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बागेश्वर धाम पहुंचे अनंत अंबानी, बालाजी की पूजा और यज्ञ में हुए शामिल
मध्य प्रदेश
बागेश्वर धाम पहुंचे उद्योगपति अनंत अंबानी ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ बालाजी के दर्शन किए, महाआरती में शामिल हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-हवन में आहुतियां अर्पित कर देश, धर्म और जनकल्याण की कामना की।
देश के प्रमुख उद्योगपति अनंत अंबानी गुरुवार शाम विशेष विमान से मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंचे, जहां उनका स्वागत बागेश्वर धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने किया। स्वागत के दौरान खजुराहो सांसद एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट से अनंत अंबानी सीधे बागेश्वर धाम रवाना हुए। उनके आगमन की सूचना पहले से होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम परिसर में मौजूद रहे और उन्होंने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बागेश्वर धाम पहुंचने के बाद अनंत अंबानी की मुलाकात कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से हुई। दोनों ने एक-दूसरे का आत्मीय भाव से अभिवादन किया। इस दौरान फोटो सेशन के दौरान एक रोचक पल देखने को मिला, जब अनंत अंबानी ने मुस्कुराते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का हाथ पकड़कर अपने पास खींच लिया और सहज अंदाज में कहा, "आपने आने के लिए कहा था, तो मैं आ गया।" वहां मौजूद लोगों ने इस पल का स्वागत तालियों के साथ किया। दोनों के बीच हुई यह आत्मीय बातचीत चर्चा का विषय बन गई।
इसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अनंत अंबानी को बागेश्वर बालाजी भगवान, सन्यासी बाबा और प्रेतराज सरकार के दर्शन कराए। दर्शन के दौरान उन्होंने धाम की धार्मिक परंपराओं, आध्यात्मिक महत्व और यहां की मान्यताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अनंत अंबानी ने मंदिर परिसर में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और भगवान से देश की समृद्धि, समाज के कल्याण तथा सभी नागरिकों के सुख-शांति की प्रार्थना की। मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने भी धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
दर्शन के बाद अनंत अंबानी और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्री बागेश्वर बालाजी भगवान की महाआरती में भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि के बीच आयोजित महाआरती में दोनों ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा की। मंदिर परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने भी आरती में भाग लेकर धार्मिक वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। आरती के दौरान देश, धर्म, समाज और मानव कल्याण की मंगलकामना की गई। पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालु जयकारों के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
महाआरती के बाद दोनों धाम परिसर स्थित यज्ञशाला पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-हवन का आयोजन चल रहा था। अनंत अंबानी ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं और वैदिक परंपराओं का पालन करते हुए धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस अनुष्ठान के दौरान विशेष मंत्रों का उच्चारण किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यज्ञ को सकारात्मक ऊर्जा, लोककल्याण और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक माना जाता है। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
यज्ञ संपन्न होने के बाद अनंत अंबानी ने धाम में 11 कन्याओं का विधिवत पूजन किया। उन्होंने सभी कन्याओं को दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही काशी से आए विद्वान ब्राह्मणों का सम्मान किया और उनसे शुभाशीष लिया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार कन्या पूजन को विशेष महत्व दिया जाता है और इसे शुभ कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस अवसर पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी इस धार्मिक आयोजन को श्रद्धा और आस्था के साथ देखा।
अनंत अंबानी और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच पहले भी कई बार मुलाकातें हो चुकी हैं। दोनों के बीच लंबे समय से आत्मीय संबंध रहे हैं, जिसकी झलक विभिन्न धार्मिक आयोजनों में देखने को मिलती रही है। अनंत अंबानी समय-समय पर बागेश्वर धाम की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सहयोग भी करते रहे हैं। विशेष रूप से धाम में 24 घंटे संचालित होने वाली 'अन्नपूर्णा रसोई' (भंडारा) में उनके सहयोग का उल्लेख कई अवसरों पर किया गया है। यही कारण है कि धाम में उनके आगमन को केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि लंबे समय से जुड़े धार्मिक संबंधों की निरंतरता के रूप में भी देखा जा रहा है। अनंत अंबानी की इस यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और यातायात की निगरानी की। दर्शन, महाआरती, यज्ञ-हवन और कन्या पूजन जैसे सभी कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार आयोजित किए गए।
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बागेश्वर धाम पहुंचे अनंत अंबानी, बालाजी की पूजा और यज्ञ में हुए शामिल
मध्य प्रदेश
देश के प्रमुख उद्योगपति अनंत अंबानी गुरुवार शाम विशेष विमान से मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंचे, जहां उनका स्वागत बागेश्वर धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने किया। स्वागत के दौरान खजुराहो सांसद एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट से अनंत अंबानी सीधे बागेश्वर धाम रवाना हुए। उनके आगमन की सूचना पहले से होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम परिसर में मौजूद रहे और उन्होंने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बागेश्वर धाम पहुंचने के बाद अनंत अंबानी की मुलाकात कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से हुई। दोनों ने एक-दूसरे का आत्मीय भाव से अभिवादन किया। इस दौरान फोटो सेशन के दौरान एक रोचक पल देखने को मिला, जब अनंत अंबानी ने मुस्कुराते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का हाथ पकड़कर अपने पास खींच लिया और सहज अंदाज में कहा, "आपने आने के लिए कहा था, तो मैं आ गया।" वहां मौजूद लोगों ने इस पल का स्वागत तालियों के साथ किया। दोनों के बीच हुई यह आत्मीय बातचीत चर्चा का विषय बन गई।
इसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अनंत अंबानी को बागेश्वर बालाजी भगवान, सन्यासी बाबा और प्रेतराज सरकार के दर्शन कराए। दर्शन के दौरान उन्होंने धाम की धार्मिक परंपराओं, आध्यात्मिक महत्व और यहां की मान्यताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अनंत अंबानी ने मंदिर परिसर में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और भगवान से देश की समृद्धि, समाज के कल्याण तथा सभी नागरिकों के सुख-शांति की प्रार्थना की। मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने भी धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
दर्शन के बाद अनंत अंबानी और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्री बागेश्वर बालाजी भगवान की महाआरती में भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि के बीच आयोजित महाआरती में दोनों ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा की। मंदिर परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने भी आरती में भाग लेकर धार्मिक वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। आरती के दौरान देश, धर्म, समाज और मानव कल्याण की मंगलकामना की गई। पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालु जयकारों के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
महाआरती के बाद दोनों धाम परिसर स्थित यज्ञशाला पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-हवन का आयोजन चल रहा था। अनंत अंबानी ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं और वैदिक परंपराओं का पालन करते हुए धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस अनुष्ठान के दौरान विशेष मंत्रों का उच्चारण किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यज्ञ को सकारात्मक ऊर्जा, लोककल्याण और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक माना जाता है। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
यज्ञ संपन्न होने के बाद अनंत अंबानी ने धाम में 11 कन्याओं का विधिवत पूजन किया। उन्होंने सभी कन्याओं को दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही काशी से आए विद्वान ब्राह्मणों का सम्मान किया और उनसे शुभाशीष लिया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार कन्या पूजन को विशेष महत्व दिया जाता है और इसे शुभ कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस अवसर पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी इस धार्मिक आयोजन को श्रद्धा और आस्था के साथ देखा।
अनंत अंबानी और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच पहले भी कई बार मुलाकातें हो चुकी हैं। दोनों के बीच लंबे समय से आत्मीय संबंध रहे हैं, जिसकी झलक विभिन्न धार्मिक आयोजनों में देखने को मिलती रही है। अनंत अंबानी समय-समय पर बागेश्वर धाम की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सहयोग भी करते रहे हैं। विशेष रूप से धाम में 24 घंटे संचालित होने वाली 'अन्नपूर्णा रसोई' (भंडारा) में उनके सहयोग का उल्लेख कई अवसरों पर किया गया है। यही कारण है कि धाम में उनके आगमन को केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि लंबे समय से जुड़े धार्मिक संबंधों की निरंतरता के रूप में भी देखा जा रहा है। अनंत अंबानी की इस यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और यातायात की निगरानी की। दर्शन, महाआरती, यज्ञ-हवन और कन्या पूजन जैसे सभी कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार आयोजित किए गए।
