- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- मर्सिडीज़-बेंज सर्विस सेंटर में ‘बिलिंग सिंडिकेट’ का खुलासा — ग्राहकों से मोटी रकम वसूलने का खेल उजा...
मर्सिडीज़-बेंज सर्विस सेंटर में ‘बिलिंग सिंडिकेट’ का खुलासा — ग्राहकों से मोटी रकम वसूलने का खेल उजागर!
इंदौर, MP
मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित मर्सिडीज़-बेंज लैंडमार्क सर्विस सेंटर पर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लग्ज़री कार ब्रांड की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां सर्विस के नाम पर ग्राहकों से हजारों रुपए की ओवर-बिलिंग का खेल चल रहा था — जिसे अब “बिलिंग सिंडिकेट” कहा जा रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल केस में शिवपुरी निवासी आयुष जैन ने आरोप लगाया है कि उनकी कार की सर्विस के दौरान उनसे ₹32,000 से अधिक की अतिरिक्त वसूली की गई।
ओवर-बिलिंग का खुलासा
आयुष जैन ने अपनी कार की नियमित सर्विस मर्सिडीज़-बेंज लैंडमार्क सर्विस सेंटर, इंदौर में करवाई। सर्विस के बाद उन्हें ₹66,955 का बिल थमाया गया।
जब उन्होंने दूसरी अधिकृत शाखा से वही सर्विस बिल वेरिफाई कराया, तो चौंकाने वाला सच सामने आया — असली बिल मात्र ₹31,946 का था। यानी लगभग ₹32,000 की अतिरिक्त वसूली की गई थी।
कानूनी कार्रवाई और सिंडिकेट की जांच
शिकायत अधिवक्ता अभय जैन के माध्यम से दर्ज की गई, जिसके बाद मामला मर्सिडीज़-बेंज इंडिया, लैंडमार्क कंपनी, इंदौर पुलिस, आयकर विभाग और उपभोक्ता संरक्षण फोरम तक पहुंच गया।
वर्तमान में केस उपभोक्ता फोरम में विचाराधीन है। कंपनी की आंतरिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं और बिलिंग में हेराफेरी के प्रारंभिक संकेत मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों को निलंबित या निष्कासित भी किया गया है।
पीड़ित का बयान
“जब मैंने असली बिल देखा तो मेरे होश उड़ गए। ₹31,000 की सर्विस का ₹67,000 बिल बना दिया गया था। यह कोई सामान्य गलती नहीं, बल्कि संगठित ठगी लगती है। मैंने उपभोक्ता फोरम में केस इसलिए दर्ज कराया ताकि कोई और ग्राहक इस जाल में न फंसे।”
— आयुष जैन, शिकायतकर्ता
‘बिलिंग सिंडिकेट’ का बड़ा जाल
सूत्र बताते हैं कि देशभर में लग्ज़री कार ब्रांडों के कुछ सर्विस नेटवर्क में ओवर-बिलिंग और टैक्स हेराफेरी का संगठित खेल चल रहा है। कई उपभोक्ताओं से नकली पार्ट्स बदलने, बिना अनुमति एक्स्ट्रा चार्ज जोड़ने और टैक्स स्लिप में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक संगठित सिंडिकेट है, जिसमें मैनेजमेंट से लेकर बिलिंग स्टाफ तक की मिलीभगत संभव है।
मामले की गंभीरता
यह प्रकरण सिर्फ़ एक ग्राहक की ठगी का नहीं, बल्कि कॉरपोरेट जवाबदेही और ब्रांड ट्रस्ट की परीक्षा बन गया है।
अगर जांच में “बिलिंग सिंडिकेट” की पुष्टि होती है, तो यह भारत में लग्ज़री कार सर्विस नेटवर्क पर सबसे बड़ा उपभोक्ता घोटाला साबित हो सकता है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी पर न केवल मुआवजा बल्कि धोखाधड़ी, टैक्स चोरी और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
................................................................
👉 हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मर्सिडीज़-बेंज सर्विस सेंटर में ‘बिलिंग सिंडिकेट’ का खुलासा — ग्राहकों से मोटी रकम वसूलने का खेल उजागर!
इंदौर, MP
इस हाई-प्रोफाइल केस में शिवपुरी निवासी आयुष जैन ने आरोप लगाया है कि उनकी कार की सर्विस के दौरान उनसे ₹32,000 से अधिक की अतिरिक्त वसूली की गई।
ओवर-बिलिंग का खुलासा
आयुष जैन ने अपनी कार की नियमित सर्विस मर्सिडीज़-बेंज लैंडमार्क सर्विस सेंटर, इंदौर में करवाई। सर्विस के बाद उन्हें ₹66,955 का बिल थमाया गया।
जब उन्होंने दूसरी अधिकृत शाखा से वही सर्विस बिल वेरिफाई कराया, तो चौंकाने वाला सच सामने आया — असली बिल मात्र ₹31,946 का था। यानी लगभग ₹32,000 की अतिरिक्त वसूली की गई थी।
कानूनी कार्रवाई और सिंडिकेट की जांच
शिकायत अधिवक्ता अभय जैन के माध्यम से दर्ज की गई, जिसके बाद मामला मर्सिडीज़-बेंज इंडिया, लैंडमार्क कंपनी, इंदौर पुलिस, आयकर विभाग और उपभोक्ता संरक्षण फोरम तक पहुंच गया।
वर्तमान में केस उपभोक्ता फोरम में विचाराधीन है। कंपनी की आंतरिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं और बिलिंग में हेराफेरी के प्रारंभिक संकेत मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों को निलंबित या निष्कासित भी किया गया है।
पीड़ित का बयान
“जब मैंने असली बिल देखा तो मेरे होश उड़ गए। ₹31,000 की सर्विस का ₹67,000 बिल बना दिया गया था। यह कोई सामान्य गलती नहीं, बल्कि संगठित ठगी लगती है। मैंने उपभोक्ता फोरम में केस इसलिए दर्ज कराया ताकि कोई और ग्राहक इस जाल में न फंसे।”
— आयुष जैन, शिकायतकर्ता
‘बिलिंग सिंडिकेट’ का बड़ा जाल
सूत्र बताते हैं कि देशभर में लग्ज़री कार ब्रांडों के कुछ सर्विस नेटवर्क में ओवर-बिलिंग और टैक्स हेराफेरी का संगठित खेल चल रहा है। कई उपभोक्ताओं से नकली पार्ट्स बदलने, बिना अनुमति एक्स्ट्रा चार्ज जोड़ने और टैक्स स्लिप में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक संगठित सिंडिकेट है, जिसमें मैनेजमेंट से लेकर बिलिंग स्टाफ तक की मिलीभगत संभव है।
मामले की गंभीरता
यह प्रकरण सिर्फ़ एक ग्राहक की ठगी का नहीं, बल्कि कॉरपोरेट जवाबदेही और ब्रांड ट्रस्ट की परीक्षा बन गया है।
अगर जांच में “बिलिंग सिंडिकेट” की पुष्टि होती है, तो यह भारत में लग्ज़री कार सर्विस नेटवर्क पर सबसे बड़ा उपभोक्ता घोटाला साबित हो सकता है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी पर न केवल मुआवजा बल्कि धोखाधड़ी, टैक्स चोरी और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
................................................................
👉 हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
