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सम्मान लेने से इंकार करने वाले मीसाबंदी बोले – “सम्मान का भूखा नहीं, न्याय चाहिए”
Damoh, MP
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दमोह में शुक्रवार को एक अनोखा वाकया देखने को मिला। मंच पर मौजूद मंत्री इंदर सिंह परमार और कलेक्टर सुधीर कोचर, मीसाबंदी संतोष भारती को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करना चाहते थे, लेकिन भारती ने भरे मैदान में यह सम्मान लेने से मना कर दिया।
उन्होंने कड़े लहजे में नाराजगी जताते हुए मंत्री को एक आवेदन सौंपा और कार्यक्रम स्थल छोड़कर चले गए।
40 साल से अटका है जमीन का मामला
संतोष भारती ने बताया कि उन्होंने 40 साल पहले हाउसिंग बोर्ड से जमीन खरीदी थी, लेकिन रजिस्ट्री आज तक नहीं हुई। आरोप है कि रजिस्ट्री कराने के लिए एक अधिकारी ने उनसे 5,000 रुपये रिश्वत मांगी थी, जिसे देने से उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद से मामला अधर में है, जबकि हाईकोर्ट में केस जीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
“सम्मान नहीं, न्याय चाहिए”
भारती ने कहा, “मैं कभी किसी मंच पर सम्मान लेने नहीं गया। आज भी यहां मेरा उद्देश्य केवल ज्ञापन देकर न्याय की मांग करना था। मैं तीन बार मीसाबंदी में जेल गया हूं, लेकिन आज तक मेरी समस्या का समाधान नहीं हुआ। 25 साल से भाजपा की सरकार है, फिर भी न्याय नहीं मिल रहा।”
मंत्री पर लगाया झूठ बोलने का आरोप
भारती ने यह भी कहा कि अगर मंत्री यह कह रहे हैं कि उन्हें ज्ञापन नहीं मिला, तो वे झूठ बोल रहे हैं। “हम मूल्यों की राजनीति करते हैं, हमारे लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था अधिक महत्वपूर्ण है, सिर्फ सम्मान का दिखावा नहीं।”
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Damoh, MP
उन्होंने कड़े लहजे में नाराजगी जताते हुए मंत्री को एक आवेदन सौंपा और कार्यक्रम स्थल छोड़कर चले गए।
40 साल से अटका है जमीन का मामला
संतोष भारती ने बताया कि उन्होंने 40 साल पहले हाउसिंग बोर्ड से जमीन खरीदी थी, लेकिन रजिस्ट्री आज तक नहीं हुई। आरोप है कि रजिस्ट्री कराने के लिए एक अधिकारी ने उनसे 5,000 रुपये रिश्वत मांगी थी, जिसे देने से उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद से मामला अधर में है, जबकि हाईकोर्ट में केस जीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
“सम्मान नहीं, न्याय चाहिए”
भारती ने कहा, “मैं कभी किसी मंच पर सम्मान लेने नहीं गया। आज भी यहां मेरा उद्देश्य केवल ज्ञापन देकर न्याय की मांग करना था। मैं तीन बार मीसाबंदी में जेल गया हूं, लेकिन आज तक मेरी समस्या का समाधान नहीं हुआ। 25 साल से भाजपा की सरकार है, फिर भी न्याय नहीं मिल रहा।”
मंत्री पर लगाया झूठ बोलने का आरोप
भारती ने यह भी कहा कि अगर मंत्री यह कह रहे हैं कि उन्हें ज्ञापन नहीं मिला, तो वे झूठ बोल रहे हैं। “हम मूल्यों की राजनीति करते हैं, हमारे लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था अधिक महत्वपूर्ण है, सिर्फ सम्मान का दिखावा नहीं।”
