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एमपी में बिल्ली पालने वाले हो जाएं सतर्क, नहीं मानी ये बात, हो सकता है बड़ा खतरा
BHOPAL, MP
मध्य प्रदेश में बिल्ली पालने वालों के लिए बड़ी खबर है. मध्य प्रदेश राज्य पशु संचालनालय ने बिल्ली पालने वालों के लिए एडवाइजरी जारी की.
यदि आपको बिल्ली पालने का शौक है या फिर आपने घर में बिल्ली पालकर रखी है, तो सतर्क हो जाएं. आमतौर पर पक्षियों में पाए जाने वाले बर्ड फ्लू का मामला बिल्लियों में पाया गया है. महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश में इस तरह का छिंदवाड़ा में मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार अलर्ट हो गई है. भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान में इनकी जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई है. इन दोनों बिल्लियों की मौत हो चुकी है. इस घटना के बाद मध्य प्रदेश राज्य पशु संचालनालय ने सभी बिल्ली पालने वालों को एहतियात बरतने की अपील की है.
छिंदवाड़ा कई क्षेत्रों को किया गया प्रतिबंधित
भोपाल में जांच रिपोर्ट में एच-5 एन-1 की पुष्टि होने के बाद छिंदवाड़ा जिला प्रशासन ने एक किलोमीटर एरिया को संक्रमित घोषित करते हुए सभी चिकन सेंटर को बंद रखने के आदेश जारी कर दिए हैं. फ्लू रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. उधर स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव किया गया है. उधर इस घटना के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है.

पशुपालन एवं डेयरी संचालनालय के संचालक डॉ. पीएस पटेल के मुताबिक "छिंदवाड़ा के अलावा किसी दूसरे जिले में इसके मामले सामने नहीं आए हैं. इसको रोकने के लिए सभी जिलों में अलर्ट कर दिया गया है, वहीं मामला संदिग्ध आने पर तत्काल जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. डॉक्टर्स को केन्द्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा गया है."
पक्षियों से बिल्लियों में हो रहा ट्रांसफर
विशेषज्ञों के मुताबिक आमतौर पर एच-5 एन-1 पक्षियों में होती है, इसीलिए इसे बर्ड फ्लू नाम दिया गया है, लेकिन अब यह संक्रमण बिल्लियों में फैलना चिंता का कारण है. हो सकता है कि यह बिल्लियां मुर्गियों के संपर्क में आई हों, लेकिन चिंताजनक यह है कि यह बिल्लियां इंसानों के करीब रहती हैं. इसलिए बिल्लियां पालने वालों को एहतियात बरतने की जरूरत है.
इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षण
बर्ड फ्लू मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से फैलता है. यह संक्रमित पक्षियों या जानवर के मल, लार या स्राव के जरिए फैल सकता है. इसलिए घरों में पाले जाने वाले पक्षियों या जानवरों से सीधे संपर्क में आने से बचें. नियमित रूप से हाथ धोएं. यदि आप नॉनवेज खाते हैं, तो उसे अच्छी तरह पकाकर ही खाएं, इससे संक्रमण को खत्म किया जा सकता है. यदि कोई पक्षी मरा हुआ है, तो तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें.
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एमपी में बिल्ली पालने वाले हो जाएं सतर्क, नहीं मानी ये बात, हो सकता है बड़ा खतरा
BHOPAL, MP
यदि आपको बिल्ली पालने का शौक है या फिर आपने घर में बिल्ली पालकर रखी है, तो सतर्क हो जाएं. आमतौर पर पक्षियों में पाए जाने वाले बर्ड फ्लू का मामला बिल्लियों में पाया गया है. महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश में इस तरह का छिंदवाड़ा में मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार अलर्ट हो गई है. भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान में इनकी जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई है. इन दोनों बिल्लियों की मौत हो चुकी है. इस घटना के बाद मध्य प्रदेश राज्य पशु संचालनालय ने सभी बिल्ली पालने वालों को एहतियात बरतने की अपील की है.
छिंदवाड़ा कई क्षेत्रों को किया गया प्रतिबंधित
भोपाल में जांच रिपोर्ट में एच-5 एन-1 की पुष्टि होने के बाद छिंदवाड़ा जिला प्रशासन ने एक किलोमीटर एरिया को संक्रमित घोषित करते हुए सभी चिकन सेंटर को बंद रखने के आदेश जारी कर दिए हैं. फ्लू रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. उधर स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव किया गया है. उधर इस घटना के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है.

पशुपालन एवं डेयरी संचालनालय के संचालक डॉ. पीएस पटेल के मुताबिक "छिंदवाड़ा के अलावा किसी दूसरे जिले में इसके मामले सामने नहीं आए हैं. इसको रोकने के लिए सभी जिलों में अलर्ट कर दिया गया है, वहीं मामला संदिग्ध आने पर तत्काल जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. डॉक्टर्स को केन्द्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा गया है."
पक्षियों से बिल्लियों में हो रहा ट्रांसफर
विशेषज्ञों के मुताबिक आमतौर पर एच-5 एन-1 पक्षियों में होती है, इसीलिए इसे बर्ड फ्लू नाम दिया गया है, लेकिन अब यह संक्रमण बिल्लियों में फैलना चिंता का कारण है. हो सकता है कि यह बिल्लियां मुर्गियों के संपर्क में आई हों, लेकिन चिंताजनक यह है कि यह बिल्लियां इंसानों के करीब रहती हैं. इसलिए बिल्लियां पालने वालों को एहतियात बरतने की जरूरत है.
इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षण
बर्ड फ्लू मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से फैलता है. यह संक्रमित पक्षियों या जानवर के मल, लार या स्राव के जरिए फैल सकता है. इसलिए घरों में पाले जाने वाले पक्षियों या जानवरों से सीधे संपर्क में आने से बचें. नियमित रूप से हाथ धोएं. यदि आप नॉनवेज खाते हैं, तो उसे अच्छी तरह पकाकर ही खाएं, इससे संक्रमण को खत्म किया जा सकता है. यदि कोई पक्षी मरा हुआ है, तो तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें.
