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विदिशा में फिल्म पुष्पा जैसी कार्रवाई, 300 वनकर्मियों का बड़ा एक्शन
Vidisha, MP
विदिशा सहित 3 जिलों की वन विभाग की टीम ने लकड़ी माफियाओं पर कसा शिकंजा. एक साथ 25 फर्नीचर की दुकानों पर मारा छापा.
मध्य प्रदेश के विदिशा, राजगढ़ और गुना वन विभाग की टीम द्वारा सागौन लकड़ी के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई से सागौन की तस्करी करने वाले माफियाओं में हड़कंप मच गया है. तीनों जिलों के वन विभाग की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक साथ 25 फर्नीचर दुकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में सागौन की अवैध लकड़ी बरामद की है. इस कार्रवाई में 300 से ज्यादा वन कर्मी शामिल थे.
25 फर्नीचर की दुकानों पर पड़ा छापा
अवैध तरीके से कीमती सागौन की लकड़ी काटकर फर्नीचर दुकानों के जरिए बेची जा रही थी. इस कारोबार में स्थानीय व्यापारी, आरा मिल संचालक और कुछ रसूखदार लोग भी शामिल थे. यह कारोबार लबे समय से अवैध तरीके से चल रहा था. इन लकड़ी माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए तीनों जिलों के वन विभाग की टीम ने योजना बनाकर एक साथ 25 फर्नीचर की दुकानों में छापा मारा. इस कार्रवाई से पहले तीनों जिलों के वन मंडल अधिकारियों ने बैठकर संयुक्त प्लान तैयार किया था.

300 से ज्यादा वन कर्मियों ने मारा छापा
रविवार को तड़के जब विदिशा, राजगढ़ और गुना के वन विभाग के 300 से अधिक वनकर्मियों और पुलिस बल के साथ राजगढ़ जिले के सुठालिया पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया. वन विभाग की टीमों ने पहले से ही इलाके की सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर रखी थी, जिससे छापेमारी में कोई बाधा न आए. कार्रवाई की अगुवाई कर रहे राजगढ़ वन मंडल अधिकारी बेनी प्रसाद और विदिशा वन मंडल अधिकारी हेमंत यादव ने बताया, "इस दौरान 25 फर्नीचर की दुकानों पर कार्रवाई करते हुए कई अवैध आरा मशीनें जब्त की गई हैं. जिनका उपयोग सागौन की लकड़ी को काटने में हो रहा था."

लाखों रुपए की सागौन लकड़ी जब्त
वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई में लाखों रुपये की सागौन लकड़ी जब्त की गई है. जिसे अवैध रूप से काटकर बाजार में बेचा जा रहा था. कई दुकानदार मौके से फरार हो गए, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि इस रैकेट के पीछे कौन लोग हैं. इसका जल्द ही खुलासा किया जाएगा. विदिशा वन मंडल अधिकारी हेमंत यादव ने बताया, "यह सिर्फ एक शुरुआत है, जो लोग जंगलों को उजाड़कर अवैध रूप से लकड़ी व्यापार चला रहे हैं. उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी."
राजगढ़ वन मंडल अधिकारी बेनी प्रसाद ने कहा, '' इस पूरे अवैध लकड़ी के कारोबार को गुप्त नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था. जिसमें कुछ व्यापारियों और फर्नीचर दुकानदारों की मिलीभगत सामने आई है. वन विभाग अब इन कारोबारियों के खिलाफ कठोर वन अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है.'' आगे उन्होंने कहा, " यह सिर्फ एक अभियान की शुरुआत है. अवैध लकड़ी कटाई को पूरी तरह खत्म करने तक ऑपरेशन जारी रहेगा."
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विदिशा में फिल्म पुष्पा जैसी कार्रवाई, 300 वनकर्मियों का बड़ा एक्शन
Vidisha, MP
मध्य प्रदेश के विदिशा, राजगढ़ और गुना वन विभाग की टीम द्वारा सागौन लकड़ी के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई से सागौन की तस्करी करने वाले माफियाओं में हड़कंप मच गया है. तीनों जिलों के वन विभाग की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक साथ 25 फर्नीचर दुकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में सागौन की अवैध लकड़ी बरामद की है. इस कार्रवाई में 300 से ज्यादा वन कर्मी शामिल थे.
25 फर्नीचर की दुकानों पर पड़ा छापा
अवैध तरीके से कीमती सागौन की लकड़ी काटकर फर्नीचर दुकानों के जरिए बेची जा रही थी. इस कारोबार में स्थानीय व्यापारी, आरा मिल संचालक और कुछ रसूखदार लोग भी शामिल थे. यह कारोबार लबे समय से अवैध तरीके से चल रहा था. इन लकड़ी माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए तीनों जिलों के वन विभाग की टीम ने योजना बनाकर एक साथ 25 फर्नीचर की दुकानों में छापा मारा. इस कार्रवाई से पहले तीनों जिलों के वन मंडल अधिकारियों ने बैठकर संयुक्त प्लान तैयार किया था.

300 से ज्यादा वन कर्मियों ने मारा छापा
रविवार को तड़के जब विदिशा, राजगढ़ और गुना के वन विभाग के 300 से अधिक वनकर्मियों और पुलिस बल के साथ राजगढ़ जिले के सुठालिया पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया. वन विभाग की टीमों ने पहले से ही इलाके की सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर रखी थी, जिससे छापेमारी में कोई बाधा न आए. कार्रवाई की अगुवाई कर रहे राजगढ़ वन मंडल अधिकारी बेनी प्रसाद और विदिशा वन मंडल अधिकारी हेमंत यादव ने बताया, "इस दौरान 25 फर्नीचर की दुकानों पर कार्रवाई करते हुए कई अवैध आरा मशीनें जब्त की गई हैं. जिनका उपयोग सागौन की लकड़ी को काटने में हो रहा था."

लाखों रुपए की सागौन लकड़ी जब्त
वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई में लाखों रुपये की सागौन लकड़ी जब्त की गई है. जिसे अवैध रूप से काटकर बाजार में बेचा जा रहा था. कई दुकानदार मौके से फरार हो गए, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि इस रैकेट के पीछे कौन लोग हैं. इसका जल्द ही खुलासा किया जाएगा. विदिशा वन मंडल अधिकारी हेमंत यादव ने बताया, "यह सिर्फ एक शुरुआत है, जो लोग जंगलों को उजाड़कर अवैध रूप से लकड़ी व्यापार चला रहे हैं. उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी."
राजगढ़ वन मंडल अधिकारी बेनी प्रसाद ने कहा, '' इस पूरे अवैध लकड़ी के कारोबार को गुप्त नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था. जिसमें कुछ व्यापारियों और फर्नीचर दुकानदारों की मिलीभगत सामने आई है. वन विभाग अब इन कारोबारियों के खिलाफ कठोर वन अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है.'' आगे उन्होंने कहा, " यह सिर्फ एक अभियान की शुरुआत है. अवैध लकड़ी कटाई को पूरी तरह खत्म करने तक ऑपरेशन जारी रहेगा."
