एमपी में छात्र की आत्महत्या या अप्राकृतिक मौत पर पुलिस को सूचना अनिवार्य

भोपाल (म.प्र.)

On

उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा निर्देश, सभी कॉलेजों को यूजीसी नियमों का सख्ती से पालन और चार माह में पद भरने के आदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश में किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र की आत्महत्या या अप्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में अब पुलिस को तत्काल सूचना देना अनिवार्य होगा। यह जिम्मेदारी सीधे संबंधित शैक्षणिक संस्था के प्रबंधन की होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि घटना परिसर के भीतर हुई हो या बाहर, जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित करना अनिवार्य रहेगा।

यह निर्देश प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों पर लागू होगा। हाल ही में कुलगुरुओं के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 15 जनवरी 2026 के आदेश का हवाला देते हुए सख्त अनुपालन के निर्देश दिए गए। आदेश के अनुसार, ऐसी सभी घटनाओं की वार्षिक रिपोर्ट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और संबंधित नियामक संस्थाओं को भी भेजना आवश्यक होगा।

उच्च शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों को यूजीसी के बाध्यकारी नियमों पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। इसमें एंटी-रैगिंग व्यवस्था, समान अवसर प्रकोष्ठ, आंतरिक शिकायत समिति और छात्र शिकायत निवारण प्रणाली को सक्रिय और प्रभावी बनाना शामिल है। इन व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लंबे समय से खाली पड़े शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को चार महीने के भीतर भरा जाए। खास तौर पर आरक्षित वर्गों से जुड़े पदों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि स्टाफ की कमी के कारण शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्र सहायता सेवाओं पर असर पड़ता है।

छात्रों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए आवासीय शिक्षण संस्थानों में 24×7 आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने या कम से कम एक किलोमीटर के दायरे में ऐसी सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि छात्रों को समय रहते परामर्श और सहयोग मिल सके।

छात्रवृत्तियों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया है। सभी लंबित छात्रवृत्तियों का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि छात्रवृत्ति में देरी के कारण किसी भी छात्र को परीक्षा, कक्षा, हॉस्टल, डिग्री या अंकसूची से वंचित नहीं किया जाएगा।

शैक्षणिक सुधारों के तहत सभी विश्वविद्यालयों को परीक्षा प्रणाली में डिजिटल मूल्यांकन अनिवार्य रूप से अपनाने को कहा गया है। साथ ही अकादमिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत मिली राशि का समय-सीमा में उपयोग करने और शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, नवाचार और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों पर फोकस बढ़ाने को कहा गया है।

उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि छात्रों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सहयोगी शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। इसे राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

---------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
30 Jan 2026 By Nitin Trivedi

एमपी में छात्र की आत्महत्या या अप्राकृतिक मौत पर पुलिस को सूचना अनिवार्य

भोपाल (म.प्र.)

भोपाल। मध्यप्रदेश में किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र की आत्महत्या या अप्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में अब पुलिस को तत्काल सूचना देना अनिवार्य होगा। यह जिम्मेदारी सीधे संबंधित शैक्षणिक संस्था के प्रबंधन की होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि घटना परिसर के भीतर हुई हो या बाहर, जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित करना अनिवार्य रहेगा।

यह निर्देश प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों पर लागू होगा। हाल ही में कुलगुरुओं के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 15 जनवरी 2026 के आदेश का हवाला देते हुए सख्त अनुपालन के निर्देश दिए गए। आदेश के अनुसार, ऐसी सभी घटनाओं की वार्षिक रिपोर्ट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और संबंधित नियामक संस्थाओं को भी भेजना आवश्यक होगा।

उच्च शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों को यूजीसी के बाध्यकारी नियमों पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। इसमें एंटी-रैगिंग व्यवस्था, समान अवसर प्रकोष्ठ, आंतरिक शिकायत समिति और छात्र शिकायत निवारण प्रणाली को सक्रिय और प्रभावी बनाना शामिल है। इन व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लंबे समय से खाली पड़े शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को चार महीने के भीतर भरा जाए। खास तौर पर आरक्षित वर्गों से जुड़े पदों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि स्टाफ की कमी के कारण शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्र सहायता सेवाओं पर असर पड़ता है।

छात्रों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए आवासीय शिक्षण संस्थानों में 24×7 आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने या कम से कम एक किलोमीटर के दायरे में ऐसी सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि छात्रों को समय रहते परामर्श और सहयोग मिल सके।

छात्रवृत्तियों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया है। सभी लंबित छात्रवृत्तियों का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि छात्रवृत्ति में देरी के कारण किसी भी छात्र को परीक्षा, कक्षा, हॉस्टल, डिग्री या अंकसूची से वंचित नहीं किया जाएगा।

शैक्षणिक सुधारों के तहत सभी विश्वविद्यालयों को परीक्षा प्रणाली में डिजिटल मूल्यांकन अनिवार्य रूप से अपनाने को कहा गया है। साथ ही अकादमिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत मिली राशि का समय-सीमा में उपयोग करने और शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, नवाचार और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों पर फोकस बढ़ाने को कहा गया है।

उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि छात्रों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सहयोगी शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। इसे राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

---------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cyber-registrar-started-in-mp-75-services-including-lease-and/article-44751

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.