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इंदौर में बनेगी देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा, काम अंतिम चरण में
इंदौर,(म.प्र.)
वार्ड-85 में तेजी से चल रहा निर्माण, महापौर ने किया निरीक्षण, अगले महीने भव्य अनावरण की तैयारी
इंदौर में देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। शहर के वार्ड क्रमांक-85 में निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और प्रतिमा के लिए तैयार किए जा रहे विशाल पेडेस्टल का निर्माण लगभग पूरा होने की ओर है। बुधवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर पूरे कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और तय समयसीमा की विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। नगर निगम के अनुसार प्रतिमा का निर्माण निर्धारित योजना के अनुसार किया जा रहा है। इस समय सबसे अधिक ध्यान प्रतिमा के आधार यानी पेडेस्टल को मजबूत और सुरक्षित बनाने पर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने महापौर को बताया कि आधार निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण का काम तेजी से किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए क्योंकि यह परियोजना केवल इंदौर ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण बनने जा रही है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निर्माण स्थल पर मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने परियोजना से जुड़े हर चरण की जानकारी ली और पूछा कि किन-किन कार्यों को अभी पूरा किया जाना बाकी है। निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि सभी काम निर्धारित समय के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। यदि मौसम या अन्य किसी कारण से कोई बड़ी बाधा नहीं आती है तो अगले महीने प्रतिमा के भव्य अनावरण की तैयारी पूरी कर ली जाएगी। नगर निगम का कहना है कि अनावरण कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की योजना भी बनाई जा रही है। स्वामी विवेकानंद देश के उन महान व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं जिन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। उनके विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। नगर निगम का मानना है कि इतनी विशाल प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों से जोड़ने का भी माध्यम बनेगी। शहर आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक प्रमुख आकर्षण बनने की संभावना है।
निरीक्षण के बाद महापौर ने वार्ड क्रमांक-84 में निर्माणाधीन शासकीय स्कूल का भी दौरा किया। वहां उन्होंने भवन निर्माण की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं प्राथमिकता में हैं और इन्हें समय पर पूरा करना जरूरी है। स्कूल भवन बनने के बाद आसपास के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। महापौर ने कहा कि इंदौर लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहर में सड़क, शिक्षा, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्रेरणादायक परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना था कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा शहर की नई पहचान बनेगी और आने वाले वर्षों में यह स्थान पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र भी बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना इंदौर की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगी।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या समय रहते दूर की जा सके। सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है और विशेषज्ञों की देखरेख में निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, हरियाली और नागरिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा ताकि यह स्थान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। शहर के कई नागरिकों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका मानना है कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे। ऐसे में उनकी विशाल प्रतिमा नई पीढ़ी को प्रेरित करने के साथ-साथ इंदौर की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगी।
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इंदौर में बनेगी देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा, काम अंतिम चरण में
इंदौर,(म.प्र.)
इंदौर में देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। शहर के वार्ड क्रमांक-85 में निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और प्रतिमा के लिए तैयार किए जा रहे विशाल पेडेस्टल का निर्माण लगभग पूरा होने की ओर है। बुधवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर पूरे कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और तय समयसीमा की विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। नगर निगम के अनुसार प्रतिमा का निर्माण निर्धारित योजना के अनुसार किया जा रहा है। इस समय सबसे अधिक ध्यान प्रतिमा के आधार यानी पेडेस्टल को मजबूत और सुरक्षित बनाने पर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने महापौर को बताया कि आधार निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण का काम तेजी से किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए क्योंकि यह परियोजना केवल इंदौर ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण बनने जा रही है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निर्माण स्थल पर मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने परियोजना से जुड़े हर चरण की जानकारी ली और पूछा कि किन-किन कार्यों को अभी पूरा किया जाना बाकी है। निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि सभी काम निर्धारित समय के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। यदि मौसम या अन्य किसी कारण से कोई बड़ी बाधा नहीं आती है तो अगले महीने प्रतिमा के भव्य अनावरण की तैयारी पूरी कर ली जाएगी। नगर निगम का कहना है कि अनावरण कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की योजना भी बनाई जा रही है। स्वामी विवेकानंद देश के उन महान व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं जिन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। उनके विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। नगर निगम का मानना है कि इतनी विशाल प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों से जोड़ने का भी माध्यम बनेगी। शहर आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक प्रमुख आकर्षण बनने की संभावना है।
निरीक्षण के बाद महापौर ने वार्ड क्रमांक-84 में निर्माणाधीन शासकीय स्कूल का भी दौरा किया। वहां उन्होंने भवन निर्माण की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं प्राथमिकता में हैं और इन्हें समय पर पूरा करना जरूरी है। स्कूल भवन बनने के बाद आसपास के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। महापौर ने कहा कि इंदौर लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहर में सड़क, शिक्षा, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्रेरणादायक परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना था कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा शहर की नई पहचान बनेगी और आने वाले वर्षों में यह स्थान पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र भी बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना इंदौर की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगी।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या समय रहते दूर की जा सके। सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है और विशेषज्ञों की देखरेख में निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, हरियाली और नागरिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा ताकि यह स्थान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। शहर के कई नागरिकों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका मानना है कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे। ऐसे में उनकी विशाल प्रतिमा नई पीढ़ी को प्रेरित करने के साथ-साथ इंदौर की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगी।
