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महाकाल भस्म आरती में दिखा अद्भुत श्रृंगार, चंद्र-त्रिपुंड से सजे बाबा
उज्जैन (म.प्र.)
उज्जैन महाकाल मंदिर में 24 मई की भस्म आरती में बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार हुआ। श्रद्धालुओं ने सुबह आरती में शामिल होकर दर्शन किए।
Mahakal Bhasma Aarti: उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष और आकर्षक श्रृंगार किया गया। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद गर्भगृह में पूजा-अर्चना की प्रक्रिया शुरू हुई। भस्म आरती में शामिल होने के लिए देर रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में पहुंचने लगी थी। सुबह होते-होते पूरा परिसर “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गूंज उठा। बताया जा रहा है कि छुट्टी का दिन होने के कारण बाहर से आने वाले भक्तों की संख्या भी सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा रही।
मंदिर के पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में विराजित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। फिर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ। पूजा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार लगातार चलता रहा। भांग, चंदन और सुगंधित द्रव्यों से बाबा का श्रृंगार किया गया। इस बार मस्तक पर चंद्र और त्रिपुंड अर्पित किया गया, जिसने श्रृंगार को और दिव्य स्वरूप दे दिया। गर्भगृह में मौजूद श्रद्धालु लगातार भगवान के दर्शन करने की कोशिश करते नजर आए। कई लोग मोबाइल में इस पल को कैद करते भी दिखाई दिए, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रशासन लगातार निगरानी करता रहा।
भस्म अर्पण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद मंत्रों के बीच ध्यान पूजन हुआ। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर परंपरा अनुसार भस्म रमाई गई। मंदिर के अंदर उस समय का माहौल काफी आध्यात्मिक दिखाई दिया। आरती पूरी होने के बाद बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और पुष्प अर्पित किए गए। सुगंधित फूलों से पूरा गर्भगृह महक उठा था। श्रद्धालु नंदी महाराज के दर्शन के लिए भी लंबी कतार में लगे दिखाई दिए। कई भक्त नंदी के कान में अपनी मनोकामनाएं कहते नजर आए। अधिकारियों के अनुसार सुबह की भस्म आरती शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और दर्शन व्यवस्था भी सामान्य बनी रही। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए गए थे।
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महाकाल भस्म आरती में दिखा अद्भुत श्रृंगार, चंद्र-त्रिपुंड से सजे बाबा
उज्जैन (म.प्र.)
Mahakal Bhasma Aarti: उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष और आकर्षक श्रृंगार किया गया। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद गर्भगृह में पूजा-अर्चना की प्रक्रिया शुरू हुई। भस्म आरती में शामिल होने के लिए देर रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में पहुंचने लगी थी। सुबह होते-होते पूरा परिसर “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गूंज उठा। बताया जा रहा है कि छुट्टी का दिन होने के कारण बाहर से आने वाले भक्तों की संख्या भी सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा रही।
मंदिर के पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में विराजित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। फिर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ। पूजा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार लगातार चलता रहा। भांग, चंदन और सुगंधित द्रव्यों से बाबा का श्रृंगार किया गया। इस बार मस्तक पर चंद्र और त्रिपुंड अर्पित किया गया, जिसने श्रृंगार को और दिव्य स्वरूप दे दिया। गर्भगृह में मौजूद श्रद्धालु लगातार भगवान के दर्शन करने की कोशिश करते नजर आए। कई लोग मोबाइल में इस पल को कैद करते भी दिखाई दिए, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रशासन लगातार निगरानी करता रहा।
भस्म अर्पण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद मंत्रों के बीच ध्यान पूजन हुआ। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर परंपरा अनुसार भस्म रमाई गई। मंदिर के अंदर उस समय का माहौल काफी आध्यात्मिक दिखाई दिया। आरती पूरी होने के बाद बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और पुष्प अर्पित किए गए। सुगंधित फूलों से पूरा गर्भगृह महक उठा था। श्रद्धालु नंदी महाराज के दर्शन के लिए भी लंबी कतार में लगे दिखाई दिए। कई भक्त नंदी के कान में अपनी मनोकामनाएं कहते नजर आए। अधिकारियों के अनुसार सुबह की भस्म आरती शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और दर्शन व्यवस्था भी सामान्य बनी रही। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए गए थे।
