- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- पीएम मोदी की अपील के बाद एमपी में घटे वीआईपी काफिले, सीएम सिर्फ 7 गाड़ियों में निकले
पीएम मोदी की अपील के बाद एमपी में घटे वीआईपी काफिले, सीएम सिर्फ 7 गाड़ियों में निकले
रीवा (म.प्र.)
पीएम मोदी की ईंधन बचत अपील के बाद एमपी में सीएम मोहन यादव और मंत्रियों ने अपने काफिले छोटे किए, कई विभागों में नए निर्देश जारी।
पीएम मोदी की अपील के बाद मध्यप्रदेश में वीआईपी काफिलों की संख्या में कमी आई है। मंगलवार को जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से नरसिंहपुर के लिए रवाना हुए, तो उनका काफिला पहले के मुकाबले काफी छोटा नजर आया। आमतौर पर सीएम के साथ लगभग 13 गाड़ियां होती थीं, लेकिन इस बार सिर्फ सात गाड़ियां ही उनके साथ थीं। एयरपोर्ट रोड पर जब उनका काफिला गुजरा, तो लोगों की नजरें उसी पर टिक गईं। प्रशासनिक सर्कलों में भी इस पर चर्चा होती रही। सरकार ने ईंधन की बचत को लेकर ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। खासकर जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें और सप्लाई पर दबाव बना हुआ है, तो राज्य सरकार इसे एक संदेश के रूप में भी देख रही है।
सीएम के बाद अब डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने भी अपने विभाग में गाड़ियों के कम इस्तेमाल की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सोशल मीडिया के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यक्रमों और दौरे के दौरान अतिरिक्त वाहनों का उपयोग न किया जाए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में अब साझा वाहन सिस्टम और कार पूलिंग को बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में विभागीय बैठकों और फील्ड विजिट में भी सीमित गाड़ियों के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने ये भी कहा कि ईंधन बचत सिर्फ आर्थिक पहलू नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती और रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग का भी मुद्दा उठाया। सरकार इसे जन जागरूकता अभियान से जोड़ने पर भी विचार कर रही है। मंत्रालय के कई अधिकारियों का मानना है कि वीआईपी मूवमेंट में अक्सर जरूरत से ज्यादा वाहन शामिल होते हैं और इसे कम करने के लिए दबाव बढ़ रहा है।
एक तरफ खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग भी मंगलवार को केवल एक कार में मंत्रालय पहुंचे। उनके पास न तो पायलेट वाहन था और न ही कोई लंबा फॉलो काफिला। मंत्रालय के बाहर मौजूद लोगों के बीच इस पर चर्चा होती रही। मंत्री सारंग ने कहा कि पीएम मोदी की अपील देश और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ी हुई है, इसलिए सभी को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से भी कहा कि जहां जरूरी न हो, वहां निजी वाहनों का कम उपयोग करें। देर शाम तक सोशल मीडिया पर सीएम और मंत्रियों के छोटे काफिलों की तस्वीरें वायरल होती रहीं। कुछ लोग इसे सकारात्मक पहल कह रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ प्रतीकात्मक कदम मान रहे हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
पीएम मोदी की अपील के बाद एमपी में घटे वीआईपी काफिले, सीएम सिर्फ 7 गाड़ियों में निकले
रीवा (म.प्र.)
पीएम मोदी की अपील के बाद मध्यप्रदेश में वीआईपी काफिलों की संख्या में कमी आई है। मंगलवार को जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से नरसिंहपुर के लिए रवाना हुए, तो उनका काफिला पहले के मुकाबले काफी छोटा नजर आया। आमतौर पर सीएम के साथ लगभग 13 गाड़ियां होती थीं, लेकिन इस बार सिर्फ सात गाड़ियां ही उनके साथ थीं। एयरपोर्ट रोड पर जब उनका काफिला गुजरा, तो लोगों की नजरें उसी पर टिक गईं। प्रशासनिक सर्कलों में भी इस पर चर्चा होती रही। सरकार ने ईंधन की बचत को लेकर ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। खासकर जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें और सप्लाई पर दबाव बना हुआ है, तो राज्य सरकार इसे एक संदेश के रूप में भी देख रही है।
सीएम के बाद अब डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने भी अपने विभाग में गाड़ियों के कम इस्तेमाल की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सोशल मीडिया के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यक्रमों और दौरे के दौरान अतिरिक्त वाहनों का उपयोग न किया जाए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में अब साझा वाहन सिस्टम और कार पूलिंग को बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में विभागीय बैठकों और फील्ड विजिट में भी सीमित गाड़ियों के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने ये भी कहा कि ईंधन बचत सिर्फ आर्थिक पहलू नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती और रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग का भी मुद्दा उठाया। सरकार इसे जन जागरूकता अभियान से जोड़ने पर भी विचार कर रही है। मंत्रालय के कई अधिकारियों का मानना है कि वीआईपी मूवमेंट में अक्सर जरूरत से ज्यादा वाहन शामिल होते हैं और इसे कम करने के लिए दबाव बढ़ रहा है।
एक तरफ खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग भी मंगलवार को केवल एक कार में मंत्रालय पहुंचे। उनके पास न तो पायलेट वाहन था और न ही कोई लंबा फॉलो काफिला। मंत्रालय के बाहर मौजूद लोगों के बीच इस पर चर्चा होती रही। मंत्री सारंग ने कहा कि पीएम मोदी की अपील देश और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ी हुई है, इसलिए सभी को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से भी कहा कि जहां जरूरी न हो, वहां निजी वाहनों का कम उपयोग करें। देर शाम तक सोशल मीडिया पर सीएम और मंत्रियों के छोटे काफिलों की तस्वीरें वायरल होती रहीं। कुछ लोग इसे सकारात्मक पहल कह रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ प्रतीकात्मक कदम मान रहे हैं।
