- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- सावन में उज्जैन के स्कूलों में रविवार को लगेंगी कक्षाएं, सोमवार को अवकाश: महाकाल सवारी पर प्रशासन का...
सावन में उज्जैन के स्कूलों में रविवार को लगेंगी कक्षाएं, सोमवार को अवकाश: महाकाल सवारी पर प्रशासन का फैसला बना सियासी मुद्दा
Bhopal, MP
सावन के पावन महीने में उज्जैन जिले के स्कूलों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव किया गया है। महाकाल सवारी के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार को छुट्टी और रविवार को स्कूल खोलने का आदेश दिया है।
हालांकि अब यह फैसला धार्मिक आस्था से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।
कौन से दिन रहेगा बदलाव?
उज्जैन के कलेक्टर रौशन कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नगरीय क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में सोमवार 15 जुलाई, 22 जुलाई, 29 जुलाई, 5 अगस्त और 12 अगस्त को अवकाश रहेगा। इसके स्थान पर स्कूल रविवार 14 जुलाई, 21 जुलाई, 28 जुलाई, 4 अगस्त और 11 अगस्त को संचालित होंगे। यह व्यवस्था कक्षा पहली से 12वीं तक के सभी स्कूलों में लागू होगी।
प्रशासन का क्या तर्क है?
प्रशासन का कहना है कि सावन में निकलने वाली महाकाल सवारी उज्जैन की ऐतिहासिक परंपरा है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा के मद्देनजर शहर की सड़कों पर आमजन को असुविधा होती है। खासकर स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को कठिनाइयों से बचाने के लिए यह बदलाव किया गया है।
कांग्रेस विधायक ने उठाया सवाल
इस फैसले पर भोपाल मध्य के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आपत्ति जताई है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या दूसरे धर्मों को भी ऐसी छूट मिलेगी? यह देश संविधान से चलता है, किसी धर्म विशेष से नहीं।” मसूद ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने यह फैसला मुख्यमंत्री को खुश करने के उद्देश्य से लिया है, जबकि महाकाल की सवारी तो वर्षों से निकाली जाती रही है।
बीजेपी का पलटवार
विधायक आरिफ मसूद की टिप्पणी पर प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आरिफ मसूद जैसे लोगों पर टिप्पणी करना समय की बर्बादी है। भारत की सनातन परंपराएं हमारे लिए गर्व का विषय हैं और उज्जैन में महाकाल सवारी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों की सुविधा और आस्था दोनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
सावन में उज्जैन के स्कूलों में रविवार को लगेंगी कक्षाएं, सोमवार को अवकाश: महाकाल सवारी पर प्रशासन का फैसला बना सियासी मुद्दा
Bhopal, MP
हालांकि अब यह फैसला धार्मिक आस्था से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।
कौन से दिन रहेगा बदलाव?
उज्जैन के कलेक्टर रौशन कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नगरीय क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में सोमवार 15 जुलाई, 22 जुलाई, 29 जुलाई, 5 अगस्त और 12 अगस्त को अवकाश रहेगा। इसके स्थान पर स्कूल रविवार 14 जुलाई, 21 जुलाई, 28 जुलाई, 4 अगस्त और 11 अगस्त को संचालित होंगे। यह व्यवस्था कक्षा पहली से 12वीं तक के सभी स्कूलों में लागू होगी।
प्रशासन का क्या तर्क है?
प्रशासन का कहना है कि सावन में निकलने वाली महाकाल सवारी उज्जैन की ऐतिहासिक परंपरा है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा के मद्देनजर शहर की सड़कों पर आमजन को असुविधा होती है। खासकर स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को कठिनाइयों से बचाने के लिए यह बदलाव किया गया है।
कांग्रेस विधायक ने उठाया सवाल
इस फैसले पर भोपाल मध्य के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आपत्ति जताई है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या दूसरे धर्मों को भी ऐसी छूट मिलेगी? यह देश संविधान से चलता है, किसी धर्म विशेष से नहीं।” मसूद ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने यह फैसला मुख्यमंत्री को खुश करने के उद्देश्य से लिया है, जबकि महाकाल की सवारी तो वर्षों से निकाली जाती रही है।
बीजेपी का पलटवार
विधायक आरिफ मसूद की टिप्पणी पर प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आरिफ मसूद जैसे लोगों पर टिप्पणी करना समय की बर्बादी है। भारत की सनातन परंपराएं हमारे लिए गर्व का विषय हैं और उज्जैन में महाकाल सवारी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों की सुविधा और आस्था दोनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
