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भोपाल में सूझबूझ से बची युवक की जान: सड़क पर गिरते ही सब इंस्पेक्टर ने दिया CPR, नादरा बस स्टैंड की घटना
भोपाल (म.प्र.)
ड्यूटी के दौरान हनुमानगंज थाने के सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा की तत्परता, समय पर मदद से टली अनहोनी
भोपाल के नादरा बस स्टैंड चौराहे पर को ड्यूटी के दौरान एक पुलिस अधिकारी की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक युवक की जान बच गई। हनुमानगंज थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा ने सड़क पर अचानक गिरे युवक को तत्काल सीपीआर देकर दोबारा सांसें लौटाईं और उसे इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस अधिकारी की सूझबूझ की सराहना की।
घटना उस समय हुई, जब नादरा बस स्टैंड क्षेत्र में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा की नजर एक युवक पर पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक बैटरी रिक्शा से उतरते ही अचानक सड़क पर गिर पड़ा। उसके साथ मौजूद दोस्त भी कुछ समझ पाता, उससे पहले युवक बेहोश हो चुका था और उसके शरीर में कोई हलचल नहीं दिख रही थी।
स्थिति बिगड़ती देख तुरंत लिया फैसला
विवेक शर्मा ने बताया कि युवक के गिरते ही उन्होंने उसकी नब्ज और सांस की स्थिति जांची। युवक की हालत गंभीर लग रही थी और आसपास मौजूद लोग घबरा गए थे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने बिना समय गंवाए मौके पर ही सीपीआर देना शुरू किया। करीब 30 से 45 सेकेंड तक लगातार सीपीआर देने के बाद युवक के शरीर में हलचल शुरू हुई और धीरे-धीरे उसे होश आने लगा।
सीपीआर के बाद युवक की हालत में सुधार दिखा, जिसके बाद पानी के छींटे मारकर उसे पूरी तरह होश में लाने की कोशिश की गई। कुछ ही देर में युवक ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया
होश में आने के बाद युवक को उसके दोस्त के साथ अस्पताल भेजा गया। सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा ने तत्काल उसे हमीदिया अस्पताल ले जाने की सलाह दी। युवक की पहचान गुलाब सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के लुधियाना-जालंधर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। बाद में पुलिस द्वारा संपर्क किए जाने पर जानकारी मिली कि युवक की हालत अब स्थिर और सामान्य है।
ड्यूटी से बढ़कर मानवता का उदाहरण
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि पुलिस की भूमिका केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय मानवीय संवेदनाएं भी उतनी ही अहम हैं। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि कुछ सेकेंड की भी देरी हो जाती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक बेहोशी या कार्डियक अरेस्ट के मामलों में समय पर दिया गया सीपीआर जीवन रक्षक साबित होता है। ऐसे में विवेक शर्मा की त्वरित प्रतिक्रिया ने युवक की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
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भोपाल (म.प्र.)
भोपाल के नादरा बस स्टैंड चौराहे पर को ड्यूटी के दौरान एक पुलिस अधिकारी की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक युवक की जान बच गई। हनुमानगंज थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा ने सड़क पर अचानक गिरे युवक को तत्काल सीपीआर देकर दोबारा सांसें लौटाईं और उसे इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस अधिकारी की सूझबूझ की सराहना की।
घटना उस समय हुई, जब नादरा बस स्टैंड क्षेत्र में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा की नजर एक युवक पर पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक बैटरी रिक्शा से उतरते ही अचानक सड़क पर गिर पड़ा। उसके साथ मौजूद दोस्त भी कुछ समझ पाता, उससे पहले युवक बेहोश हो चुका था और उसके शरीर में कोई हलचल नहीं दिख रही थी।
स्थिति बिगड़ती देख तुरंत लिया फैसला
विवेक शर्मा ने बताया कि युवक के गिरते ही उन्होंने उसकी नब्ज और सांस की स्थिति जांची। युवक की हालत गंभीर लग रही थी और आसपास मौजूद लोग घबरा गए थे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने बिना समय गंवाए मौके पर ही सीपीआर देना शुरू किया। करीब 30 से 45 सेकेंड तक लगातार सीपीआर देने के बाद युवक के शरीर में हलचल शुरू हुई और धीरे-धीरे उसे होश आने लगा।
सीपीआर के बाद युवक की हालत में सुधार दिखा, जिसके बाद पानी के छींटे मारकर उसे पूरी तरह होश में लाने की कोशिश की गई। कुछ ही देर में युवक ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया
होश में आने के बाद युवक को उसके दोस्त के साथ अस्पताल भेजा गया। सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा ने तत्काल उसे हमीदिया अस्पताल ले जाने की सलाह दी। युवक की पहचान गुलाब सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के लुधियाना-जालंधर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। बाद में पुलिस द्वारा संपर्क किए जाने पर जानकारी मिली कि युवक की हालत अब स्थिर और सामान्य है।
ड्यूटी से बढ़कर मानवता का उदाहरण
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि पुलिस की भूमिका केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय मानवीय संवेदनाएं भी उतनी ही अहम हैं। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि कुछ सेकेंड की भी देरी हो जाती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक बेहोशी या कार्डियक अरेस्ट के मामलों में समय पर दिया गया सीपीआर जीवन रक्षक साबित होता है। ऐसे में विवेक शर्मा की त्वरित प्रतिक्रिया ने युवक की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
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