- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- भोपाल
- भोपाल में विधायक आवास में दिनदहाड़े चोरी, पीए का लैपटॉप और दस्तावेज लेकर फरार हुए चोर
भोपाल में विधायक आवास में दिनदहाड़े चोरी, पीए का लैपटॉप और दस्तावेज लेकर फरार हुए चोर
भोपाल,(म.प्र.)
मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी आवास में हुई वारदात, अलमारी का ताला तोड़कर नकदी, एटीएम कार्ड और विधानसभा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी चोरी
भोपाल के सबसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक में चोरी की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी आवास से जुड़ा है, जहां उनके निजी सहायक यानी पीए के कमरे में घुसकर चोर लैपटॉप, नकदी, एटीएम कार्ड और कई जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गए। घटना अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित विधायक रेस्ट हाउस की बताई जा रही है। खास बात यह है कि वारदात दिन के समय हुई, जब परिसर में सामान्य गतिविधियां जारी थीं। ऐसे में यह घटना न केवल पुलिस बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विधायक के पीए डॉ. रामानंद पटेल 7 जून को मऊगंज से भोपाल पहुंचे थे। वे विधायक रेस्ट हाउस के खंड-3 स्थित कमरा नंबर 74 में ठहरे हुए थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10:30 बजे वे अपने कमरे को बाहर से बंद कर पानी लेने निकले थे। इसके बाद वे परिसर में ही मौजूद अपने एक साथी के कमरे में चले गए और वहां बातचीत करने लगे। सब कुछ सामान्य था और किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई। लेकिन करीब दो घंटे बाद जब वे दोपहर लगभग 12:30 बजे अपने कमरे में लौटे तो उनके होश उड़ गए।
कमरे में प्रवेश करते ही उन्हें सामान अस्त-व्यस्त दिखाई दिया। जांच करने पर पता चला कि उनका लैपटॉप गायब है। इसके साथ ही कमरे में रखी अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। जब उन्होंने अलमारी और बैग की जांच की तो कई महत्वपूर्ण वस्तुएं भी गायब थीं। इनमें पेन ड्राइव, दो एटीएम कार्ड, नकदी, घड़ी और अन्य निजी सामान शामिल था। चोरी गए लैपटॉप की कीमत करीब 25 हजार रुपए बताई जा रही है, लेकिन उससे कहीं अधिक चिंता की बात उसमें मौजूद डेटा को लेकर है।
डॉ. रामानंद पटेल ने पुलिस को बताया कि लैपटॉप और पेन ड्राइव में विधानसभा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और जरूरी जानकारी सुरक्षित थी। ऐसे में चोरी केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं मानी जा रही। दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के गलत हाथों में जाने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी का मकसद केवल कीमती सामान ले जाना था या फिर किसी विशेष जानकारी तक पहुंच बनाना भी इसका हिस्सा हो सकता है।
घटना सामने आने के बाद विधायक आवास परिसर की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जिस इलाके में यह वारदात हुई है, वहां कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के आवास मौजूद हैं। आमतौर पर इस क्षेत्र को सुरक्षित माना जाता है और यहां निगरानी की भी व्यवस्था रहती है। इसके बावजूद दिन के समय चोरी हो जाना कई सवाल छोड़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में चोर आसानी से घुसकर वारदात कर सकते हैं, तो सामान्य इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
घटना के बाद अरेरा हिल्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के समय परिसर में कौन-कौन लोग मौजूद थे और संदिग्ध गतिविधियां कहां-कहां दर्ज हुई हैं। इसके अलावा कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि चोरी को अंजाम देने वाले व्यक्ति को परिसर की कुछ जानकारी हो सकती है, क्योंकि वारदात सीमित समय में की गई और सीधे उस कमरे को निशाना बनाया गया जहां महत्वपूर्ण सामान रखा हुआ था। हालांकि अभी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। एक तरफ पीए का निजी और आधिकारिक डेटा चोरी होने की चिंता है, तो दूसरी तरफ सरकारी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं संबंधित लोगों को उम्मीद है कि चोरी गया सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित बरामद हो सकेंगे।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
भोपाल में विधायक आवास में दिनदहाड़े चोरी, पीए का लैपटॉप और दस्तावेज लेकर फरार हुए चोर
भोपाल,(म.प्र.)
भोपाल के सबसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक में चोरी की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी आवास से जुड़ा है, जहां उनके निजी सहायक यानी पीए के कमरे में घुसकर चोर लैपटॉप, नकदी, एटीएम कार्ड और कई जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गए। घटना अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित विधायक रेस्ट हाउस की बताई जा रही है। खास बात यह है कि वारदात दिन के समय हुई, जब परिसर में सामान्य गतिविधियां जारी थीं। ऐसे में यह घटना न केवल पुलिस बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विधायक के पीए डॉ. रामानंद पटेल 7 जून को मऊगंज से भोपाल पहुंचे थे। वे विधायक रेस्ट हाउस के खंड-3 स्थित कमरा नंबर 74 में ठहरे हुए थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10:30 बजे वे अपने कमरे को बाहर से बंद कर पानी लेने निकले थे। इसके बाद वे परिसर में ही मौजूद अपने एक साथी के कमरे में चले गए और वहां बातचीत करने लगे। सब कुछ सामान्य था और किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई। लेकिन करीब दो घंटे बाद जब वे दोपहर लगभग 12:30 बजे अपने कमरे में लौटे तो उनके होश उड़ गए।
कमरे में प्रवेश करते ही उन्हें सामान अस्त-व्यस्त दिखाई दिया। जांच करने पर पता चला कि उनका लैपटॉप गायब है। इसके साथ ही कमरे में रखी अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। जब उन्होंने अलमारी और बैग की जांच की तो कई महत्वपूर्ण वस्तुएं भी गायब थीं। इनमें पेन ड्राइव, दो एटीएम कार्ड, नकदी, घड़ी और अन्य निजी सामान शामिल था। चोरी गए लैपटॉप की कीमत करीब 25 हजार रुपए बताई जा रही है, लेकिन उससे कहीं अधिक चिंता की बात उसमें मौजूद डेटा को लेकर है।
डॉ. रामानंद पटेल ने पुलिस को बताया कि लैपटॉप और पेन ड्राइव में विधानसभा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और जरूरी जानकारी सुरक्षित थी। ऐसे में चोरी केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं मानी जा रही। दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के गलत हाथों में जाने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी का मकसद केवल कीमती सामान ले जाना था या फिर किसी विशेष जानकारी तक पहुंच बनाना भी इसका हिस्सा हो सकता है।
घटना सामने आने के बाद विधायक आवास परिसर की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जिस इलाके में यह वारदात हुई है, वहां कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के आवास मौजूद हैं। आमतौर पर इस क्षेत्र को सुरक्षित माना जाता है और यहां निगरानी की भी व्यवस्था रहती है। इसके बावजूद दिन के समय चोरी हो जाना कई सवाल छोड़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में चोर आसानी से घुसकर वारदात कर सकते हैं, तो सामान्य इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
घटना के बाद अरेरा हिल्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के समय परिसर में कौन-कौन लोग मौजूद थे और संदिग्ध गतिविधियां कहां-कहां दर्ज हुई हैं। इसके अलावा कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि चोरी को अंजाम देने वाले व्यक्ति को परिसर की कुछ जानकारी हो सकती है, क्योंकि वारदात सीमित समय में की गई और सीधे उस कमरे को निशाना बनाया गया जहां महत्वपूर्ण सामान रखा हुआ था। हालांकि अभी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। एक तरफ पीए का निजी और आधिकारिक डेटा चोरी होने की चिंता है, तो दूसरी तरफ सरकारी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं संबंधित लोगों को उम्मीद है कि चोरी गया सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित बरामद हो सकेंगे।
