- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- मुरैना में सड़क पर उतरी कांग्रेस, बोली- 'पर्ची वाले सीएम फेल, जब आएंगे दिखाया जाएगा काला झंडा'
मुरैना में सड़क पर उतरी कांग्रेस, बोली- 'पर्ची वाले सीएम फेल, जब आएंगे दिखाया जाएगा काला झंडा'
Murena, MP
मुरैना में कानून व्यवस्था को लेकर रैली निकाली गई. कांग्रेसी नेता सत्यपाल सिंह सिकरवार के नेतृत्व में एसपी को ज्ञापन सौंपा गया.
जिले की कानून व्यवस्था को लेकर सोमवार को मुरैना में रैली निकाली गई. यह रैली कांग्रेसी नेता सत्यपाल सिंह सिकरवार और क्षत्रिय समाज सहित सर्व समाज द्वारा निकाली गई. पूर्व विधायक रविंद्र सिंह तोमर और सत्यपाल सिंह सिकरवार के नेतृत्व में सभी लोग रैली के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचे. यहां पर उन्होंने बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए एसपी समीर सौरभ को एक ज्ञापन सौंपा. इस दौरान एसपी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए.
'मुरैना में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त'
सत्यपाल सिंह सिकरवार ने कहा, "मुरैना में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है. इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के लोग हैं, क्योंकि सत्तापक्ष के लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं. जब तक किसी नेता का संरक्षण नहीं होगा, किसी अपराधी की इतनी हिम्मत नहीं है कि वह क्राइम कर सके. यही वजह है कि बीजेपी के शासनकाल में लूट, डकैती, चोरी, हत्या, बलात्कार व जमीनों पर अवैध कब्जे करना आम बात हो गई है. इन सब से जनता परेशान है.
यदि अपराधियों पर कंट्रोल नहीं किया गया तो कांग्रेस के साथ-साथ सर्व समाज के लोग मुरैना में बड़ा आंदोलन करेंगे और इसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा. यदि फिर भी अपराधियों पर अंकुश नहीं लगा, तो वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करेंगे व सीएम हाउस का घेराव करेंगे. मुख्यमंत्री जब भी मुरैना आएंगे, उनको काले झंडे दिखाए जाएंगे." उन्होंने सीएम मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा, "निकम्मी प्रदेश सरकार के पर्ची वाले मुख्यमंत्री फेल हो चुके है."

'बदमाशों के बीजेपी के नेताओं का संरक्षण प्राप्त है'
पूर्व विधायक ने मुरैना की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि "किसी एक समुदाय के लोगों ने एक फौजी के प्लाट पर जबरन कब्जा कर लिया है. इन कब्जाधारी बदमाशों को बीजेपी नेताओं का संरक्षण प्राप्त है. यही नहीं कुछ दिन पहले मुरैना कोर्ट परिसर में घुसकर एक वरिष्ठ अधिवक्ता से साथ मारपीट की गई. यह बहुत ही शर्मनाक घटना है. मुरैना के लिए यह एक बड़ा कलंक है. यह तब तक नहीं धुलेगा, जब तक इन अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हो जाती."
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मुरैना में सड़क पर उतरी कांग्रेस, बोली- 'पर्ची वाले सीएम फेल, जब आएंगे दिखाया जाएगा काला झंडा'
Murena, MP
जिले की कानून व्यवस्था को लेकर सोमवार को मुरैना में रैली निकाली गई. यह रैली कांग्रेसी नेता सत्यपाल सिंह सिकरवार और क्षत्रिय समाज सहित सर्व समाज द्वारा निकाली गई. पूर्व विधायक रविंद्र सिंह तोमर और सत्यपाल सिंह सिकरवार के नेतृत्व में सभी लोग रैली के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचे. यहां पर उन्होंने बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए एसपी समीर सौरभ को एक ज्ञापन सौंपा. इस दौरान एसपी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए.
'मुरैना में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त'
सत्यपाल सिंह सिकरवार ने कहा, "मुरैना में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है. इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के लोग हैं, क्योंकि सत्तापक्ष के लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं. जब तक किसी नेता का संरक्षण नहीं होगा, किसी अपराधी की इतनी हिम्मत नहीं है कि वह क्राइम कर सके. यही वजह है कि बीजेपी के शासनकाल में लूट, डकैती, चोरी, हत्या, बलात्कार व जमीनों पर अवैध कब्जे करना आम बात हो गई है. इन सब से जनता परेशान है.
यदि अपराधियों पर कंट्रोल नहीं किया गया तो कांग्रेस के साथ-साथ सर्व समाज के लोग मुरैना में बड़ा आंदोलन करेंगे और इसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा. यदि फिर भी अपराधियों पर अंकुश नहीं लगा, तो वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करेंगे व सीएम हाउस का घेराव करेंगे. मुख्यमंत्री जब भी मुरैना आएंगे, उनको काले झंडे दिखाए जाएंगे." उन्होंने सीएम मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा, "निकम्मी प्रदेश सरकार के पर्ची वाले मुख्यमंत्री फेल हो चुके है."

'बदमाशों के बीजेपी के नेताओं का संरक्षण प्राप्त है'
पूर्व विधायक ने मुरैना की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि "किसी एक समुदाय के लोगों ने एक फौजी के प्लाट पर जबरन कब्जा कर लिया है. इन कब्जाधारी बदमाशों को बीजेपी नेताओं का संरक्षण प्राप्त है. यही नहीं कुछ दिन पहले मुरैना कोर्ट परिसर में घुसकर एक वरिष्ठ अधिवक्ता से साथ मारपीट की गई. यह बहुत ही शर्मनाक घटना है. मुरैना के लिए यह एक बड़ा कलंक है. यह तब तक नहीं धुलेगा, जब तक इन अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हो जाती."
