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सिवनी में फूटा किसानों का गुस्सा, कश्मीर से कन्याकुमारी वाले NH 44 हाईवे पर चक्का जाम
Shivni, MP
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में नेशनल हाईवे 44 पर किसानों ने नहर से पानी न मिलने के कारण चक्का जाम किया है। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही और नहर में भ्रष्टाचार के कारण उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा। यह तीसरी बार है जब किसानों ने चक्का जाम किया है।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में NH 44 पर किसानों ने चक्का जाम कर दिया है। ये किसान कश्मीर से कन्याकुमारी जाने वाले इस हाईवे पर नहर से पानी न मिलने के कारण धरने पर बैठ गए हैं। कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस समझाने पहुंची, लेकिन किसान डटे रहे। इससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात ठप हो गया।
खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी
सिवनी में पेंच परियोजना से किसानों को पानी मिलना था, लेकिन भ्रष्टाचार और सिंचाई विभाग की लापरवाही से पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा है। भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने विधानसभा में ये मुद्दा उठाया था और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। फिर भी न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही नहर की मरम्मत। नतीजा ये हुआ कि किसानों को बार-बार चक्का जाम करना पड़ रहा है।
इसलिए किया चक्का जाम
सिवनी विधानसभा क्षेत्र के बंडोल और कंलारबाकी में नहर तो बनी, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते पानी खेतों तक नहीं पहुंचता। सिंचाई विभाग के अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, पानी नहीं। इसलिए किसानों ने तीसरी बार चक्का जाम किया है। किसानों की मांग है कि उन्हें लिखित में बताया जाए कि उनके खेतों में पानी कब तक आएगा।
पेंच प्रोजेक्ट ने फेरा पानी
पेंच परियोजना, जो छिंदवाड़ा जिले से शुरू होती है, सिवनी के किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती थी। लेकिन नहर निर्माण में हुए भ्रष्टाचार ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सिंचाई विभाग की लापरवाही भी कम जिम्मेदार नहीं है। किसानों की शिकायतें अनसुनी कर दी जाती हैं। जब किसानों के सब्र का बांध टूटता है, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होते हैं।
विधानसभा में भी उठा था मुद्दा
विधायक दिनेश राय मुनमुन ने विधानसभा में इस समस्या को उठाकर किसानों की आवाज बुलंद की। उन्होंने नहर में हुए भ्रष्टाचार की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने नहर की मरम्मत कराने का भी आग्रह किया। लेकिन सरकार और प्रशासन ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया।
सबसे ज्यादा परेशान हैं यहां के किसान
बंडोल और कंलारबाकी क्षेत्र के किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। यहां नहर तो बनाई गई, लेकिन उसमें पानी नहीं आता। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारी सिर्फ झूठे वादे करते हैं। वे कहते हैं कि जल्द ही पानी आ जाएगा, लेकिन ऐसा होता नहीं है। इसलिए किसानों को मजबूरन चक्का जाम करना पड़ता है।
तीसरी बार चक्का जाम
यह तीसरी बार है जब किसानों ने पानी की मांग को लेकर चक्का जाम किया है। इससे पहले भी दो बार किसान सड़कों पर उतरे थे, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। अब किसानों ने प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की है कि उनके खेतों में पानी कब तक पहुंचेगा। वे तब तक अपना विरोध जारी रखेंगे, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। इस चक्का जाम से आम लोगों को भी काफी परेशानी हो रही है। कई किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। पुलिस स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रही है और किसानों से बातचीत कर रही है।
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सिवनी में फूटा किसानों का गुस्सा, कश्मीर से कन्याकुमारी वाले NH 44 हाईवे पर चक्का जाम
Shivni, MP
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में NH 44 पर किसानों ने चक्का जाम कर दिया है। ये किसान कश्मीर से कन्याकुमारी जाने वाले इस हाईवे पर नहर से पानी न मिलने के कारण धरने पर बैठ गए हैं। कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस समझाने पहुंची, लेकिन किसान डटे रहे। इससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात ठप हो गया।
खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी
सिवनी में पेंच परियोजना से किसानों को पानी मिलना था, लेकिन भ्रष्टाचार और सिंचाई विभाग की लापरवाही से पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा है। भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने विधानसभा में ये मुद्दा उठाया था और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। फिर भी न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही नहर की मरम्मत। नतीजा ये हुआ कि किसानों को बार-बार चक्का जाम करना पड़ रहा है।
इसलिए किया चक्का जाम
सिवनी विधानसभा क्षेत्र के बंडोल और कंलारबाकी में नहर तो बनी, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते पानी खेतों तक नहीं पहुंचता। सिंचाई विभाग के अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, पानी नहीं। इसलिए किसानों ने तीसरी बार चक्का जाम किया है। किसानों की मांग है कि उन्हें लिखित में बताया जाए कि उनके खेतों में पानी कब तक आएगा।
पेंच प्रोजेक्ट ने फेरा पानी
पेंच परियोजना, जो छिंदवाड़ा जिले से शुरू होती है, सिवनी के किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती थी। लेकिन नहर निर्माण में हुए भ्रष्टाचार ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सिंचाई विभाग की लापरवाही भी कम जिम्मेदार नहीं है। किसानों की शिकायतें अनसुनी कर दी जाती हैं। जब किसानों के सब्र का बांध टूटता है, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होते हैं।
विधानसभा में भी उठा था मुद्दा
विधायक दिनेश राय मुनमुन ने विधानसभा में इस समस्या को उठाकर किसानों की आवाज बुलंद की। उन्होंने नहर में हुए भ्रष्टाचार की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने नहर की मरम्मत कराने का भी आग्रह किया। लेकिन सरकार और प्रशासन ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया।
सबसे ज्यादा परेशान हैं यहां के किसान
बंडोल और कंलारबाकी क्षेत्र के किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। यहां नहर तो बनाई गई, लेकिन उसमें पानी नहीं आता। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारी सिर्फ झूठे वादे करते हैं। वे कहते हैं कि जल्द ही पानी आ जाएगा, लेकिन ऐसा होता नहीं है। इसलिए किसानों को मजबूरन चक्का जाम करना पड़ता है।
तीसरी बार चक्का जाम
यह तीसरी बार है जब किसानों ने पानी की मांग को लेकर चक्का जाम किया है। इससे पहले भी दो बार किसान सड़कों पर उतरे थे, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। अब किसानों ने प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की है कि उनके खेतों में पानी कब तक पहुंचेगा। वे तब तक अपना विरोध जारी रखेंगे, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। इस चक्का जाम से आम लोगों को भी काफी परेशानी हो रही है। कई किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। पुलिस स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रही है और किसानों से बातचीत कर रही है।
