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ग्वालियर में एम-परिवहन ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी, APK फाइल खोलते ही रेस्टोरेंट संचालक के खाते से 99,850 रुपये गायब
ग्वालियर (म.प्र.)
आरटीओ के नाम से आए फर्जी व्हाट्सऐप मैसेज ने मोबाइल किया हैक, चार दिन बाद दतिया दर्शन के दौरान सामने आई ठगी
ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने एम-परिवहन ई-चालान के नाम पर एक रेस्टोरेंट संचालक को ठगी का शिकार बना लिया। व्हाट्सऐप पर भेजी गई एक फर्जी APK फाइल खोलते ही पीड़ित का मोबाइल हैक हो गया और चार दिन बाद उसके बैंक खाते से करीब एक लाख रुपये निकाल लिए गए। मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने बैंक खाता ब्लॉक कराया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
हजीरा थाना क्षेत्र की न्यू ग्रेसिम विहार कॉलोनी, चार शहर का नाका निवासी 39 वर्षीय शैलेन्द्र बैस चार शहर का नाका स्थित ‘राधव’ रेस्टोरेंट के संचालक हैं। उनका खाता ICICI बैंक की तानसेन नगर शाखा में है। पुलिस के अनुसार, शैलेन्द्र बैस एक सामान्य कारोबारी हैं और किसी भी तरह की ऑनलाइन गतिविधि में सतर्कता के बावजूद ठगों के जाल में फंस गए।
25 नवंबर को तबीयत खराब होने के कारण शैलेन्द्र बैस घर पर ही थे। इसी दौरान उनके व्हाट्सऐप पर आरटीओ के नाम से एक मैसेज आया, जिसमें एम-परिवहन ई-चालान की जानकारी दी गई थी। मैसेज के साथ एक APK फाइल भेजी गई थी, जिसमें उनकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी दर्ज था। विवरण सही लगने के कारण उन्होंने फाइल खोल ली। फाइल ओपन करते ही मोबाइल हैक हो गया, हालांकि उस समय कोई तत्काल नुकसान नजर नहीं आया।
चार दिन बाद शैलेन्द्र बैस दतिया स्थित पीतांबरा पीठ दर्शन के लिए गए थे। दर्शन कर लौटते समय उनके मोबाइल पर बैंक से दो मैसेज आए। मैसेज में बताया गया कि उनके खाते से दो बार में 49,950 रुपये और 49,900 रुपये निकाल लिए गए हैं। कुल 99,850 रुपये की निकासी की जानकारी मिलते ही वे घबरा गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित तुरंत ICICI बैंक पहुंचे और अपना खाता ब्लॉक कराया। इसके बाद उन्होंने ई-जीरो पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। बाद में हजीरा थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस मामले में सीएसपी रोबिन जैन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड या ओपन न करें, भले ही वह सरकारी विभाग के नाम से आई हो। उन्होंने बताया कि ठग इस तरह की फाइलों के जरिए मोबाइल का एक्सेस लेकर बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मोबाइल की तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही लोगों से लगातार जागरूक रहने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील की जा रही है।
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ग्वालियर (म.प्र.)
ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने एम-परिवहन ई-चालान के नाम पर एक रेस्टोरेंट संचालक को ठगी का शिकार बना लिया। व्हाट्सऐप पर भेजी गई एक फर्जी APK फाइल खोलते ही पीड़ित का मोबाइल हैक हो गया और चार दिन बाद उसके बैंक खाते से करीब एक लाख रुपये निकाल लिए गए। मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने बैंक खाता ब्लॉक कराया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
हजीरा थाना क्षेत्र की न्यू ग्रेसिम विहार कॉलोनी, चार शहर का नाका निवासी 39 वर्षीय शैलेन्द्र बैस चार शहर का नाका स्थित ‘राधव’ रेस्टोरेंट के संचालक हैं। उनका खाता ICICI बैंक की तानसेन नगर शाखा में है। पुलिस के अनुसार, शैलेन्द्र बैस एक सामान्य कारोबारी हैं और किसी भी तरह की ऑनलाइन गतिविधि में सतर्कता के बावजूद ठगों के जाल में फंस गए।
25 नवंबर को तबीयत खराब होने के कारण शैलेन्द्र बैस घर पर ही थे। इसी दौरान उनके व्हाट्सऐप पर आरटीओ के नाम से एक मैसेज आया, जिसमें एम-परिवहन ई-चालान की जानकारी दी गई थी। मैसेज के साथ एक APK फाइल भेजी गई थी, जिसमें उनकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी दर्ज था। विवरण सही लगने के कारण उन्होंने फाइल खोल ली। फाइल ओपन करते ही मोबाइल हैक हो गया, हालांकि उस समय कोई तत्काल नुकसान नजर नहीं आया।
चार दिन बाद शैलेन्द्र बैस दतिया स्थित पीतांबरा पीठ दर्शन के लिए गए थे। दर्शन कर लौटते समय उनके मोबाइल पर बैंक से दो मैसेज आए। मैसेज में बताया गया कि उनके खाते से दो बार में 49,950 रुपये और 49,900 रुपये निकाल लिए गए हैं। कुल 99,850 रुपये की निकासी की जानकारी मिलते ही वे घबरा गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित तुरंत ICICI बैंक पहुंचे और अपना खाता ब्लॉक कराया। इसके बाद उन्होंने ई-जीरो पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। बाद में हजीरा थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस मामले में सीएसपी रोबिन जैन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड या ओपन न करें, भले ही वह सरकारी विभाग के नाम से आई हो। उन्होंने बताया कि ठग इस तरह की फाइलों के जरिए मोबाइल का एक्सेस लेकर बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मोबाइल की तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही लोगों से लगातार जागरूक रहने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील की जा रही है।
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