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नर्मदा घाट पर फिर हादसा: भोपाल से आए युवक की डूबने से मौत
BUDHNI, MP
भोपाल से नर्मदा स्नान करने आए 18 वर्षीय सूरज विश्वकर्मा, पिता गोकुल प्रसाद, निवासी बंगलिया, भोपाल, डूब गए। सूरज अपने साथियों दीपक और राजेश विश्वकर्मा के साथ घाट पर स्नान कर रहे थे, तभी वह अचानक गहराई में चले गए।
स्थानीय युवकों वरुण माझी, दीपक यादव और दीपक मेहरा ने बहादुरी का परिचय देते हुए तुरंत सूरज का शव पानी से बाहर निकाला। हालांकि, डॉक्टरों की सारी कोशिशें नाकाम रही और सूरज की मौके पर ही मौत हो गई।
यह हादसा बुधनी घाट पर पिछले तीन महीनों में तीसरा ऐसा घटना है। लगातार हो रही मौतों के बावजूद घाट पर कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। न ही चेतावनी बोर्ड हैं और न ही किसी तरह की सतर्कता दिखाई देती है। इस वजह से स्थानीय लोग और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने मामले की जानकारी ली है और मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। फिलहाल, घाट पर सुरक्षा बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग तेज हो गई है। नागरिकों का कहना है कि यदि उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले समय में ऐसे हादसे लगातार होते रहेंगे।
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नर्मदा घाट पर फिर हादसा: भोपाल से आए युवक की डूबने से मौत
BUDHNI, MP
भोपाल से नर्मदा स्नान करने आए 18 वर्षीय सूरज विश्वकर्मा, पिता गोकुल प्रसाद, निवासी बंगलिया, भोपाल, डूब गए। सूरज अपने साथियों दीपक और राजेश विश्वकर्मा के साथ घाट पर स्नान कर रहे थे, तभी वह अचानक गहराई में चले गए।
स्थानीय युवकों वरुण माझी, दीपक यादव और दीपक मेहरा ने बहादुरी का परिचय देते हुए तुरंत सूरज का शव पानी से बाहर निकाला। हालांकि, डॉक्टरों की सारी कोशिशें नाकाम रही और सूरज की मौके पर ही मौत हो गई।
यह हादसा बुधनी घाट पर पिछले तीन महीनों में तीसरा ऐसा घटना है। लगातार हो रही मौतों के बावजूद घाट पर कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। न ही चेतावनी बोर्ड हैं और न ही किसी तरह की सतर्कता दिखाई देती है। इस वजह से स्थानीय लोग और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने मामले की जानकारी ली है और मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। फिलहाल, घाट पर सुरक्षा बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग तेज हो गई है। नागरिकों का कहना है कि यदि उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले समय में ऐसे हादसे लगातार होते रहेंगे।
