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भिखारी बयान के बाद कांग्रेस का नया पैंतरा, MSP की भीख के लिए किसान तैयार
BHOPAL, MP
मध्य प्रदेश में प्रहलाद पटेल के बयान पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है.किसान प्रहलाद पटेल से न्यूनतम समर्थन मूल्य की भीख मांगेंगे
पूर्व केन्द्रीय मंत्री व प्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल को लेकर कांग्रेस लगातार हमला बोल रही है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि "प्रहलाद पटेल के पास किसान भी अपनी मांग लेकर जाएंगे और 3100 रुपए गेहूं के दाम करने की भीख मांगेंगे. जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार में मंत्रियों पर मुख्यमंत्री का कोई नियंत्रण नहीं है. उधर कांग्रेस विधायक को धमकी देने के मामले में जीतू पटवारी ने सवाल पूछा कि आखिर धमकी देने वाले को किस नेता का संरक्षण है.
विधायक को धमकी देने वाला किसका खास
जीतू पटवारी ने कहा कि "कांग्रेस विधायक केशव देसाई ने व्यवस्था के अंतर्गत ही सवाल उठाया है, लेकिन सवाल पूछने पर धमकी मिलना मध्य प्रदेश के गुंडाराज और माफियाराज की यह बानगी है. जिसने विधायक को धमकी दी, उसका एक हॉस्पिटल है. उसके खिलाफ पहले भी विधानसभा में प्रश्न लगे थे. अब जब सवाल पूछते हैं तो धमकाया जा रहा है. कांग्रेस के सभी विधायक विधानसभा में इस मामले में मुखर रहेंगे. केशव देसाई के साथ सभी विधायक खड़े रहेंगे. उन्होंने सवाल किया कि आखिर धमकी देने वाला किस नेता का खास है."

दूसरे राज्यों के मुकाबले सबसे छोटा सत्र
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि "बजट को लेकर बीजेपी लोकतंत्र की मर्यादा को मानती ही नहीं है. मध्य प्रदेश में इस बार बजट सत्र में सिर्फ 9 बैठकें होंगी, जबकि पूर्व में प्रदेश का बजट सत्र 35 से 45 दिन तक चलता है, लेकिन बीजेपी ने बजट सत्र को 9 दिन पर ला दिया. देश के अलग-अलग राज्यों की विधानसभाओं में बुलाए जाने वाले बजट सत्र के मुकाबले मध्य प्रदेश का बजट सत्र 5 फीसदी भी नहीं है. बीजेपी की कोशिश रहती है कि उन्हें विपक्षी विधायकों की बात सुननी ही नहीं है."
बीजेपी विपक्ष के विधायकों को नहीं देता बजट
बीजेपी अपनी पार्टी के विधायकों को 15-15 करोड़ रुपए देती है, लेकिन विपक्ष के विधायकों को जीरो बजट दिया जा रहा है. यह संदेश है कि जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया, बीजेपी उनके खिलाफ है. जिन्होंने कांग्रेस के प्रतिनिधि को चुना यह उनका विरोध है. जहां तक बजट की प्रक्रिया की बात है. जितना बड़ा बजट सरकार लाएगी, उसमें उतना बड़ा कर्ज होगा. जितना बड़ा बजट, उसमें उतना ज्यादा फिजूलखर्जी की व्यवस्था होगी. सरकार योजनाएं भी ऐसी बनाती है, जिसमें भ्रष्टाचार कैसे ज्यादा हो, यही सरकार के बजट का चरित्र है.
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भिखारी बयान के बाद कांग्रेस का नया पैंतरा, MSP की भीख के लिए किसान तैयार
BHOPAL, MP
पूर्व केन्द्रीय मंत्री व प्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल को लेकर कांग्रेस लगातार हमला बोल रही है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि "प्रहलाद पटेल के पास किसान भी अपनी मांग लेकर जाएंगे और 3100 रुपए गेहूं के दाम करने की भीख मांगेंगे. जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार में मंत्रियों पर मुख्यमंत्री का कोई नियंत्रण नहीं है. उधर कांग्रेस विधायक को धमकी देने के मामले में जीतू पटवारी ने सवाल पूछा कि आखिर धमकी देने वाले को किस नेता का संरक्षण है.
विधायक को धमकी देने वाला किसका खास
जीतू पटवारी ने कहा कि "कांग्रेस विधायक केशव देसाई ने व्यवस्था के अंतर्गत ही सवाल उठाया है, लेकिन सवाल पूछने पर धमकी मिलना मध्य प्रदेश के गुंडाराज और माफियाराज की यह बानगी है. जिसने विधायक को धमकी दी, उसका एक हॉस्पिटल है. उसके खिलाफ पहले भी विधानसभा में प्रश्न लगे थे. अब जब सवाल पूछते हैं तो धमकाया जा रहा है. कांग्रेस के सभी विधायक विधानसभा में इस मामले में मुखर रहेंगे. केशव देसाई के साथ सभी विधायक खड़े रहेंगे. उन्होंने सवाल किया कि आखिर धमकी देने वाला किस नेता का खास है."

दूसरे राज्यों के मुकाबले सबसे छोटा सत्र
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि "बजट को लेकर बीजेपी लोकतंत्र की मर्यादा को मानती ही नहीं है. मध्य प्रदेश में इस बार बजट सत्र में सिर्फ 9 बैठकें होंगी, जबकि पूर्व में प्रदेश का बजट सत्र 35 से 45 दिन तक चलता है, लेकिन बीजेपी ने बजट सत्र को 9 दिन पर ला दिया. देश के अलग-अलग राज्यों की विधानसभाओं में बुलाए जाने वाले बजट सत्र के मुकाबले मध्य प्रदेश का बजट सत्र 5 फीसदी भी नहीं है. बीजेपी की कोशिश रहती है कि उन्हें विपक्षी विधायकों की बात सुननी ही नहीं है."
बीजेपी विपक्ष के विधायकों को नहीं देता बजट
बीजेपी अपनी पार्टी के विधायकों को 15-15 करोड़ रुपए देती है, लेकिन विपक्ष के विधायकों को जीरो बजट दिया जा रहा है. यह संदेश है कि जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया, बीजेपी उनके खिलाफ है. जिन्होंने कांग्रेस के प्रतिनिधि को चुना यह उनका विरोध है. जहां तक बजट की प्रक्रिया की बात है. जितना बड़ा बजट सरकार लाएगी, उसमें उतना बड़ा कर्ज होगा. जितना बड़ा बजट, उसमें उतना ज्यादा फिजूलखर्जी की व्यवस्था होगी. सरकार योजनाएं भी ऐसी बनाती है, जिसमें भ्रष्टाचार कैसे ज्यादा हो, यही सरकार के बजट का चरित्र है.
