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सड़क पर लुढ़कते वैष्णो देवी जा रहा अनोखा भक्त, 7 महीने लोटेगा, महाराष्ट्र से एमपी पहुंचा
JAGRAN DESK
मन्नत पूरी होने के बाद महाराष्ट्र के अमरावती से शुरू किया सफर, डेढ़ महीने में मध्यप्रदेश के बुरहानपुर पहुंचा अनोखा भक्त.
महाराष्ट्र के अमरावती निवासी देवीदास खौराट की अनोखी भक्ति देखकर लोग हैरान रह जाते हैं. दरअसल, देवीदास ने मां वैष्णो देवी से अनोखी मन्नत मांगी थी, जिसके पूरा होने पर अब देवीदास ने मन्नत के मुताबिक जमीन पर लुढ़कते हुए माता वैष्णो देवी तक का सफर शुरू कर दिया है. लगभग डेढ़ महीने सड़क पर लुढ़कते हुए देवीदास बुधवार को मध्यप्रदेश के बुरहानपुर पहुंचे हैं.
बेटे के लिए मांगी थी मन्नत
दरअसल, देवीदास के बेटे दुर्गेश खौराट को साल 2001 में तेज कंरट लग गया था, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए देवीदास ने बेटे की जान बचने और स्वस्थ होनी के लिए मां वैष्णो देवी से कामना करते हुए मन्नत मांगी. देवीदास ने इस दौरान प्रण लिया कि यदि मां वैष्णो देवी ने उसके बेटे को जीवनदान दिया तो वह पांच बार अमरावती से वैष्णो देवी के दर्शन व मन्नत उतारने जाएंगे. मन्नत पूरी हो गई और उसके बाद से देवीदास सड़क पर लोटते हुए दो बार वैष्णों देवी जा चुके हैं. वहीं अब तीसरी बार वे फिर अपनी अनोखी भक्ति के साथ निकल पड़े हैं.

7 महीने का कठिन सफर बाकी
बुधवार को मध्यप्रदेश के बुरहानपुर पहुंच चुके देवीदास ने बताया कि उनकी इस तीसरी यात्रा में उनकी बेटी वैष्णवी भी साथ चल रही है. डेढ़ महीने की यात्रा के बाद देवीदास बुरहानपुर पहुंच चुके हैं और अभी भी उन्हें 7 महीने का सफर इसी तरह तय करना है. इस दौरान रास्ते से गुजरने वाले लोग उन्हें देखते रह जाते हैं.

हर दिन 10 किमी का सफर
साइकिल पर साथ चल रही देवीदास की 14 वर्षीय बेटी वैष्णवी ने स्कूल सी छुट्टी ली है और कुछ समय पिता की मदद करेगी. इसके बाद देवीदास का बेटा पिता की मदद के लिए पहुंचेगा. उन्होंने बताया कि साइकिल पर उन्होंने भोजन, पानी कपड़े सहित अन्य जरूरी चीजें रखी हैं और हर दिन वे करीब 10 किमी तक का सफर करते हैं. इस दौरान वे रास्ते में पड़ने वाले मंदिरों में रात गुजारते हैं और सुबह होते ही सफर शुरू हो जाता है.
देवीदास ने ईटीवी भारत से कहा, '' बेटे की सलामती के लिए अनोखी मन्नत मांगी है, अमरावती से लेकर वैष्णो देवी के दर्शन व मन्नत पूरी करने के लिए सड़क पर लोटते जा रहा हूं, इससे पहले दो बार की मन्नत पूरी की है, अब तीसरी बार अमरावती से वैष्णो देवी तक जाने के लिए निकल चुके हैं. रास्ता चाहे कैसा भी हो, लेकिन मेरे इरादे मजबूत हैं, मुझे माता रानी की कृपा से कोई दिक्कतें नहीं आती, जब लोगों को मेरी मन्नत के बारे में पता चलता है तो बड़ी संख्या में लोग मेरा हौसला अफजाई करते हैं.''
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सड़क पर लुढ़कते वैष्णो देवी जा रहा अनोखा भक्त, 7 महीने लोटेगा, महाराष्ट्र से एमपी पहुंचा
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महाराष्ट्र के अमरावती निवासी देवीदास खौराट की अनोखी भक्ति देखकर लोग हैरान रह जाते हैं. दरअसल, देवीदास ने मां वैष्णो देवी से अनोखी मन्नत मांगी थी, जिसके पूरा होने पर अब देवीदास ने मन्नत के मुताबिक जमीन पर लुढ़कते हुए माता वैष्णो देवी तक का सफर शुरू कर दिया है. लगभग डेढ़ महीने सड़क पर लुढ़कते हुए देवीदास बुधवार को मध्यप्रदेश के बुरहानपुर पहुंचे हैं.
बेटे के लिए मांगी थी मन्नत
दरअसल, देवीदास के बेटे दुर्गेश खौराट को साल 2001 में तेज कंरट लग गया था, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए देवीदास ने बेटे की जान बचने और स्वस्थ होनी के लिए मां वैष्णो देवी से कामना करते हुए मन्नत मांगी. देवीदास ने इस दौरान प्रण लिया कि यदि मां वैष्णो देवी ने उसके बेटे को जीवनदान दिया तो वह पांच बार अमरावती से वैष्णो देवी के दर्शन व मन्नत उतारने जाएंगे. मन्नत पूरी हो गई और उसके बाद से देवीदास सड़क पर लोटते हुए दो बार वैष्णों देवी जा चुके हैं. वहीं अब तीसरी बार वे फिर अपनी अनोखी भक्ति के साथ निकल पड़े हैं.

7 महीने का कठिन सफर बाकी
बुधवार को मध्यप्रदेश के बुरहानपुर पहुंच चुके देवीदास ने बताया कि उनकी इस तीसरी यात्रा में उनकी बेटी वैष्णवी भी साथ चल रही है. डेढ़ महीने की यात्रा के बाद देवीदास बुरहानपुर पहुंच चुके हैं और अभी भी उन्हें 7 महीने का सफर इसी तरह तय करना है. इस दौरान रास्ते से गुजरने वाले लोग उन्हें देखते रह जाते हैं.

हर दिन 10 किमी का सफर
साइकिल पर साथ चल रही देवीदास की 14 वर्षीय बेटी वैष्णवी ने स्कूल सी छुट्टी ली है और कुछ समय पिता की मदद करेगी. इसके बाद देवीदास का बेटा पिता की मदद के लिए पहुंचेगा. उन्होंने बताया कि साइकिल पर उन्होंने भोजन, पानी कपड़े सहित अन्य जरूरी चीजें रखी हैं और हर दिन वे करीब 10 किमी तक का सफर करते हैं. इस दौरान वे रास्ते में पड़ने वाले मंदिरों में रात गुजारते हैं और सुबह होते ही सफर शुरू हो जाता है.
देवीदास ने ईटीवी भारत से कहा, '' बेटे की सलामती के लिए अनोखी मन्नत मांगी है, अमरावती से लेकर वैष्णो देवी के दर्शन व मन्नत पूरी करने के लिए सड़क पर लोटते जा रहा हूं, इससे पहले दो बार की मन्नत पूरी की है, अब तीसरी बार अमरावती से वैष्णो देवी तक जाने के लिए निकल चुके हैं. रास्ता चाहे कैसा भी हो, लेकिन मेरे इरादे मजबूत हैं, मुझे माता रानी की कृपा से कोई दिक्कतें नहीं आती, जब लोगों को मेरी मन्नत के बारे में पता चलता है तो बड़ी संख्या में लोग मेरा हौसला अफजाई करते हैं.''
