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मध्यप्रदेश में बढ़ी सर्दी, इंदौर में पारा 14 डिग्री तक गिरा....मंडला-बालाघाट में बारिश का अलर्ट
BHOPAL, MP
मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से — मंडला, बालाघाट, अनूपपुर और डिंडौरी में आज हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक इन जिलों में ऐसा ही मौसम बना रहेगा, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन की रातें ठंडी रहेंगी। प्रदेश के बाकी हिस्सों से 2 से 3 दिन में मानसून की वापसी की संभावना है।
पूर्वी एमपी में हल्की बारिश का दौर जारी
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी जिलों में हल्की वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा, हालांकि किसी बड़े बारिश के सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि पूर्वी मध्यप्रदेश में छिटपुट बारिश संभव है, परंतु यह तेज़ नहीं होगी।
भोपाल-इंदौर की रातें ठंडी, तापमान में गिरावट
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी के कारण अब उत्तर भारत से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने लगी हैं। इसका असर यहां के तापमान पर साफ दिख रहा है।
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इंदौर में रात का पारा 14 डिग्री तक पहुंच गया।
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भोपाल और उज्जैन में 17 डिग्री,
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ग्वालियर में 18.2 डिग्री,
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बैतूल में 16.8 डिग्री,
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राजगढ़ में 14.4 डिग्री दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में रातें और ठंडी होंगी और दिन का तापमान सामान्य रहेगा।
40 से अधिक जिलों से लौट चुका है मानसून
मौसम विभाग ने बताया कि अब तक 40 से ज्यादा जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है, जिनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, बड़वानी, खरगोन, धार, खंडवा, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम जैसे जिले शामिल हैं।
राज्य में 16 जून को मानसून प्रवेश किया था, और अगर यह अगले 2-3 दिन और रुकता है, तो इस बार प्रदेश में पूरे चार महीने तक मानसून सक्रिय रहने का रिकॉर्ड बनेगा।
कहां हुई कितनी बारिश
इस मानसूनी सीजन में गुना जिला सबसे आगे रहा, जहां 65.6 इंच बारिश दर्ज हुई।
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मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक,
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श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा वर्षा दर्ज की गई।
वहीं, सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) शामिल रहे।
इंदौर-उज्जैन संभाग में सितंबर ने सुधारी तस्वीर
शुरुआती महीनों में कमजोर बारिश से परेशान इंदौर और उज्जैन संभाग ने सितंबर में राहत पाई। तेज़ बारिश के चलते इंदौर ने सामान्य बारिश का कोटा पूरा कर लिया, हालांकि उज्जैन अभी भी थोड़ा पीछे है।
ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में सबसे बेहतर बारिश
इस बार मानसून ने जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में जमकर बरसात की। वहीं, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सभी 8 जिलों — ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर — में कोटे से अधिक पानी गिरा।
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मध्यप्रदेश में बढ़ी सर्दी, इंदौर में पारा 14 डिग्री तक गिरा....मंडला-बालाघाट में बारिश का अलर्ट
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मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक इन जिलों में ऐसा ही मौसम बना रहेगा, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन की रातें ठंडी रहेंगी। प्रदेश के बाकी हिस्सों से 2 से 3 दिन में मानसून की वापसी की संभावना है।
पूर्वी एमपी में हल्की बारिश का दौर जारी
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी जिलों में हल्की वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा, हालांकि किसी बड़े बारिश के सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि पूर्वी मध्यप्रदेश में छिटपुट बारिश संभव है, परंतु यह तेज़ नहीं होगी।
भोपाल-इंदौर की रातें ठंडी, तापमान में गिरावट
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी के कारण अब उत्तर भारत से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने लगी हैं। इसका असर यहां के तापमान पर साफ दिख रहा है।
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इंदौर में रात का पारा 14 डिग्री तक पहुंच गया।
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भोपाल और उज्जैन में 17 डिग्री,
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ग्वालियर में 18.2 डिग्री,
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बैतूल में 16.8 डिग्री,
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राजगढ़ में 14.4 डिग्री दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में रातें और ठंडी होंगी और दिन का तापमान सामान्य रहेगा।
40 से अधिक जिलों से लौट चुका है मानसून
मौसम विभाग ने बताया कि अब तक 40 से ज्यादा जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है, जिनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, बड़वानी, खरगोन, धार, खंडवा, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम जैसे जिले शामिल हैं।
राज्य में 16 जून को मानसून प्रवेश किया था, और अगर यह अगले 2-3 दिन और रुकता है, तो इस बार प्रदेश में पूरे चार महीने तक मानसून सक्रिय रहने का रिकॉर्ड बनेगा।
कहां हुई कितनी बारिश
इस मानसूनी सीजन में गुना जिला सबसे आगे रहा, जहां 65.6 इंच बारिश दर्ज हुई।
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मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक,
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श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा वर्षा दर्ज की गई।
वहीं, सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) शामिल रहे।
इंदौर-उज्जैन संभाग में सितंबर ने सुधारी तस्वीर
शुरुआती महीनों में कमजोर बारिश से परेशान इंदौर और उज्जैन संभाग ने सितंबर में राहत पाई। तेज़ बारिश के चलते इंदौर ने सामान्य बारिश का कोटा पूरा कर लिया, हालांकि उज्जैन अभी भी थोड़ा पीछे है।
ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में सबसे बेहतर बारिश
इस बार मानसून ने जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में जमकर बरसात की। वहीं, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सभी 8 जिलों — ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर — में कोटे से अधिक पानी गिरा।
