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गुहार लगाते-लगाते थक गए थे गांव वाले... अब खुद बना रहे हैं तीन किलोमीटर लंबी सड़क
singroli, MP
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के मटिया गांव में ग्रामीणों ने प्रशासन की उदासीनता के बावजूद अपनी मेहनत और एकता से एक तीन किलोमीटर लंबी सड़क बना दी है. ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा किया और अपने संसाधनों से ही सड़क का निर्माण किया.
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के एक गांव में ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा करके सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है. प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने पर भी सड़क निर्माण न होने पर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया है.
सिंगरौली जिले के मटिया गांव में आजकल सभी ग्रामीण सड़क निर्माण के कार्य में जुटे हुए हैं. कमाल की बात ये है कि इस सड़क को बनाने में प्रशासन की ओर से एक भी रुपया नहीं लगाया गया है और न ही उनसे किसी तरह की मदद ली गई है. ग्रामीण चंदा इकट्ठा कर सड़क का निर्माण कर रहे है,
दरअसल, देवसर जनपद के मटिया गांव में मुख्य सड़क तक जाने के लिए गांव के बीच में से ही पगडंडियों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचा जा सकता है, पगडंडी यानी कच्चा मार्ग ही एक मात्र रास्ता है जो गांव को मुख्य सड़क से जोड़ता है. लेकिन बारिश में इस पर कीचड़ पसरा जाता है जिससे यहां से गुजरना काफी मुश्किल भरा होता है.
सिर्फ मिला आश्वासन...
अपनी इस परेशानी को बताते हुए ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण करने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के दफ्तरों के कई चक्कर काटे. यहां तक कि सरपंच, विधायक और सांसद के भी दरवाजे खटखटाए लेकिन हर जगह उन्हें सिर्फ आश्वासन दे कर ही वापस लौटा दिया गया.
ऐसे में परेशान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण का जिम्मा अपने हाथों में लेने का निर्णय लिया. सड़क निर्माण के लिए सबसे पहली समस्या थी पैसे. लेकिन इसका हल भी ग्रामीणों ने ही मिलकर निकाल लिया. ग्रामीणों ने एकजुट हो कर सड़क के लिए पैसे इकट्ठा करने का फैसला किया.
चंदा जुटाकर बना रहे हैं सड़क
गांव के कुछ लोगों ने गांव भर में घूमकर सभी घरों से निर्माण कार्य के लिए चंदा जुटाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते यह राशि 50 हजार तक पहुंच गई. राशि जमा होते ही ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले गांव के इकलौते कच्चे रास्ते पर सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया. जिसमें सभी गांव वाले कंधे से कंधा मिलाकर अपना सहयोग दे रहे हैं. 3 किलोमीटर की सड़क ग्रामीणों ने बना दी है.
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गुहार लगाते-लगाते थक गए थे गांव वाले... अब खुद बना रहे हैं तीन किलोमीटर लंबी सड़क
singroli, MP
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के एक गांव में ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा करके सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है. प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने पर भी सड़क निर्माण न होने पर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया है.
सिंगरौली जिले के मटिया गांव में आजकल सभी ग्रामीण सड़क निर्माण के कार्य में जुटे हुए हैं. कमाल की बात ये है कि इस सड़क को बनाने में प्रशासन की ओर से एक भी रुपया नहीं लगाया गया है और न ही उनसे किसी तरह की मदद ली गई है. ग्रामीण चंदा इकट्ठा कर सड़क का निर्माण कर रहे है,
दरअसल, देवसर जनपद के मटिया गांव में मुख्य सड़क तक जाने के लिए गांव के बीच में से ही पगडंडियों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचा जा सकता है, पगडंडी यानी कच्चा मार्ग ही एक मात्र रास्ता है जो गांव को मुख्य सड़क से जोड़ता है. लेकिन बारिश में इस पर कीचड़ पसरा जाता है जिससे यहां से गुजरना काफी मुश्किल भरा होता है.
सिर्फ मिला आश्वासन...
अपनी इस परेशानी को बताते हुए ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण करने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के दफ्तरों के कई चक्कर काटे. यहां तक कि सरपंच, विधायक और सांसद के भी दरवाजे खटखटाए लेकिन हर जगह उन्हें सिर्फ आश्वासन दे कर ही वापस लौटा दिया गया.
ऐसे में परेशान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण का जिम्मा अपने हाथों में लेने का निर्णय लिया. सड़क निर्माण के लिए सबसे पहली समस्या थी पैसे. लेकिन इसका हल भी ग्रामीणों ने ही मिलकर निकाल लिया. ग्रामीणों ने एकजुट हो कर सड़क के लिए पैसे इकट्ठा करने का फैसला किया.
चंदा जुटाकर बना रहे हैं सड़क
गांव के कुछ लोगों ने गांव भर में घूमकर सभी घरों से निर्माण कार्य के लिए चंदा जुटाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते यह राशि 50 हजार तक पहुंच गई. राशि जमा होते ही ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले गांव के इकलौते कच्चे रास्ते पर सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया. जिसमें सभी गांव वाले कंधे से कंधा मिलाकर अपना सहयोग दे रहे हैं. 3 किलोमीटर की सड़क ग्रामीणों ने बना दी है.
