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डॉ. मोहन भगोरिया पर्व में करेंगे शिरकत, तैयारियों में जुटा प्रशासन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 मार्च को बड़वानी जिले के पानसेमल में भगोरिया पर्व में शामिल होंगे. बुधवार को राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी, विधायक श्याम बर्डे, कलेक्टर और एसपी ने तैयारियों का जायजा लिया. नगर के बस स्टैंड को संभावित सभा स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है.
जबकि जलगोन रोड पर हेलीपैड के लिए जगह देखी गई है. पानसेमल विधायक श्याम बर्डे ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर लोगों में काफी उत्साह है. सीएम मोहन पहली बार पानसेमल शहर में आ रहे हैं. जिसको लेकर आम लोगों में काफी उम्मीदें भी हैं. बता दें कि सीएम ने भगोरिया उत्सव को अब राज्य उत्सव के तौर पर मनाने की घोषणा की है.
क्या है भगोरिया पर्व?
हाट बाजारों में आदिवासी युवक-युवतियां एक दूसरे को पसंद करते हैं. बाजार में एक दूसरे को गुलाल लगाते हैं. युवक पहले युवती को गुलाल लगाता है. अगर युवती को युवक पसंद आ जाता है तो वो उसे गुलाल लगाती है. अगर युवक युवती को पसंद नहीं आता है तो गुलाल को पोंछ देती है.
इसके बाद सहमती पर दोनों एक दूसरे के साथ भाग जाते हैं. गांव वाले भगोरिया हाट में बने प्रेम-प्रसंग को विवाह सूत्र में बांधने के लिए दोनों परिवारों से बातचीत करते हैं और होलिका दहन हो जाने के बाद विवाह संपन्न करवाए जाते हैं.
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डॉ. मोहन भगोरिया पर्व में करेंगे शिरकत, तैयारियों में जुटा प्रशासन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 मार्च को बड़वानी जिले के पानसेमल में भगोरिया पर्व में शामिल होंगे. बुधवार को राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी, विधायक श्याम बर्डे, कलेक्टर और एसपी ने तैयारियों का जायजा लिया. नगर के बस स्टैंड को संभावित सभा स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है.
जबकि जलगोन रोड पर हेलीपैड के लिए जगह देखी गई है. पानसेमल विधायक श्याम बर्डे ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर लोगों में काफी उत्साह है. सीएम मोहन पहली बार पानसेमल शहर में आ रहे हैं. जिसको लेकर आम लोगों में काफी उम्मीदें भी हैं. बता दें कि सीएम ने भगोरिया उत्सव को अब राज्य उत्सव के तौर पर मनाने की घोषणा की है.
क्या है भगोरिया पर्व?
हाट बाजारों में आदिवासी युवक-युवतियां एक दूसरे को पसंद करते हैं. बाजार में एक दूसरे को गुलाल लगाते हैं. युवक पहले युवती को गुलाल लगाता है. अगर युवती को युवक पसंद आ जाता है तो वो उसे गुलाल लगाती है. अगर युवक युवती को पसंद नहीं आता है तो गुलाल को पोंछ देती है.
इसके बाद सहमती पर दोनों एक दूसरे के साथ भाग जाते हैं. गांव वाले भगोरिया हाट में बने प्रेम-प्रसंग को विवाह सूत्र में बांधने के लिए दोनों परिवारों से बातचीत करते हैं और होलिका दहन हो जाने के बाद विवाह संपन्न करवाए जाते हैं.
