- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- तिमाही परीक्षा में शासकीय स्कूलों के 50% बच्चे फेल, तीन महीने तक चलती रही शिक्षकों की काउंसलिंग
तिमाही परीक्षा में शासकीय स्कूलों के 50% बच्चे फेल, तीन महीने तक चलती रही शिक्षकों की काउंसलिंग
Damoh, MP
जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने कहा कि तिमाही परीक्षा में कमजोर बच्चों के लिए निदानात्मक कक्षाओं की व्यवस्था की जा रही है। डी और ई ग्रेड के बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगवाई जा रही हैं।
दमोह जिले के सरकारी स्कूलों का तिमाही परीक्षा का परिणाम इस बार भी फिसड्डी रहा। हाल ही में घोषित कक्षा 9वीं से 12वीं के तिमाही परीक्षा परिणाम में केवल 50 प्रतिशत बच्चे ही पास हुए। अधिकांश बच्चों को डी और ई ग्रेड मिला। परीक्षा परिणाम खराब होने के पीछे स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है।
दरअसल, हर साल स्कूलों में खाली पड़े पदों पर जुलाई महीने में ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाती थी। लेकिन, इस बार जुलाई से अक्टूबर महीने तक स्थानीय स्तर पर अतिशेष शिक्षकों और उच्च प्रभार पदों की काउंसलिंग चलती रही, जिससे तीन महीने का समय निकल गया। दूसरी ओर, स्कूलों में अतिथि शिक्षक भी नियुक्त नहीं हो पाए, जिसके कारण बच्चों को बिना पढ़ाई के ही तिमाही परीक्षा देनी पड़ी। कई स्कूलों में विषयवार शिक्षक न होने की वजह से बच्चों ने किताब तक नहीं खोली। यही कारण है कि इस बार परीक्षा परिणाम बिगड़ गया।
पिछले साल दमोह जिले का परिणाम पूरे प्रदेश में सबसे खराब रहा था। इस बार भी स्थिति ऐसी ही बन रही है, क्योंकि अधिकांश स्कूलों में तीन महीने बिना पढ़ाई के निकल गए। अब दिसंबर में छमाही परीक्षा होगी और इसके दो महीने बाद वार्षिक परीक्षाएं होंगी। ऐसे में इतने कम समय में पाठ्यक्रम पूरा कराना भी कठिन है।
कक्षा 9वीं: 18,830 में से 9,263 बच्चे पास
इस बार कक्षा 9वीं में कुल 18,830 बच्चों ने तिमाही परीक्षा दी, जिसमें से 9,263 बच्चे पास हुए। ए-प्लस ग्रेड में 368, ए ग्रेड में 603, बी में 1,983, सी में 3,693, डी में 2,616, ई-1 में 5,673 और ई-2 ग्रेड में 3,894 बच्चे रहे। ज्यादातर बच्चों का अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषय का परिणाम खराब रहा।
कक्षा 10वीं: 12,932 में से 7,515 बच्चे पास
कक्षा 10वीं की तिमाही परीक्षा में कुल 12,932 बच्चे शामिल हुए, जिनमें से 7,515 बच्चे उत्तीर्ण हुए। ए-प्लस ग्रेड में 420, ए में 638, सी में 2,909, डी में 1,719, ई-1 में 3,966 और ई-2 में 1,451 बच्चे आए। इसमें भी गणित, संस्कृत, विज्ञान और अंग्रेजी विषय का परिणाम खराब रहा।
कक्षा 11वीं: 8,355 में से 5,128 बच्चे पास
कक्षा 11वीं में कला संकाय के कुल 8,355 बच्चों में से 5,128 बच्चे पास हुए। वाणिज्य में 424 में से 277, कृषि में 421 में से 277, विज्ञान में 2,526 में से 2,006 और गृह विज्ञान में 88 में से 75 बच्चे पास हुए।
कक्षा 12वीं: 5,624 में से 3,528 बच्चे पास
कक्षा 12वीं में कला संकाय में 5,624 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 3,528 बच्चे पास हुए। ए ग्रेड में केवल 115 बच्चे ही आए। वाणिज्य में 307 में से 208, कृषि में 150 में से 138, विज्ञान में 3,155 में से 2,453 और गृह विज्ञान में 11 में से 9 बच्चे पास हुए।
सरकार कर रही है छलावा
अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर राय ने बताया कि अतिथि शिक्षकों की वजह से ही अभी तक जिले का परिणाम बेहतर आता था। इस बार बिना पोर्टल अपडेट किए चार महीने बाद नियुक्ति आदेश जारी किए गए। कहीं बच्चों की दर्ज संख्या कम हैं तो कहीं पहले से ही अतिशेष शिक्षक पहुंच गए हैं, जिससे ज्वाइनिंग नहीं हो पा रही है। अतिथि शिक्षकों के साथ सरकार छलावा कर रही है।
अतिरिक्त कक्षाएं लगवाई जा रही हैं
जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने कहा कि तिमाही परीक्षा में कमजोर बच्चों के लिए निदानात्मक कक्षाओं की व्यवस्था की जा रही है। डी और ई ग्रेड के बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगवाई जा रही हैं। जल्द ही एक बैठक बुलाई जा रही है, जिसमें समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। काउंसलिंग की प्रक्रिया शासन स्तर पर हुई है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
तिमाही परीक्षा में शासकीय स्कूलों के 50% बच्चे फेल, तीन महीने तक चलती रही शिक्षकों की काउंसलिंग
Damoh, MP
दमोह जिले के सरकारी स्कूलों का तिमाही परीक्षा का परिणाम इस बार भी फिसड्डी रहा। हाल ही में घोषित कक्षा 9वीं से 12वीं के तिमाही परीक्षा परिणाम में केवल 50 प्रतिशत बच्चे ही पास हुए। अधिकांश बच्चों को डी और ई ग्रेड मिला। परीक्षा परिणाम खराब होने के पीछे स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है।
दरअसल, हर साल स्कूलों में खाली पड़े पदों पर जुलाई महीने में ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाती थी। लेकिन, इस बार जुलाई से अक्टूबर महीने तक स्थानीय स्तर पर अतिशेष शिक्षकों और उच्च प्रभार पदों की काउंसलिंग चलती रही, जिससे तीन महीने का समय निकल गया। दूसरी ओर, स्कूलों में अतिथि शिक्षक भी नियुक्त नहीं हो पाए, जिसके कारण बच्चों को बिना पढ़ाई के ही तिमाही परीक्षा देनी पड़ी। कई स्कूलों में विषयवार शिक्षक न होने की वजह से बच्चों ने किताब तक नहीं खोली। यही कारण है कि इस बार परीक्षा परिणाम बिगड़ गया।
पिछले साल दमोह जिले का परिणाम पूरे प्रदेश में सबसे खराब रहा था। इस बार भी स्थिति ऐसी ही बन रही है, क्योंकि अधिकांश स्कूलों में तीन महीने बिना पढ़ाई के निकल गए। अब दिसंबर में छमाही परीक्षा होगी और इसके दो महीने बाद वार्षिक परीक्षाएं होंगी। ऐसे में इतने कम समय में पाठ्यक्रम पूरा कराना भी कठिन है।
कक्षा 9वीं: 18,830 में से 9,263 बच्चे पास
इस बार कक्षा 9वीं में कुल 18,830 बच्चों ने तिमाही परीक्षा दी, जिसमें से 9,263 बच्चे पास हुए। ए-प्लस ग्रेड में 368, ए ग्रेड में 603, बी में 1,983, सी में 3,693, डी में 2,616, ई-1 में 5,673 और ई-2 ग्रेड में 3,894 बच्चे रहे। ज्यादातर बच्चों का अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषय का परिणाम खराब रहा।
कक्षा 10वीं: 12,932 में से 7,515 बच्चे पास
कक्षा 10वीं की तिमाही परीक्षा में कुल 12,932 बच्चे शामिल हुए, जिनमें से 7,515 बच्चे उत्तीर्ण हुए। ए-प्लस ग्रेड में 420, ए में 638, सी में 2,909, डी में 1,719, ई-1 में 3,966 और ई-2 में 1,451 बच्चे आए। इसमें भी गणित, संस्कृत, विज्ञान और अंग्रेजी विषय का परिणाम खराब रहा।
कक्षा 11वीं: 8,355 में से 5,128 बच्चे पास
कक्षा 11वीं में कला संकाय के कुल 8,355 बच्चों में से 5,128 बच्चे पास हुए। वाणिज्य में 424 में से 277, कृषि में 421 में से 277, विज्ञान में 2,526 में से 2,006 और गृह विज्ञान में 88 में से 75 बच्चे पास हुए।
कक्षा 12वीं: 5,624 में से 3,528 बच्चे पास
कक्षा 12वीं में कला संकाय में 5,624 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 3,528 बच्चे पास हुए। ए ग्रेड में केवल 115 बच्चे ही आए। वाणिज्य में 307 में से 208, कृषि में 150 में से 138, विज्ञान में 3,155 में से 2,453 और गृह विज्ञान में 11 में से 9 बच्चे पास हुए।
सरकार कर रही है छलावा
अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर राय ने बताया कि अतिथि शिक्षकों की वजह से ही अभी तक जिले का परिणाम बेहतर आता था। इस बार बिना पोर्टल अपडेट किए चार महीने बाद नियुक्ति आदेश जारी किए गए। कहीं बच्चों की दर्ज संख्या कम हैं तो कहीं पहले से ही अतिशेष शिक्षक पहुंच गए हैं, जिससे ज्वाइनिंग नहीं हो पा रही है। अतिथि शिक्षकों के साथ सरकार छलावा कर रही है।
अतिरिक्त कक्षाएं लगवाई जा रही हैं
जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने कहा कि तिमाही परीक्षा में कमजोर बच्चों के लिए निदानात्मक कक्षाओं की व्यवस्था की जा रही है। डी और ई ग्रेड के बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगवाई जा रही हैं। जल्द ही एक बैठक बुलाई जा रही है, जिसमें समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। काउंसलिंग की प्रक्रिया शासन स्तर पर हुई है।
