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भोपाल में बैरिकेडिंग के विरोध में बाजार बंद, सड़क पर उतरे व्यापारी
भोपाल (म.प्र.)
मोती मस्जिद के सामने रास्ता खोलने की मांग, चौक और लखेरापुरा के कारोबारियों ने शुरू किया धरना
भोपाल के पुराने शहर में मोती मस्जिद के सामने लंबे समय से लगी बैरिकेडिंग को लेकर शुक्रवार को व्यापारियों का विरोध खुलकर सामने आ गया। सुबह से ही चौक बाजार, लखेरापुरा और आसपास के कई प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। कारोबारियों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू किया और प्रशासन से तत्काल बैरिकेड्स हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का कहना है कि महीनों से रास्ता बंद रहने के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कई बार प्रशासन और पुलिस के सामने यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि बैरिकेडिंग की वजह से बाजार तक पहुंचने का रास्ता काफी लंबा हो गया है। पहले जिन इलाकों तक लोग सीधे पहुंच जाते थे, अब उन्हें वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी हो रही है बल्कि बाजार में आने वाले ग्राहकों की संख्या भी लगातार घट रही है। प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने साफ कहा कि जब तक रास्ता सामान्य नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन में शहर के कई व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए और उन्होंने प्रशासन से जल्द फैसला लेने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने कुछ दिन पहले रैली निकालकर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को अपनी नाराजगी से अवगत कराया था। उस समय चेतावनी दी गई थी कि यदि बैरिकेड्स नहीं हटाए गए तो बाजार बंद कर आंदोलन किया जाएगा। शुक्रवार को उसी घोषणा के तहत व्यापारियों ने सामूहिक रूप से दुकानें बंद रखीं और सड़क पर बैठकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान बाजार क्षेत्र में पुलिस बल भी तैनात रहा और अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी।
मोती मस्जिद के सामने इकबाल मैदान चौराहे पर की गई बैरिकेडिंग का सबसे अधिक असर पुराने भोपाल के प्रमुख बाजारों पर पड़ रहा है। भोज सेतु की ओर से आने वाले वाहनों को अब सीधे बाजार में प्रवेश नहीं मिल पाता। उन्हें सदर मंजिल और दूसरे वैकल्पिक मार्गों से घूमकर पहुंचना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से रोजाना ट्रैफिक बढ़ता है और ग्राहकों का समय भी अधिक लगता है। उनका दावा है कि कई लोग इसी वजह से बाजार आने से बचने लगे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
हाल के दिनों में चौक बाजार में लगी आग की घटना का मुद्दा भी प्रदर्शन के दौरान उठाया गया। व्यापारियों का कहना है कि उस समय दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में अपेक्षा से अधिक समय लगा था। उनका आरोप है कि रास्ते में मौजूद बैरिकेडिंग ने राहत कार्य की रफ्तार को प्रभावित किया। इस घटना के बाद से ही व्यापारियों के बीच नाराजगी बढ़ने लगी थी और बैरिकेड्स हटाने की मांग लगातार तेज होती गई।
दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था सुरक्षा और यातायात नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लागू की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, इस चौराहे पर कई वाहन गलत दिशा से प्रवेश कर रहे थे, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और संभावित हादसों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। पुलिस का कहना है कि स्थिति का समय-समय पर आकलन किया जा रहा है और आवश्यक होने पर यातायात व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी।
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भोपाल में बैरिकेडिंग के विरोध में बाजार बंद, सड़क पर उतरे व्यापारी
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल के पुराने शहर में मोती मस्जिद के सामने लंबे समय से लगी बैरिकेडिंग को लेकर शुक्रवार को व्यापारियों का विरोध खुलकर सामने आ गया। सुबह से ही चौक बाजार, लखेरापुरा और आसपास के कई प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। कारोबारियों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू किया और प्रशासन से तत्काल बैरिकेड्स हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का कहना है कि महीनों से रास्ता बंद रहने के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कई बार प्रशासन और पुलिस के सामने यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि बैरिकेडिंग की वजह से बाजार तक पहुंचने का रास्ता काफी लंबा हो गया है। पहले जिन इलाकों तक लोग सीधे पहुंच जाते थे, अब उन्हें वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी हो रही है बल्कि बाजार में आने वाले ग्राहकों की संख्या भी लगातार घट रही है। प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने साफ कहा कि जब तक रास्ता सामान्य नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन में शहर के कई व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए और उन्होंने प्रशासन से जल्द फैसला लेने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने कुछ दिन पहले रैली निकालकर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को अपनी नाराजगी से अवगत कराया था। उस समय चेतावनी दी गई थी कि यदि बैरिकेड्स नहीं हटाए गए तो बाजार बंद कर आंदोलन किया जाएगा। शुक्रवार को उसी घोषणा के तहत व्यापारियों ने सामूहिक रूप से दुकानें बंद रखीं और सड़क पर बैठकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान बाजार क्षेत्र में पुलिस बल भी तैनात रहा और अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी।
मोती मस्जिद के सामने इकबाल मैदान चौराहे पर की गई बैरिकेडिंग का सबसे अधिक असर पुराने भोपाल के प्रमुख बाजारों पर पड़ रहा है। भोज सेतु की ओर से आने वाले वाहनों को अब सीधे बाजार में प्रवेश नहीं मिल पाता। उन्हें सदर मंजिल और दूसरे वैकल्पिक मार्गों से घूमकर पहुंचना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से रोजाना ट्रैफिक बढ़ता है और ग्राहकों का समय भी अधिक लगता है। उनका दावा है कि कई लोग इसी वजह से बाजार आने से बचने लगे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
हाल के दिनों में चौक बाजार में लगी आग की घटना का मुद्दा भी प्रदर्शन के दौरान उठाया गया। व्यापारियों का कहना है कि उस समय दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में अपेक्षा से अधिक समय लगा था। उनका आरोप है कि रास्ते में मौजूद बैरिकेडिंग ने राहत कार्य की रफ्तार को प्रभावित किया। इस घटना के बाद से ही व्यापारियों के बीच नाराजगी बढ़ने लगी थी और बैरिकेड्स हटाने की मांग लगातार तेज होती गई।
दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था सुरक्षा और यातायात नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लागू की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, इस चौराहे पर कई वाहन गलत दिशा से प्रवेश कर रहे थे, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और संभावित हादसों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। पुलिस का कहना है कि स्थिति का समय-समय पर आकलन किया जा रहा है और आवश्यक होने पर यातायात व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी।
