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भोपाल में निगम-मंडल पदाधिकारियों की होगी ट्रेनिंग, CM मोहन यादव देंगे जिम्मेदारियों का पाठ
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में निगम-मंडल अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की ट्रेनिंग आयोजित, CM मोहन यादव देंगे अधिकार और जिम्मेदारियों की जानकारी।
मध्य प्रदेश में हाल ही में निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्त किए गए अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के लिए सोमवार को भोपाल में एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा जा रहा है। ये कार्यक्रम राजधानी के अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में सुबह 9 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे और पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। खबरों के मुताबिक, सरकार इस ट्रेनिंग के जरिए नए पदाधिकारियों को उनके अधिकार, जिम्मेदारियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बारे में साफ-साफ जानकारी देना चाहती है। इस कार्यक्रम में कुल 63 गैर-सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं, जिन्हें मंत्री दर्जा प्राप्त है। ट्रेनिंग करीब दोपहर 2 बजे तक चलेगी।
सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर 18 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी भी इसमें भाग लेंगे। अधिकारी विभिन्न विषयों पर प्रजेंटेशन देंगे, जिसमें निगम-मंडलों का कामकाज, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, प्रशासनिक सीमाएं, शासन व्यवस्था और विभागीय समन्वय जैसे मुद्दे शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में कुछ निगम-मंडल अध्यक्षों की पदभार ग्रहण के दौरान निकाली गई रैलियों और शक्ति प्रदर्शन को लेकर पार्टी में नाराजगी देखी गई थी। ये मामला दिल्ली तक पहुंचने के बाद बीजेपी संगठन ने इसे गंभीरता से लिया और भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटा दिया, जबकि पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर उनके अधिकार फिलहाल फ्रीज कर दिए गए।
इस घटनाक्रम के बाद सरकार और संगठन दोनों कोशिश कर रहे हैं कि आगे ऐसी स्थिति न बने। ट्रेनिंग प्रोग्राम में इस बात पर जोर रहेगा कि निगम-मंडल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपने अधिकार क्षेत्र को समझें और विभागीय मंत्रियों या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टकराव से बचें। अधिकारियों के मुताबिक, कई बार नए पदाधिकारी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक सीमाओं को पूरी तरह नहीं समझते, जिससे विवाद की स्थिति बन जाती है। इसलिए इस ट्रेनिंग को सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन और समन्वय का अभ्यास माना जा रहा है।
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भोपाल में निगम-मंडल पदाधिकारियों की होगी ट्रेनिंग, CM मोहन यादव देंगे जिम्मेदारियों का पाठ
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश में हाल ही में निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्त किए गए अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के लिए सोमवार को भोपाल में एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा जा रहा है। ये कार्यक्रम राजधानी के अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में सुबह 9 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे और पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। खबरों के मुताबिक, सरकार इस ट्रेनिंग के जरिए नए पदाधिकारियों को उनके अधिकार, जिम्मेदारियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बारे में साफ-साफ जानकारी देना चाहती है। इस कार्यक्रम में कुल 63 गैर-सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं, जिन्हें मंत्री दर्जा प्राप्त है। ट्रेनिंग करीब दोपहर 2 बजे तक चलेगी।
सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर 18 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी भी इसमें भाग लेंगे। अधिकारी विभिन्न विषयों पर प्रजेंटेशन देंगे, जिसमें निगम-मंडलों का कामकाज, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, प्रशासनिक सीमाएं, शासन व्यवस्था और विभागीय समन्वय जैसे मुद्दे शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में कुछ निगम-मंडल अध्यक्षों की पदभार ग्रहण के दौरान निकाली गई रैलियों और शक्ति प्रदर्शन को लेकर पार्टी में नाराजगी देखी गई थी। ये मामला दिल्ली तक पहुंचने के बाद बीजेपी संगठन ने इसे गंभीरता से लिया और भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटा दिया, जबकि पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर उनके अधिकार फिलहाल फ्रीज कर दिए गए।
इस घटनाक्रम के बाद सरकार और संगठन दोनों कोशिश कर रहे हैं कि आगे ऐसी स्थिति न बने। ट्रेनिंग प्रोग्राम में इस बात पर जोर रहेगा कि निगम-मंडल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपने अधिकार क्षेत्र को समझें और विभागीय मंत्रियों या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टकराव से बचें। अधिकारियों के मुताबिक, कई बार नए पदाधिकारी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक सीमाओं को पूरी तरह नहीं समझते, जिससे विवाद की स्थिति बन जाती है। इसलिए इस ट्रेनिंग को सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन और समन्वय का अभ्यास माना जा रहा है।
