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अपनी ही बच्ची को मारने वाली मां को उम्र कैद की सजा, भोपाल कोर्ट का फैसला
BHOPAL, MP
भोपाल कोर्ट ने हत्यारी मां को सुनाई आजीवन कारावास की सजा. 2020 में पानी की टंकी में मिली थी एक माह की बच्ची की लाश.
राजधानी में हुए एक दिल दहला देने वाले मामले में भोपाल कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया. अपनी ही एक महीने की बेटी की हत्या के मामले में हत्यारी मां के खिलाफ फैसला सुनाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे. भोपाल न्यायालय ने 104 पेज में फैसला सुनाया है जो कि अपने आप में एक विशेष फैसला माना जा रहा है.
हत्यारी मां को आजीवन कारावास की सजा
भोपाल के जिला न्यायालय में अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना ने अपने ही बच्ची की हत्या के मामले में हत्यारी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यह मामला भोपाल के ग्रामीण थाना क्षेत्र खजूरी का है, यहां की रहने वाली एक महिला ने अपनी ही 1 महीने की बच्ची को पानी की टंकी में डुबोकर मार दिया था. यह घटना सितंबर 2020 की है. इस पूरे मामले में आरोपी बनाई गई मां फिलहाल जेल में है. शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुधा विजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की थी.
कोर्ट ने 104 पेज के निर्णय में दी विशेष टिप्पणी
अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना ने गुरुवार शाम मासूम बेटी की हत्यारी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. कोर्ट ने 104 पेज के निर्णय में विशेष टिप्पणी दी. कोर्ट ने कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर की पंक्तियों को अपने फैसले में शामिल किया. जिसमें कहा गया कि "वर्तमान में पुत्रियां सभ्यता, सस्ंकृति और राष्ट्र निर्माण का सशक्त हस्ताक्षर हैं. शास्त्रों में पुत्रियों को हृदयों का बंधन, भावों का स्पंदन, सृजन का आधार, भक्ति का आकार और संस्कृति का संस्कार माना गया है. वर्तमान में भारत जैसे विकसित राष्ट्र में पुत्रियों को साहस, सृजन, सेवा, सभ्यता, सौंदर्य और शक्ति के पुंज के रूप में देखा जा रहा है."
एक महीने की बेटी हो गई थी लापता
जानकारी के अनुसार 1 महीने की किंजल मेवाड़ा खजूरी थाना क्षेत्र में रहने वाले सचिन मेवाड़ा की बेटी थी. सचिन गांव में खेती किसानी का काम करता था. घटना से 14 माह पहले ही उसकी शादी हुई थी और सितंबर 2020 में सचिन की 1 महीने की बेटी अचानक लापता हो गई थी. पत्नी से पूछताछ करने पर पत्नी ने कहा कि उसे इस मामले में कुछ भी पता नहीं है.
प्लास्टिक के ड्रम में मिली थी बच्ची की लाश
इस मामले में जब पुलिस ने तहकीकात करी तो बच्ची का शव एक प्लास्टिक के ड्रम में मिला था, जिसका ढक्कन पहले से ही बंद था. क्योंकि बच्ची को आखिरी बार मां के साथ कमरे में देखा गया था. सचिन और उसके परिजन अलग-अलग जगह पर थे. खजूरी थाने ने तत्काल इस पूरे मामले में पड़ताल की और परिजनों से कहा कि हमें बच्ची के शव को देखकर उसकी हत्या की बात सामने आ रही है. जब उसकी मां सरिता बाई मेवाड़ा से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने कहा कि उसे लड़के की चाहत थी पर लड़की पैदा होने से उसके मन में उसके प्रति नफरत भर गई थी. इसी के चलते उसने उसकी हत्या कर दी थी. फैसला देते हुए न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है.
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अपनी ही बच्ची को मारने वाली मां को उम्र कैद की सजा, भोपाल कोर्ट का फैसला
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राजधानी में हुए एक दिल दहला देने वाले मामले में भोपाल कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया. अपनी ही एक महीने की बेटी की हत्या के मामले में हत्यारी मां के खिलाफ फैसला सुनाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे. भोपाल न्यायालय ने 104 पेज में फैसला सुनाया है जो कि अपने आप में एक विशेष फैसला माना जा रहा है.
हत्यारी मां को आजीवन कारावास की सजा
भोपाल के जिला न्यायालय में अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना ने अपने ही बच्ची की हत्या के मामले में हत्यारी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यह मामला भोपाल के ग्रामीण थाना क्षेत्र खजूरी का है, यहां की रहने वाली एक महिला ने अपनी ही 1 महीने की बच्ची को पानी की टंकी में डुबोकर मार दिया था. यह घटना सितंबर 2020 की है. इस पूरे मामले में आरोपी बनाई गई मां फिलहाल जेल में है. शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुधा विजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की थी.
कोर्ट ने 104 पेज के निर्णय में दी विशेष टिप्पणी
अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना ने गुरुवार शाम मासूम बेटी की हत्यारी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. कोर्ट ने 104 पेज के निर्णय में विशेष टिप्पणी दी. कोर्ट ने कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर की पंक्तियों को अपने फैसले में शामिल किया. जिसमें कहा गया कि "वर्तमान में पुत्रियां सभ्यता, सस्ंकृति और राष्ट्र निर्माण का सशक्त हस्ताक्षर हैं. शास्त्रों में पुत्रियों को हृदयों का बंधन, भावों का स्पंदन, सृजन का आधार, भक्ति का आकार और संस्कृति का संस्कार माना गया है. वर्तमान में भारत जैसे विकसित राष्ट्र में पुत्रियों को साहस, सृजन, सेवा, सभ्यता, सौंदर्य और शक्ति के पुंज के रूप में देखा जा रहा है."
एक महीने की बेटी हो गई थी लापता
जानकारी के अनुसार 1 महीने की किंजल मेवाड़ा खजूरी थाना क्षेत्र में रहने वाले सचिन मेवाड़ा की बेटी थी. सचिन गांव में खेती किसानी का काम करता था. घटना से 14 माह पहले ही उसकी शादी हुई थी और सितंबर 2020 में सचिन की 1 महीने की बेटी अचानक लापता हो गई थी. पत्नी से पूछताछ करने पर पत्नी ने कहा कि उसे इस मामले में कुछ भी पता नहीं है.
प्लास्टिक के ड्रम में मिली थी बच्ची की लाश
इस मामले में जब पुलिस ने तहकीकात करी तो बच्ची का शव एक प्लास्टिक के ड्रम में मिला था, जिसका ढक्कन पहले से ही बंद था. क्योंकि बच्ची को आखिरी बार मां के साथ कमरे में देखा गया था. सचिन और उसके परिजन अलग-अलग जगह पर थे. खजूरी थाने ने तत्काल इस पूरे मामले में पड़ताल की और परिजनों से कहा कि हमें बच्ची के शव को देखकर उसकी हत्या की बात सामने आ रही है. जब उसकी मां सरिता बाई मेवाड़ा से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने कहा कि उसे लड़के की चाहत थी पर लड़की पैदा होने से उसके मन में उसके प्रति नफरत भर गई थी. इसी के चलते उसने उसकी हत्या कर दी थी. फैसला देते हुए न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है.
