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मुख्यमंत्री मोहन यादव की PWD को नसीहत: "सरकार का पैसा है, लेकिन आत्मा और परमात्मा को भी देना होगा जवाब"
Bhopal, MP
भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित पीडब्ल्यूडी विभाग की पर्यावरण समन्वय कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंजीनियरों को साफ संदेश दिया कि सरकारी धन के साथ-साथ अपने विवेक और नैतिक जिम्मेदारी का भी ध्यान रखें।
उन्होंने कहा, "सरकार का पैसा है, लेकिन हमारे अंदर आत्मा भी है, जिसे अच्छे और बुरे का जवाब देना है। परमात्मा को भी बताना होगा कि जो किया, उसके जिम्मेदार हम हैं।"
मुख्यमंत्री ने "इंजीनियर" शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि इसमें विज्ञान और गणित का समान अधिकार होता है। उन्होंने वन क्षेत्रों से गुजरती सड़कों के लिए पर्यावरण-हितैषी पुलों के उदाहरण दिए, जिनसे नीचे से बाघ गुजरते हैं और ऊपर सड़क चलती है।
उन्होंने गुणवत्ता को लेकर भी सख्त रुख अपनाया—कांक्रीट, लोहा और सीमेंट की मात्रा पर ध्यान देने की नसीहत दी और कहा, "अपना रुपया सवा रुपये में चलाना सीखो।" मुख्यमंत्री ने माना कि PWD को बहुत गालियां पड़ती हैं, लेकिन ऐसे प्रशिक्षण से विभाग की छवि सुधारने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने "लोकपथ" एप की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सड़क मरम्मत की समय सीमा 7 दिन से घटाकर 4 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग अपनी कार्यक्षमता और गुणवत्ता के लिए पूरे देश में अलग पहचान बनाएगा।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव की PWD को नसीहत: "सरकार का पैसा है, लेकिन आत्मा और परमात्मा को भी देना होगा जवाब"
Bhopal, MP
उन्होंने कहा, "सरकार का पैसा है, लेकिन हमारे अंदर आत्मा भी है, जिसे अच्छे और बुरे का जवाब देना है। परमात्मा को भी बताना होगा कि जो किया, उसके जिम्मेदार हम हैं।"
मुख्यमंत्री ने "इंजीनियर" शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि इसमें विज्ञान और गणित का समान अधिकार होता है। उन्होंने वन क्षेत्रों से गुजरती सड़कों के लिए पर्यावरण-हितैषी पुलों के उदाहरण दिए, जिनसे नीचे से बाघ गुजरते हैं और ऊपर सड़क चलती है।
उन्होंने गुणवत्ता को लेकर भी सख्त रुख अपनाया—कांक्रीट, लोहा और सीमेंट की मात्रा पर ध्यान देने की नसीहत दी और कहा, "अपना रुपया सवा रुपये में चलाना सीखो।" मुख्यमंत्री ने माना कि PWD को बहुत गालियां पड़ती हैं, लेकिन ऐसे प्रशिक्षण से विभाग की छवि सुधारने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने "लोकपथ" एप की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सड़क मरम्मत की समय सीमा 7 दिन से घटाकर 4 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग अपनी कार्यक्षमता और गुणवत्ता के लिए पूरे देश में अलग पहचान बनाएगा।
