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स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, विद्युत कंपनी का घेराव
Dewas, MP
मध्यप्रदेश के देवास में गुरुवार को बिजली दरों में बढ़ोत्तरी और स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया।
जिला शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चामुंडा कॉम्प्लेक्स से रैली निकालकर विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय तक मार्च किया। इस दौरान पुलिस ने कार्यालय के बाहर बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों का विरोध तीखा और सुनियोजित रहा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। मीटर में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते कई उपभोक्ताओं को 5–5 हजार रुपए तक के बिल थोपे जा रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि स्मार्ट मीटर हटाए जाएं और पुराने मीटर सिस्टम को फिर से लागू किया जाए। इसके साथ ही बिजली दरों में कटौती कर आम जनता को राहत दी जाए। इस संबंध में एक ज्ञापन भी बिजली कंपनी को सौंपा गया।
कांग्रेस ने लगाया सरकार पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने कहा कि “भाजपा सरकार अडानी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए आम जनता से मनमाने बिजली बिल वसूल रही है। गरीब परिवारों को बिजली के नाम पर लूटा जा रहा है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटर हटाकर पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो कांग्रेस और उग्र आंदोलन करेगी।
विद्युत कंपनी का पक्ष—उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हैं स्मार्ट मीटर
इस मुद्दे पर विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री विश्वजीत झा ने कहा कि “स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए लगाए जा रहे हैं। इससे रीडिंग में पारदर्शिता और बिलिंग की प्रक्रिया में सुधार संभव है।”
प्रदर्शनकारियों ने जताई तकनीकी खामियों पर नाराज़गी
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्मार्ट मीटर कभी अचानक बहुत ज्यादा यूनिट दिखाते हैं तो कभी बिना सूचना के बिजली काट दी जाती है। यहां तक कि समय पर बिल भरने के बाद भी मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली की कटौती हो रही है। लोगों ने पूर्व सरकार की तुलना करते हुए कहा कि पहले 100 रुपए में 100 यूनिट मिलती थी, अब जनता को महंगे बिल झेलने पड़ रहे हैं।
नेताओं की मौजूदगी से प्रदर्शन को मिली ताकत
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर शर्मा, डॉ. मंसूर शेख, प्रतीक शास्त्री, चंद्रपाल सिंह सोलंकी, प्रमोद सुमन, अनिल गोस्वामी, कल्याण सिंह पंवार, इम्तियाज शेख भल्लू और सूरज सिंह चावड़ा समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
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स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, विद्युत कंपनी का घेराव
Dewas, MP
जिला शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चामुंडा कॉम्प्लेक्स से रैली निकालकर विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय तक मार्च किया। इस दौरान पुलिस ने कार्यालय के बाहर बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों का विरोध तीखा और सुनियोजित रहा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। मीटर में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते कई उपभोक्ताओं को 5–5 हजार रुपए तक के बिल थोपे जा रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि स्मार्ट मीटर हटाए जाएं और पुराने मीटर सिस्टम को फिर से लागू किया जाए। इसके साथ ही बिजली दरों में कटौती कर आम जनता को राहत दी जाए। इस संबंध में एक ज्ञापन भी बिजली कंपनी को सौंपा गया।
कांग्रेस ने लगाया सरकार पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने कहा कि “भाजपा सरकार अडानी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए आम जनता से मनमाने बिजली बिल वसूल रही है। गरीब परिवारों को बिजली के नाम पर लूटा जा रहा है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटर हटाकर पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो कांग्रेस और उग्र आंदोलन करेगी।
विद्युत कंपनी का पक्ष—उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हैं स्मार्ट मीटर
इस मुद्दे पर विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री विश्वजीत झा ने कहा कि “स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए लगाए जा रहे हैं। इससे रीडिंग में पारदर्शिता और बिलिंग की प्रक्रिया में सुधार संभव है।”
प्रदर्शनकारियों ने जताई तकनीकी खामियों पर नाराज़गी
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्मार्ट मीटर कभी अचानक बहुत ज्यादा यूनिट दिखाते हैं तो कभी बिना सूचना के बिजली काट दी जाती है। यहां तक कि समय पर बिल भरने के बाद भी मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली की कटौती हो रही है। लोगों ने पूर्व सरकार की तुलना करते हुए कहा कि पहले 100 रुपए में 100 यूनिट मिलती थी, अब जनता को महंगे बिल झेलने पड़ रहे हैं।
नेताओं की मौजूदगी से प्रदर्शन को मिली ताकत
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर शर्मा, डॉ. मंसूर शेख, प्रतीक शास्त्री, चंद्रपाल सिंह सोलंकी, प्रमोद सुमन, अनिल गोस्वामी, कल्याण सिंह पंवार, इम्तियाज शेख भल्लू और सूरज सिंह चावड़ा समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
