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस की 400 व स्नातकोत्तर की 252 सीट्स बढ़ाई गई हैं. प्रदेश में जन-निजी भागीदारी के आधार पर नए चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है. वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 1 हजार संजीवनी एम्बुलेंस और 1 हजार 59 जननी एम्बुलेंस संचालित हैं. इन एम्बुलेन्स के माध्यम से लगभग 22 लाख नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं. सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्य योजना अंतर्गत आवश्यक उपचार व जन जागरुकता के कार्य किए जा रहे हैं.
11 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की होगी स्थापना
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 11 नए आयुर्वेद महाविद्यालय सह चिकित्सालयों की स्थापना की जानी है. प्रदेश में पन्ना, गुना, भिण्ड, श्योपुर तथा शुजालपुर में 50 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल, बड़वानी में 30 बिस्तरीय अस्पताल, बालाघाट, शहडोल, सागर, नर्मदापुरम एवं मुरैना में आयुष महाविद्यालयों और 4 जिला आयुष कार्यालयों के भवन निर्माण कार्य प्रगति पर है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में संचालित आयुष संस्थाओं एवं शिविरों के माध्यम से एक वर्ष में लगभग 1 करोड़ 40 लाख नागरिकों को उपचार दिया गया है.
प्रदेश में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं की दी जानकारी
अपने बजट भाषण में देवड़ा ने बताया कि प्रदेश के 52 जिला चिकित्सालय, 161 सिविल चिकित्सालय, 348 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 1 हजार 442 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 10 हज़ार 256 उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल 47 हजार 167 बिस्तर उपलब्ध हैं. इनके अलावा 539 शहरी स्वास्थ्य संस्थायें भी कार्यरत हैं. इस वर्ष पचोर, अमझेरा, सिंगरौली एवं महेश्वर में नवीन चिकित्सालय, 34 नए स्थलों पर 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और रीवा जिला चिकित्सालय में 100 बिस्तरीय वार्ड का निर्माण भी प्रारंभ हो चुका है. उन्होंने बताया कि उच्च जोखिम वाले दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले गर्भवती माताओं के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं में 249 बर्थ वेटिंग रूम स्थापित किए गए हैं.
