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एमपी कांग्रेस के लिए बुरी खबर! एक और विधायक की सदस्यता रद्द, कोर्ट सजा के बाद कार्रवाई
भोपाल (म.प्र.)
एमपी कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द, 3 साल की सजा के बाद विधानसभा की कार्रवाई। जानिए पूरा मामला और राजनीतिक असर।
मध्यप्रदेश की सियासत में शुक्रवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस के दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द कर दी गई। दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा 27 साल पुराने एफडी घोटाले में दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई। दो साल से अधिक सजा के प्रावधान के तहत विधानसभा सचिवालय ने देर रात आदेश जारी कर भारती की सदस्यता समाप्त कर दी। गुरुवार को सजा सुनाए जाने के बाद रात करीब 10:30 बजे सचिवालय खुला और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए निर्णय लागू किया गया। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
मुख्य विवरण
अदालत ने राजेंद्र भारती को दो धाराओं में तीन-तीन साल और एक अन्य धारा में दो साल की सजा सुनाई है। इस मामले में सह-आरोपी पूर्व बैंक क्लर्क रघुवीर शरण प्रजापति को भी तीन साल की सजा दी गई। हालांकि कोर्ट ने भारती को जमानत दे दी है और उन्हें उच्च न्यायालय में अपील के लिए 60 दिन का समय भी दिया गया है। विधानसभा सचिवालय ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के आधार पर यह कार्रवाई की, जिसके अनुसार दो साल या उससे अधिक सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।
सियासी हलचल तेज
कोर्ट के फैसले और सदस्यता रद्द होने की खबर के बाद कांग्रेस नेताओं में सक्रियता बढ़ गई। देर रात पूर्व विधायक पीसी शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी विधानसभा पहुंचे और अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा से कहा कि मामले में स्टे मिलने की संभावना है, ऐसे में सदस्यता समाप्त करना जल्दबाजी है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे केवल कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि और मामला
यह मामला 27 साल पुराने एफडी घोटाले से जुड़ा है, जिसमें बैंकिंग लेनदेन में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने बुधवार को भारती को दोषी करार दिया और गुरुवार को सजा सुनाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह केस लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में था और हाल ही में इसमें तेजी आई थी, जिसके बाद फैसला आया।
आधिकारिक स्थिति
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा सचिवालय ने पूरी कानूनी समीक्षा के बाद ही आदेश जारी किया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के स्थापित नियमों के अनुरूप है और इसमें किसी प्रकार की विवेकाधीन छूट नहीं है।
प्रभाव और विश्लेषण
इस घटनाक्रम का सीधा असर मध्यप्रदेश की राजनीति पर पड़ सकता है। कांग्रेस के लिए यह एक और झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब पार्टी पहले से ही संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे आगामी राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं और दतिया सीट पर उपचुनाव की स्थिति भी बन सकती है।
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एमपी कांग्रेस के लिए बुरी खबर! एक और विधायक की सदस्यता रद्द, कोर्ट सजा के बाद कार्रवाई
भोपाल (म.प्र.)
मध्यप्रदेश की सियासत में शुक्रवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस के दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द कर दी गई। दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा 27 साल पुराने एफडी घोटाले में दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई। दो साल से अधिक सजा के प्रावधान के तहत विधानसभा सचिवालय ने देर रात आदेश जारी कर भारती की सदस्यता समाप्त कर दी। गुरुवार को सजा सुनाए जाने के बाद रात करीब 10:30 बजे सचिवालय खुला और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए निर्णय लागू किया गया। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
मुख्य विवरण
अदालत ने राजेंद्र भारती को दो धाराओं में तीन-तीन साल और एक अन्य धारा में दो साल की सजा सुनाई है। इस मामले में सह-आरोपी पूर्व बैंक क्लर्क रघुवीर शरण प्रजापति को भी तीन साल की सजा दी गई। हालांकि कोर्ट ने भारती को जमानत दे दी है और उन्हें उच्च न्यायालय में अपील के लिए 60 दिन का समय भी दिया गया है। विधानसभा सचिवालय ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के आधार पर यह कार्रवाई की, जिसके अनुसार दो साल या उससे अधिक सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।
सियासी हलचल तेज
कोर्ट के फैसले और सदस्यता रद्द होने की खबर के बाद कांग्रेस नेताओं में सक्रियता बढ़ गई। देर रात पूर्व विधायक पीसी शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी विधानसभा पहुंचे और अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा से कहा कि मामले में स्टे मिलने की संभावना है, ऐसे में सदस्यता समाप्त करना जल्दबाजी है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे केवल कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि और मामला
यह मामला 27 साल पुराने एफडी घोटाले से जुड़ा है, जिसमें बैंकिंग लेनदेन में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने बुधवार को भारती को दोषी करार दिया और गुरुवार को सजा सुनाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह केस लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में था और हाल ही में इसमें तेजी आई थी, जिसके बाद फैसला आया।
आधिकारिक स्थिति
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा सचिवालय ने पूरी कानूनी समीक्षा के बाद ही आदेश जारी किया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के स्थापित नियमों के अनुरूप है और इसमें किसी प्रकार की विवेकाधीन छूट नहीं है।
प्रभाव और विश्लेषण
इस घटनाक्रम का सीधा असर मध्यप्रदेश की राजनीति पर पड़ सकता है। कांग्रेस के लिए यह एक और झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब पार्टी पहले से ही संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे आगामी राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं और दतिया सीट पर उपचुनाव की स्थिति भी बन सकती है।
