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जबलपुर में दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध मौत का मामला, मेजर दामाद पर हत्या के आरोप
जबलपुर,(म.प्र.)
3 करोड़ रुपये खर्च कर बेटी की शादी करने वाले पिता ने कोर्ट में लगाई न्याय की गुहार, पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप
मध्य प्रदेश में भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अभी चर्चा में बना हुआ है, इसी बीच जबलपुर से एक और गंभीर मामला सामने आया है जिसने दहेज प्रताड़ना और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चेन्नई के रहने वाले व्यवसायी पी. दक्षिणामूर्ति ने अपनी 27 वर्षीय बेटी कविता नागार्जुन की मौत को हत्या बताते हुए सेना में मेजर पद पर पदस्थ अपने दामाद डॉ. ओम नागार्जुन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का दावा है कि शादी में करोड़ों रुपये खर्च करने और महंगे उपहार देने के बावजूद अतिरिक्त दहेज की मांग की गई और मांग पूरी नहीं होने पर उनकी बेटी की जान ले ली गई।
मामला अब न्यायालय तक पहुंच चुका है। परिजनों का आरोप है कि घटना को एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके चलते उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। 3 जून को इस मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई होने की जानकारी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद यह प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित पिता के अनुसार उनकी इकलौती बेटी कविता पेशे से अधिवक्ता थीं। उनका विवाह 2 मार्च 2025 को तमिलनाडु निवासी डॉ. ओम नागार्जुन के साथ हुआ था, जो वर्तमान में जबलपुर के जेकेआरआरसी में मेजर के पद पर तैनात बताए जाते हैं। परिवार का कहना है कि बेटी की शादी धूमधाम से की गई थी और लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। शादी में करीब 100 तोला सोना, 25 लाख रुपये का हीरे का हार, लग्जरी कार सहित कई महंगे उपहार दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही कविता को अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। बताया गया कि मेजर दामाद नया अस्पताल स्थापित करना चाहता था और इसके लिए वह कविता पर मायके से 2 करोड़ रुपये लाने का दबाव बना रहा था। परिवार का कहना है कि कविता ने इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से उसके साथ व्यवहार और अधिक कठोर हो गया।
घटना के दिन की जानकारी देते हुए परिजनों ने बताया कि कविता की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट के निशान दर्ज किए गए थे, लेकिन मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया। यही बात परिवार के संदेह को और गहरा करती है। कविता की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार चेन्नई से जबलपुर पहुंचा। यहां पहुंचकर पिता ने बेटी की मौत को संदिग्ध बताते हुए गोराबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई और एफआईआर की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देकर मामला दर्ज करने से इनकार किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। जब पुलिस स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार ने अदालत की शरण ली। जिला न्यायालय में दाखिल याचिका के साथ कई दस्तावेज और कथित सबूत भी प्रस्तुत किए गए हैं। परिवार के वकील का कहना है कि शादी से पहले और बाद की परिस्थितियों से जुड़े कई ऐसे तथ्य हैं जो दहेज प्रताड़ना की ओर संकेत करते हैं। अदालत में यह भी बताया गया कि विवाह से पहले महंगी कार की मांग की गई थी, हालांकि बाद में लड़की पक्ष ने अन्य लग्जरी वाहन और बड़ी मात्रा में सोना-चांदी तथा घरेलू सामान दिया था।
पिता पी. दक्षिणामूर्ति ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की मौत प्राकृतिक नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का परिणाम है। उनका कहना है कि पति और उसके परिवार ने दहेज के लालच में कविता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने अदालत से निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। यदि अदालत इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देती है तो जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस को दहेज प्रताड़ना, संदिग्ध मृत्यु और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच करनी पड़ती है। फिलहाल अदालत में दायर याचिका पर सभी की नजर बनी हुई है।
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जबलपुर में दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध मौत का मामला, मेजर दामाद पर हत्या के आरोप
जबलपुर,(म.प्र.)
मध्य प्रदेश में भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अभी चर्चा में बना हुआ है, इसी बीच जबलपुर से एक और गंभीर मामला सामने आया है जिसने दहेज प्रताड़ना और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चेन्नई के रहने वाले व्यवसायी पी. दक्षिणामूर्ति ने अपनी 27 वर्षीय बेटी कविता नागार्जुन की मौत को हत्या बताते हुए सेना में मेजर पद पर पदस्थ अपने दामाद डॉ. ओम नागार्जुन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का दावा है कि शादी में करोड़ों रुपये खर्च करने और महंगे उपहार देने के बावजूद अतिरिक्त दहेज की मांग की गई और मांग पूरी नहीं होने पर उनकी बेटी की जान ले ली गई।
मामला अब न्यायालय तक पहुंच चुका है। परिजनों का आरोप है कि घटना को एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके चलते उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। 3 जून को इस मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई होने की जानकारी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद यह प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित पिता के अनुसार उनकी इकलौती बेटी कविता पेशे से अधिवक्ता थीं। उनका विवाह 2 मार्च 2025 को तमिलनाडु निवासी डॉ. ओम नागार्जुन के साथ हुआ था, जो वर्तमान में जबलपुर के जेकेआरआरसी में मेजर के पद पर तैनात बताए जाते हैं। परिवार का कहना है कि बेटी की शादी धूमधाम से की गई थी और लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। शादी में करीब 100 तोला सोना, 25 लाख रुपये का हीरे का हार, लग्जरी कार सहित कई महंगे उपहार दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही कविता को अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। बताया गया कि मेजर दामाद नया अस्पताल स्थापित करना चाहता था और इसके लिए वह कविता पर मायके से 2 करोड़ रुपये लाने का दबाव बना रहा था। परिवार का कहना है कि कविता ने इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से उसके साथ व्यवहार और अधिक कठोर हो गया।
घटना के दिन की जानकारी देते हुए परिजनों ने बताया कि कविता की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट के निशान दर्ज किए गए थे, लेकिन मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया। यही बात परिवार के संदेह को और गहरा करती है। कविता की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार चेन्नई से जबलपुर पहुंचा। यहां पहुंचकर पिता ने बेटी की मौत को संदिग्ध बताते हुए गोराबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई और एफआईआर की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देकर मामला दर्ज करने से इनकार किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। जब पुलिस स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार ने अदालत की शरण ली। जिला न्यायालय में दाखिल याचिका के साथ कई दस्तावेज और कथित सबूत भी प्रस्तुत किए गए हैं। परिवार के वकील का कहना है कि शादी से पहले और बाद की परिस्थितियों से जुड़े कई ऐसे तथ्य हैं जो दहेज प्रताड़ना की ओर संकेत करते हैं। अदालत में यह भी बताया गया कि विवाह से पहले महंगी कार की मांग की गई थी, हालांकि बाद में लड़की पक्ष ने अन्य लग्जरी वाहन और बड़ी मात्रा में सोना-चांदी तथा घरेलू सामान दिया था।
पिता पी. दक्षिणामूर्ति ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की मौत प्राकृतिक नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का परिणाम है। उनका कहना है कि पति और उसके परिवार ने दहेज के लालच में कविता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने अदालत से निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। यदि अदालत इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देती है तो जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस को दहेज प्रताड़ना, संदिग्ध मृत्यु और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच करनी पड़ती है। फिलहाल अदालत में दायर याचिका पर सभी की नजर बनी हुई है।
