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भोपाल जिपं की मीटिंग आज, सदस्य प्रतिनिधियों की 'नो एंट्री
BHOPAL, MP
भोपाल में करीब 4 महीने बाद गुरुवार को भोपाल जिला पंचायत की मीटिंग होगी। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला और बाल विकास समेत 15 विभाग के कामों की समीक्षा होगी। इससे पहले सामान्य प्रशासन समिति की मीटिंग भी होगी, जिसमें प्रतिनिधियों को एंट्री नहीं मिलेगी।
मीटिंग में सभी जिला अधिकारी खुद मौजूद रहेंगे। वे भी प्रतिनिधि के तौर पर अन्य जूनियर अधिकारी को नहीं भेज सकेंगे।
दो मीटिंग होगी दोपहर 12 बजे सामान्य प्रशासन समिति की बैठक होगी। जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभापति ही मौजूद रहेंगे। दोपहर 1 बजे से साधारण सभा की बैठक होगी। इन दोनों ही बैठकों में प्रतिनिधि शामिल नहीं हो सकेंगे।
इसलिए जरूरी है मीटिंग जानकारी के अनुसार, मीटिंग ही एक ऐसा प्लेटफार्म होता है, जब सभी विभागों के अफसरों से जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रूबरू होते हैं।
गांव से जुड़े मुद्दे रहेंगे बैठक में गांव से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। खासकर स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना, जर्जर सड़कें, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, मनरेगा, मध्याह्न भोजन आदि शामिल हैं।
दो महीने में होनी चाहिए मीटिंग नियमानुसार मीटिंग हर दो महीने में होनी चाहिए। हालांकि, तत्कालीन सीईओ ऋतुराज सिंह के तबादले और भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की वजह से बैठक में देरी हुई। पिछली मीटिंग 9 नवंबर 2024 को हुई थी। जिसमें सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सदस्यों ने कई सवाल उठाए थे।
पिछली बैठकों में उपाध्यक्ष और सदस्यों की अधिकारियों पर भड़ास भी निकली थी। इसके बाद कामों में थोड़ी तेजी आई।
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भोपाल जिपं की मीटिंग आज, सदस्य प्रतिनिधियों की 'नो एंट्री
BHOPAL, MP
भोपाल में करीब 4 महीने बाद गुरुवार को भोपाल जिला पंचायत की मीटिंग होगी। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला और बाल विकास समेत 15 विभाग के कामों की समीक्षा होगी। इससे पहले सामान्य प्रशासन समिति की मीटिंग भी होगी, जिसमें प्रतिनिधियों को एंट्री नहीं मिलेगी।
मीटिंग में सभी जिला अधिकारी खुद मौजूद रहेंगे। वे भी प्रतिनिधि के तौर पर अन्य जूनियर अधिकारी को नहीं भेज सकेंगे।
दो मीटिंग होगी दोपहर 12 बजे सामान्य प्रशासन समिति की बैठक होगी। जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभापति ही मौजूद रहेंगे। दोपहर 1 बजे से साधारण सभा की बैठक होगी। इन दोनों ही बैठकों में प्रतिनिधि शामिल नहीं हो सकेंगे।
इसलिए जरूरी है मीटिंग जानकारी के अनुसार, मीटिंग ही एक ऐसा प्लेटफार्म होता है, जब सभी विभागों के अफसरों से जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रूबरू होते हैं।
गांव से जुड़े मुद्दे रहेंगे बैठक में गांव से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। खासकर स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना, जर्जर सड़कें, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, मनरेगा, मध्याह्न भोजन आदि शामिल हैं।
दो महीने में होनी चाहिए मीटिंग नियमानुसार मीटिंग हर दो महीने में होनी चाहिए। हालांकि, तत्कालीन सीईओ ऋतुराज सिंह के तबादले और भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की वजह से बैठक में देरी हुई। पिछली मीटिंग 9 नवंबर 2024 को हुई थी। जिसमें सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सदस्यों ने कई सवाल उठाए थे।
पिछली बैठकों में उपाध्यक्ष और सदस्यों की अधिकारियों पर भड़ास भी निकली थी। इसके बाद कामों में थोड़ी तेजी आई।
