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शिवपुरी में 7 करोड़ का घोटाला, PWD के रिटायर्ड अफसरों समेत 15 पर FIR
Shivpuri,MP
शिवपुरी जिले में पीडब्लूडी के अधिकारियों ने कर्मचारियों के साथ मिलकर किया घोटाला. ऑडिट के दौरान घोटाले के परतें खुली.
शिवपुरी कलेक्टर के आदेश पर पीडब्ल्यूडी में हुए 7 करोड़ रुपये के घोटाले में 15 अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. इनमें 4 सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री, 01 वर्तमान में कार्यरत कार्यपालन यंत्री, 3 संभागीय लेखा अधिकारी, दो सहायक ग्रेड कर्मचारियों के अलावा 5 आउटसोर्स कर्मचारी हैं. इनके खिलाफ कोतवाली थाने में केस दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
मध्यप्रदेश ऑडिट डिपार्टमेंट की जांच में खुलासा
बता दें कि मध्यप्रदेश ऑडिट डिपार्टमेंट की जांच में इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश हुआ. मामले के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारी गौरव श्रीवास्तव ने गैगमैनों के नाम पर करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराए. इसी प्रकार आउटसोर्स कर्मचारी सौरभ श्रीवास्तव, शाहरुख खान, नसीम खान और धूलजी एवं सरिता देवी द्वारा भी राशि का गबन किया गया. घोटाले की कुल रकम करीब 7 करोड़ रुपये है. इस मामले में आयुक्त कोष एवं लेखा भोपाल ने शिवपुरी एसपी व कलेक्टर को 25 मार्च को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा था.
कलेक्टर ने कराई जांच तो खुली घोटाले की परतें
कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने इस मामले की जांच के लिए डिप्टी कलेक्टर अनुपम शर्मा को भेजा. पूरा रिकार्ड जब्त कर चेक करने के बाद जांच रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपी गई. इसके बाद वरिष्ठ कोषालय अधिकारी छवि जैन विरमानी द्वारा कोतवाली थाने में एफआइआर के लिए आवेदन दिया गया. पुलिस ने सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री ओमहरि शर्मा, जीबी मिश्रा, बीएस गुर्जर, हरिओम अग्रवाल व कार्यपालन यंत्री धर्मेंद्र सिंह यादव के खिलाफ एफआईआर की.
किस आरोपी की क्या भूमिका रही
मामले के अनुसार जिम्मेदार अधिकारियों पर लॉगइन व पासवर्ड अनधिकृत व्यक्ति को सौंपने का आरोप है. संभागीय लेखा अधिकारी एचके मीना, संजय शर्मा, वैभव गुप्ता पर भी दायित्वों के निर्वाहन नहीं करने का आरोप है. सहायक ग्रेड-3 दयाराम शिवहरे पर आइएफएमआइएस क्रियेटर के दायित्वों का पालन नहीं करने और अनधिकृत व्यक्ति को लॉगइन पासवर्ड देने का आरोप है. सहायक ग्रेड-3 प्रेमनारायण नामदेव पर फ्रॉड भुगतान के मुख्य आरोपी गौरव श्रीवास्तव से अपने खाते में पैसा ट्रांसफर कराने का आरोप है. आउटसोर्स कर्मचारी गौरव श्रीवास्तव पर शासकीय राशि अपने और अन्य 4 खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है.
इन लोगों पर साठगांठ कर गबन का आरोपआउटसोर्स कर्मचारी सौरभ श्रीवास्तव, शाहरुख खान, नसीम खान, धूलजी एवं सरिता देवी ने राशि अपने खाते में ट्रांसफर करने के बाद इसका उपयोग भी किया. वहीं, कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ का कहना है "कार्यालय आयुक्त कोष एवं लेखा भोपाल ने 7 करोड़ के गबन के मामले में जिस एसओपी (स्टैंड ऑफ प्रोसिस) के पालन के निर्देश कलेक्टर शिवपुरी को दिए, उसी के अनुसार कार्रवाई कर एफआईआर दर्ज की गई है. एफआईआर में अभी धाराओं का और इजाफा होगा. यदि भुगतान डिजिटल होना पाया गया तो आईटी एक्ट की धाराएं भी बढ़ेंगी."
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शिवपुरी में 7 करोड़ का घोटाला, PWD के रिटायर्ड अफसरों समेत 15 पर FIR
Shivpuri,MP
शिवपुरी कलेक्टर के आदेश पर पीडब्ल्यूडी में हुए 7 करोड़ रुपये के घोटाले में 15 अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. इनमें 4 सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री, 01 वर्तमान में कार्यरत कार्यपालन यंत्री, 3 संभागीय लेखा अधिकारी, दो सहायक ग्रेड कर्मचारियों के अलावा 5 आउटसोर्स कर्मचारी हैं. इनके खिलाफ कोतवाली थाने में केस दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
मध्यप्रदेश ऑडिट डिपार्टमेंट की जांच में खुलासा
बता दें कि मध्यप्रदेश ऑडिट डिपार्टमेंट की जांच में इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश हुआ. मामले के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारी गौरव श्रीवास्तव ने गैगमैनों के नाम पर करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराए. इसी प्रकार आउटसोर्स कर्मचारी सौरभ श्रीवास्तव, शाहरुख खान, नसीम खान और धूलजी एवं सरिता देवी द्वारा भी राशि का गबन किया गया. घोटाले की कुल रकम करीब 7 करोड़ रुपये है. इस मामले में आयुक्त कोष एवं लेखा भोपाल ने शिवपुरी एसपी व कलेक्टर को 25 मार्च को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा था.
कलेक्टर ने कराई जांच तो खुली घोटाले की परतें
कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने इस मामले की जांच के लिए डिप्टी कलेक्टर अनुपम शर्मा को भेजा. पूरा रिकार्ड जब्त कर चेक करने के बाद जांच रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपी गई. इसके बाद वरिष्ठ कोषालय अधिकारी छवि जैन विरमानी द्वारा कोतवाली थाने में एफआइआर के लिए आवेदन दिया गया. पुलिस ने सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री ओमहरि शर्मा, जीबी मिश्रा, बीएस गुर्जर, हरिओम अग्रवाल व कार्यपालन यंत्री धर्मेंद्र सिंह यादव के खिलाफ एफआईआर की.
किस आरोपी की क्या भूमिका रही
मामले के अनुसार जिम्मेदार अधिकारियों पर लॉगइन व पासवर्ड अनधिकृत व्यक्ति को सौंपने का आरोप है. संभागीय लेखा अधिकारी एचके मीना, संजय शर्मा, वैभव गुप्ता पर भी दायित्वों के निर्वाहन नहीं करने का आरोप है. सहायक ग्रेड-3 दयाराम शिवहरे पर आइएफएमआइएस क्रियेटर के दायित्वों का पालन नहीं करने और अनधिकृत व्यक्ति को लॉगइन पासवर्ड देने का आरोप है. सहायक ग्रेड-3 प्रेमनारायण नामदेव पर फ्रॉड भुगतान के मुख्य आरोपी गौरव श्रीवास्तव से अपने खाते में पैसा ट्रांसफर कराने का आरोप है. आउटसोर्स कर्मचारी गौरव श्रीवास्तव पर शासकीय राशि अपने और अन्य 4 खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है.
इन लोगों पर साठगांठ कर गबन का आरोपआउटसोर्स कर्मचारी सौरभ श्रीवास्तव, शाहरुख खान, नसीम खान, धूलजी एवं सरिता देवी ने राशि अपने खाते में ट्रांसफर करने के बाद इसका उपयोग भी किया. वहीं, कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ का कहना है "कार्यालय आयुक्त कोष एवं लेखा भोपाल ने 7 करोड़ के गबन के मामले में जिस एसओपी (स्टैंड ऑफ प्रोसिस) के पालन के निर्देश कलेक्टर शिवपुरी को दिए, उसी के अनुसार कार्रवाई कर एफआईआर दर्ज की गई है. एफआईआर में अभी धाराओं का और इजाफा होगा. यदि भुगतान डिजिटल होना पाया गया तो आईटी एक्ट की धाराएं भी बढ़ेंगी."
