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पेड़ों की कटाई और बिल्डरों के अवैध निर्माण पर फूटा गुस्सा, नगर निगम को अल्टीमेटम
INDORE, MP
सड़क पर उतरे रहवासी, महापौर से कई बार कर चुके शिकायत, जनसुनवाई में भी पहुंचा मामला। कहीं भी सुनवाई न होने से अब आंदोलन की राह पकड़ी।
इंदौर में पेड़ों की कटाई और बिल्डरों के द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों पर रहवासियों का गुस्सा फूटने लगा है। अब रहवासी सड़कों पर आकर भी विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं। इसी तरह का मामला केसरबाग रोड पर नजर आया। यहां बिल्डरों द्वारा लगातार अवैध निर्माण किए जा रहे हैं और हरे भरे प्राचीन पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है।
रहवासियों ने रविवार को एक बैठक रखी और फिर मौका मुआयना कर पेड़ों की कटाई देखी। रहवासियों ने अमर उजाला को बताया की केसरबाग रोड पर स्कीम नंबर 103, नेमा नगर, नालंदा परिसर अरिहा एन्क्लेव, सुन्दर विहार, तेजपुर गड़बड़ी सभी जगह यही हाल हैं। यहां पर बिल्डरों पर किसी का बस नहीं है। महापौर, पार्षद को कई बार शिकायत कर चुके हैं, जनसुनवाई में भी गए हैं लेकिन कुछ भी नहीं हो रहा है। बिल्डर इतने बेकाबू हो चुके हैं कि जहां घर बनाते हैं उसके दूर दूर तक के पेड़ों को पूरी तरह से कटवा देते हैं। न तो कोई अनुमति ली जाती है न ही जानकारी दी जाती है। दूसरों की सीमा में आने वाले और सड़क किनारे सरकारी भूमि पर लगे पेड़ों को भी रातों रात कटवा दिया जाता है।
महापौर से लेकर जनसुनवाई तक की शिकायत
रहवासियों ने कहा कि शिकायत करने पर कभी कभी एक से दो दिन काम बंद रहता है फिर वही सब शुरू हो जाता है। यहां बिल्डरों के द्वारा हरे भरे फलदार पेड़ों की बिना कारण कटाई करके पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया जा रहा है लेकिन कोई देखने सुनने वाला नहीं है। आज हुए आंदोलन में क्षेत्र की सभी कॉलोनियों के रहवासी संघों के अध्यक्ष तथा जागरूक लोग इकट्ठा हुए और इन अवैध निर्माणों पर अब कोई कार्रवाई नहीं होने पर आगे की आक्रामक रूप रेखा तय की गई।
पार्किंग नहीं, ड्रेनेज लाइन खराब, पीने का पानी भी नहीं आता
रहवासियों ने बताया कि आईडीए के नियमानुसार एक प्लाट पर एक ही रजिस्ट्री होना चाहिए किन्तु सारे नियम कायदों को ताक में रखकर चारों और अवैध निर्माण धड़ल्ले से किए जा रहे हैं। छोटे छोटे प्लाटों पर भी प्रकोष्ठ की आड़ लेकर एक प्लाट पर 5-5, 6-6 परिवारों को बसा दिया जाता है। इसमें पर्याप्त पार्किंग छोड़ना तो दूर किसी भवन में तो बिल्कुल भी पार्किंग नहीं छोड़ी जाती है। अन्य समस्याओं ने भी बसाहट बढ़ने के साथ अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ड्रेनेज की भी समस्या आए दिन हो रही है और वोल्टेज की समस्या भी बढ़ने लगी है। पानी की समस्या तो बरसात के दिनों में भी होने लगी है, जबकी अभी तो कॉलोनी आधी भी नहीं भरी है। भविष्य में दिख रही विकराल समस्याओं को देखते हुए क्षेत्र के सभी रहवासी संघ एक साथ आंदोलन शुरू कर रहे हैं। क्षेत्र के रहवासियों ने चेतावनी दी है यदि बिल्डरों पर जल्दी ही लगाम नहीं लगी तो रहवासी श्रंखलाबद्ध तरीके से प्रदर्शन शुरू करेंगे।
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पेड़ों की कटाई और बिल्डरों के अवैध निर्माण पर फूटा गुस्सा, नगर निगम को अल्टीमेटम
INDORE, MP
इंदौर में पेड़ों की कटाई और बिल्डरों के द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों पर रहवासियों का गुस्सा फूटने लगा है। अब रहवासी सड़कों पर आकर भी विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं। इसी तरह का मामला केसरबाग रोड पर नजर आया। यहां बिल्डरों द्वारा लगातार अवैध निर्माण किए जा रहे हैं और हरे भरे प्राचीन पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है।
रहवासियों ने रविवार को एक बैठक रखी और फिर मौका मुआयना कर पेड़ों की कटाई देखी। रहवासियों ने अमर उजाला को बताया की केसरबाग रोड पर स्कीम नंबर 103, नेमा नगर, नालंदा परिसर अरिहा एन्क्लेव, सुन्दर विहार, तेजपुर गड़बड़ी सभी जगह यही हाल हैं। यहां पर बिल्डरों पर किसी का बस नहीं है। महापौर, पार्षद को कई बार शिकायत कर चुके हैं, जनसुनवाई में भी गए हैं लेकिन कुछ भी नहीं हो रहा है। बिल्डर इतने बेकाबू हो चुके हैं कि जहां घर बनाते हैं उसके दूर दूर तक के पेड़ों को पूरी तरह से कटवा देते हैं। न तो कोई अनुमति ली जाती है न ही जानकारी दी जाती है। दूसरों की सीमा में आने वाले और सड़क किनारे सरकारी भूमि पर लगे पेड़ों को भी रातों रात कटवा दिया जाता है।
महापौर से लेकर जनसुनवाई तक की शिकायत
रहवासियों ने कहा कि शिकायत करने पर कभी कभी एक से दो दिन काम बंद रहता है फिर वही सब शुरू हो जाता है। यहां बिल्डरों के द्वारा हरे भरे फलदार पेड़ों की बिना कारण कटाई करके पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया जा रहा है लेकिन कोई देखने सुनने वाला नहीं है। आज हुए आंदोलन में क्षेत्र की सभी कॉलोनियों के रहवासी संघों के अध्यक्ष तथा जागरूक लोग इकट्ठा हुए और इन अवैध निर्माणों पर अब कोई कार्रवाई नहीं होने पर आगे की आक्रामक रूप रेखा तय की गई।
पार्किंग नहीं, ड्रेनेज लाइन खराब, पीने का पानी भी नहीं आता
रहवासियों ने बताया कि आईडीए के नियमानुसार एक प्लाट पर एक ही रजिस्ट्री होना चाहिए किन्तु सारे नियम कायदों को ताक में रखकर चारों और अवैध निर्माण धड़ल्ले से किए जा रहे हैं। छोटे छोटे प्लाटों पर भी प्रकोष्ठ की आड़ लेकर एक प्लाट पर 5-5, 6-6 परिवारों को बसा दिया जाता है। इसमें पर्याप्त पार्किंग छोड़ना तो दूर किसी भवन में तो बिल्कुल भी पार्किंग नहीं छोड़ी जाती है। अन्य समस्याओं ने भी बसाहट बढ़ने के साथ अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ड्रेनेज की भी समस्या आए दिन हो रही है और वोल्टेज की समस्या भी बढ़ने लगी है। पानी की समस्या तो बरसात के दिनों में भी होने लगी है, जबकी अभी तो कॉलोनी आधी भी नहीं भरी है। भविष्य में दिख रही विकराल समस्याओं को देखते हुए क्षेत्र के सभी रहवासी संघ एक साथ आंदोलन शुरू कर रहे हैं। क्षेत्र के रहवासियों ने चेतावनी दी है यदि बिल्डरों पर जल्दी ही लगाम नहीं लगी तो रहवासी श्रंखलाबद्ध तरीके से प्रदर्शन शुरू करेंगे।
