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पांच साल की मासूम से दुष्कर्म कर हत्या करने वाले को फांसी की सजा, मां और बहन को चार साल का कारावास
BHOPAL, MP
राजधानी भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली पांच साल की मासूम का अपहरण कर अपने घर में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और हत्या के बाद लाश को टंकी में छिपाने वाले दरिंदे अतुल भालसे को भोपाल जिला अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। दोषी अतुल भालसे की मां और बहन को भी दो-दो साल की सजा सुनाई गई है।
बता दें कि मां और बहन ने हत्याकांड के बाद लाश को छिपाने और साक्ष्यों को मिटाने में अतुल भालसे का साथ दिया है। अतुल भालसे सहित तीनों दोषी भोपाल केंद्रीय जेल में बंद हैं। घटना इस वर्ष 24 सितंबर की है। पुलिस ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस की श्रेणी में रखकर तीन माह के अंदर चालान प्रस्तुत किया था और साक्ष्यों व गवाहों के बयान के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट की विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल की अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है।
जानकारी के अनुसार, अतुल भालसे मूलतः खरगोन जिले का रहने वाला है। वह यहां अपनी मां बसंती बाई के साथ किराए से रहता था। उसी मल्टी में अतुल की बहन चंचल भालसे भी किराए से रहती थी। अतुल का पिता वर्षों पहले इन लोगों को छोड़कर वापस खरगोन चला गया है। अतुल वहसी दरिंदा था, इस कारण कुछ माह पहले ही उसकी पत्नी छोड़कर मायके चली गई थी। पांच साल की मासूम 24 सितंबर को घर के बाहर खेल रही थी, तभी मासूम के घर के सामने किराये से रहने वाला मजदूर अतुल भालसे चॉकलेट का लालच देकर अपने घर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
दरिंदगी के दौरान पीड़ित मासूम चिल्ला रही थी, इस कारण आरोपी ने दसका मुंह दबा दिया था। मुंह दबाने के कारण वह बेहोश हो गई और खून से लथपथ भी थी। आरोपी की मां उस समय मजदूरी करने गई थी। इसके बाद आरोपी ने लाश को ठिकाने लगाने की साजिश रची। मां जब घर आई तो उसने को को घटना बताई तो मां ने अपनी बेटी चंचल के साथ मिलकर मासूम की लाश को पन्नी के अंदर डाला और बाथरूम में छत से सटाकर लगाई गई पानी की टंकी में डाल दिया।
दुष्कर्मी की मां और बहनतीसरे दिन बरामद हुई थी लाश
घटना के चंद घंटे बाद आरोपियों ने लाश को पन्नी के अंदर बंद कर बिस्तर के अंदर रखा। 24 घंटे तक शव को बिस्तर के नीचे रखा तो उससे बदबू आने लगी और चींटियां लगने लगीं। यह देखकर अतुल ने मां और बहन के साथ मिलकर दूसरे दिन लाश को पानी की टंकी में डाल दिया, ताकि बदबू न आए। पूरा परिवार पीड़ित परिवार के साथ मासूम को तलाशने का नाटक करता रहा, ताकि पुलिस और मासूम के परिजनों को उन पर शक न हो।
लाश को बाहर नहीं फेंक पाए, इसलिए पकड़े गए
आरोपी इतने शातिर हैं कि उन्होंने सोचा की रात में मासूम के शव को अंधेरे का फायदा उठाते हुए कॉलोनी के बाहर फेंक देंगे, नहीं तो मल्टी की छत से पीछे की तरफ नीचे फेंक देंगे। लेकिन परिजनों ने कुछ घंटे के अदर ही मासूम की तलाश करने लगे। चंद घंटे बाद पुलिस ने पूरी कॉलोनी को घेर लिया और रात भर पुलिस मासूम की तलाश करती रही। इस कारण दरिंदे को मौका नहीं मिला और लाश का घर के अंदर ही रखा।
हत्याकांड को अंजाम देने के तीसरे दिन सुबह जब पुलिस अधिकारियों की टीम नए सिरे से एक-एक घर की तलाशी लेने लगी तो देखा कि अतुल भालसे के घर से बहुत बदबू आ रही है। उसके घर में फर्स धोने के नाम पर बड़ी मात्रा में एसिड गिराया गया है। एसिड की तीव्र बदबू से आरोपी लाश की बदबू छिपाने की कोशिश कर रहे थे। इससे पुलिस अधिकारियों को शक हुआ तो आरोपी घर में ताला लगाकर मजदूरी करने के नाम पर मोहल्ले से भाग गए। पुलिस ने आरोपियों के घर घुसकर कोना-कोना तलाश, तब अंधेरे में रखी पानी की टंकी के अंदर लाश मिली। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर अतुल, उसकी मां बसंती बाई और बहन चंचल को गिरफ्तार किया।
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पांच साल की मासूम से दुष्कर्म कर हत्या करने वाले को फांसी की सजा, मां और बहन को चार साल का कारावास
BHOPAL, MP
राजधानी भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली पांच साल की मासूम का अपहरण कर अपने घर में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और हत्या के बाद लाश को टंकी में छिपाने वाले दरिंदे अतुल भालसे को भोपाल जिला अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। दोषी अतुल भालसे की मां और बहन को भी दो-दो साल की सजा सुनाई गई है।
बता दें कि मां और बहन ने हत्याकांड के बाद लाश को छिपाने और साक्ष्यों को मिटाने में अतुल भालसे का साथ दिया है। अतुल भालसे सहित तीनों दोषी भोपाल केंद्रीय जेल में बंद हैं। घटना इस वर्ष 24 सितंबर की है। पुलिस ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस की श्रेणी में रखकर तीन माह के अंदर चालान प्रस्तुत किया था और साक्ष्यों व गवाहों के बयान के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट की विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल की अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है।
जानकारी के अनुसार, अतुल भालसे मूलतः खरगोन जिले का रहने वाला है। वह यहां अपनी मां बसंती बाई के साथ किराए से रहता था। उसी मल्टी में अतुल की बहन चंचल भालसे भी किराए से रहती थी। अतुल का पिता वर्षों पहले इन लोगों को छोड़कर वापस खरगोन चला गया है। अतुल वहसी दरिंदा था, इस कारण कुछ माह पहले ही उसकी पत्नी छोड़कर मायके चली गई थी। पांच साल की मासूम 24 सितंबर को घर के बाहर खेल रही थी, तभी मासूम के घर के सामने किराये से रहने वाला मजदूर अतुल भालसे चॉकलेट का लालच देकर अपने घर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
दरिंदगी के दौरान पीड़ित मासूम चिल्ला रही थी, इस कारण आरोपी ने दसका मुंह दबा दिया था। मुंह दबाने के कारण वह बेहोश हो गई और खून से लथपथ भी थी। आरोपी की मां उस समय मजदूरी करने गई थी। इसके बाद आरोपी ने लाश को ठिकाने लगाने की साजिश रची। मां जब घर आई तो उसने को को घटना बताई तो मां ने अपनी बेटी चंचल के साथ मिलकर मासूम की लाश को पन्नी के अंदर डाला और बाथरूम में छत से सटाकर लगाई गई पानी की टंकी में डाल दिया।
दुष्कर्मी की मां और बहनतीसरे दिन बरामद हुई थी लाश
घटना के चंद घंटे बाद आरोपियों ने लाश को पन्नी के अंदर बंद कर बिस्तर के अंदर रखा। 24 घंटे तक शव को बिस्तर के नीचे रखा तो उससे बदबू आने लगी और चींटियां लगने लगीं। यह देखकर अतुल ने मां और बहन के साथ मिलकर दूसरे दिन लाश को पानी की टंकी में डाल दिया, ताकि बदबू न आए। पूरा परिवार पीड़ित परिवार के साथ मासूम को तलाशने का नाटक करता रहा, ताकि पुलिस और मासूम के परिजनों को उन पर शक न हो।
लाश को बाहर नहीं फेंक पाए, इसलिए पकड़े गए
आरोपी इतने शातिर हैं कि उन्होंने सोचा की रात में मासूम के शव को अंधेरे का फायदा उठाते हुए कॉलोनी के बाहर फेंक देंगे, नहीं तो मल्टी की छत से पीछे की तरफ नीचे फेंक देंगे। लेकिन परिजनों ने कुछ घंटे के अदर ही मासूम की तलाश करने लगे। चंद घंटे बाद पुलिस ने पूरी कॉलोनी को घेर लिया और रात भर पुलिस मासूम की तलाश करती रही। इस कारण दरिंदे को मौका नहीं मिला और लाश का घर के अंदर ही रखा।
हत्याकांड को अंजाम देने के तीसरे दिन सुबह जब पुलिस अधिकारियों की टीम नए सिरे से एक-एक घर की तलाशी लेने लगी तो देखा कि अतुल भालसे के घर से बहुत बदबू आ रही है। उसके घर में फर्स धोने के नाम पर बड़ी मात्रा में एसिड गिराया गया है। एसिड की तीव्र बदबू से आरोपी लाश की बदबू छिपाने की कोशिश कर रहे थे। इससे पुलिस अधिकारियों को शक हुआ तो आरोपी घर में ताला लगाकर मजदूरी करने के नाम पर मोहल्ले से भाग गए। पुलिस ने आरोपियों के घर घुसकर कोना-कोना तलाश, तब अंधेरे में रखी पानी की टंकी के अंदर लाश मिली। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर अतुल, उसकी मां बसंती बाई और बहन चंचल को गिरफ्तार किया।
