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CM डॉ मोहन ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के मौके पर शेयर किया अनुभव, सहकारिता विभाग से जुड़ा किस्सा सुनाया
BHOPAL, MP
मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सहकारिता से जुड़ा अनुभव शेयर किया। उन्होंने कहा कि मैं खुद सहकारिता का भुगभोगी हूं।
बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के मौके पर राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में आयोजित किया गया। जिसमें सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग मौजूद रहे। इसके अलावा प्रदेश भर के सहकारी समिति के पदाधिकारी और सहकारी बैंक के सीईओ शामिल ने भी शिरकत की।
हमने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया- CM डॉ मोहन
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहकारिता पर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया है। अश्वमेघ की परंपरा भी हमारी थी। यूनाइटेड स्टेट की परंपरा को पालन सिर्फ भारत ने किया है। वहीं सीएम ने कहा कि कोई समिति बनाते हैं तो उसका उद्देश सिर्फ एक को लाभ देना नहीं होता है। सहकारिता के आयाम का मतलब सबकों लाभ देना है। सहकारिता विभाग कितना महत्वपूर्ण उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी दी है।
सीएम ने शेयर किया अनुभव
वहीं मुख्यमंत्री ने अपना अनुभव सुनाते हुए बताया कि मैं भी इसका भुगतभोगी हूं। उन्होंने कहा कि सहकारिता समिति के लिए उज्जैन से लेकर भोपाल मंत्रालय पहुंचा था। 8 महीने में कागजी कार्यवाही से परेशान हो गया था। संगठन महामंत्री सालिगराम, मंत्री के कहने पर भी काम किया। फिर सालिगराम ने मंत्री लक्ष्मीकांत से कहा, जब मंत्री से फोन लगवाया तब काम हुआ और रजिस्ट्रेशन मिल गया।
उन्होंने आगे कहा कि सहकारिता विभाग के अधिकारी किसी को भी बचा सकते हैं उन्हें सब आता है। सीएम ने कहा कि सरकार ने सहकारिता पर ध्यान दिया है। सहकारिता की नई भावना से सब कुछ ठीक हो गया। इससे मल्टी पर्पस काम होंगे। दूध, मत्स्य सेक्टर से किसानों को फायदा होगा। उद्योगों में सहकारिता समिति आ रही है।
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CM डॉ मोहन ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के मौके पर शेयर किया अनुभव, सहकारिता विभाग से जुड़ा किस्सा सुनाया
BHOPAL, MP
मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सहकारिता से जुड़ा अनुभव शेयर किया। उन्होंने कहा कि मैं खुद सहकारिता का भुगभोगी हूं।
बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के मौके पर राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में आयोजित किया गया। जिसमें सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग मौजूद रहे। इसके अलावा प्रदेश भर के सहकारी समिति के पदाधिकारी और सहकारी बैंक के सीईओ शामिल ने भी शिरकत की।
हमने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया- CM डॉ मोहन
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहकारिता पर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया है। अश्वमेघ की परंपरा भी हमारी थी। यूनाइटेड स्टेट की परंपरा को पालन सिर्फ भारत ने किया है। वहीं सीएम ने कहा कि कोई समिति बनाते हैं तो उसका उद्देश सिर्फ एक को लाभ देना नहीं होता है। सहकारिता के आयाम का मतलब सबकों लाभ देना है। सहकारिता विभाग कितना महत्वपूर्ण उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी दी है।
सीएम ने शेयर किया अनुभव
वहीं मुख्यमंत्री ने अपना अनुभव सुनाते हुए बताया कि मैं भी इसका भुगतभोगी हूं। उन्होंने कहा कि सहकारिता समिति के लिए उज्जैन से लेकर भोपाल मंत्रालय पहुंचा था। 8 महीने में कागजी कार्यवाही से परेशान हो गया था। संगठन महामंत्री सालिगराम, मंत्री के कहने पर भी काम किया। फिर सालिगराम ने मंत्री लक्ष्मीकांत से कहा, जब मंत्री से फोन लगवाया तब काम हुआ और रजिस्ट्रेशन मिल गया।
उन्होंने आगे कहा कि सहकारिता विभाग के अधिकारी किसी को भी बचा सकते हैं उन्हें सब आता है। सीएम ने कहा कि सरकार ने सहकारिता पर ध्यान दिया है। सहकारिता की नई भावना से सब कुछ ठीक हो गया। इससे मल्टी पर्पस काम होंगे। दूध, मत्स्य सेक्टर से किसानों को फायदा होगा। उद्योगों में सहकारिता समिति आ रही है।
